शहडोल के जिला अस्पताल के ओपीडी में ताला लगाकर चले गए कर्मचारी, घंटों कमरे में कैद रहा मरीज

शहडोल। कुशाभाऊ ठाकरे जिला अस्पताल की बदहाल व्यवस्था और कर्मचारियों की घोर लापरवाही का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां इलाज कराने पहुंचे अनूपपुर जिले के एक मरीज को कर्मचारियों ने कथित तौर पर ओपीडी के कमरे में बंद कर बाहर से ताला जड़ दिया। घंटों कमरे में कैद रहा पीड़ित मदद की गुहार लगाता रहा। काफी देर बाद जब सुरक्षा गार्ड की नजर पड़ी, तब ताला खोलकर उसे बाहर निकाला गया। जानकारी के अनुसार, अनूपपुर जिले के बिजुरी निवासी मोहम्मद अमजद इलाज कराने के लिए शहडोल जिला अस्पताल आए थे। वे ओपीडी के कमरा नंबर 14 में डॉक्टर को दिखाने पहुंचे थे। इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों ने कमरे की जांच किए बिना बाहर से ताला लगा दिया। खुद को बंद पाकर मरीज ने बाहर निकलने के लिए काफी देर तक आवाज लगाई, जिससे उसकी तबीयत और बिगड़ने लगी। घंटों बाद गार्ड ने जब अंदर हलचल देखी, तब जाकर कमरा खुला।
दूसरे राज्य से भी आते हैं मरीज
शहडोल संभाग का सबसे बड़ा अस्पताल होने के कारण यहां अनूपपुर, उमरिया सहित पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ से भी बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं। ऐसे में ओपीडी बंद करने से पहले मरीज की मौजूदगी पर ध्यान न देना अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली और मरीजों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
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सिविल सर्जन ने कहा कार्रवाई की जाएगी
इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ. शिल्पी सराफ ने कहा कि,मामला संज्ञान में आया है। इस लापरवाही की जांच कर दोषी व्यक्ति के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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