जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति के लिए हाईकोर्ट पहुंचा यूथ कांग्रेस, 9 अक्टूबर को सुनवाई

नई दिल्ली। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। इसी बीच इंडियन यूथ कांग्रेस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिका पर 9 अक्टूबर को सुनवाई करने पर सहमति जताई है। इंडियन यूथ कांग्रेस ने दिल्ली पुलिस के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें जंतर-मंतर पर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार किया गया था। संगठन ने करीब 100 से 150 लोगों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए अनुमति मांगी थी।
पुलिस की अनुमति के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचा यूथ कांग्रेस
इंडियन यूथ कांग्रेस ने 25 सितंबर को दिल्ली पुलिस के पास प्रदर्शन की अनुमति के लिए आवेदन किया था। संगठन के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा, ट्रैफिक और कानून-व्यवस्था से जुड़े सभी नियमों का पालन करने का भरोसा दिया गया था। पुलिस ने 1 अक्टूबर को प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया। इसके बाद यूथ कांग्रेस ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर पुलिस के फैसले को चुनौती दी। याचिका में संगठन ने तर्क दिया है कि शांतिपूर्ण सभा को नियंत्रित करने की पुलिस की शक्ति का इस्तेमाल उसे पूरी तरह रोकने के लिए नहीं किया जा सकता और किसी भी प्रतिबंध का आकलन परिस्थितियों के आधार पर होना चाहिए।
वरिष्ठ वकील ने जल्द सुनवाई की मांग की
वरिष्ठ अधिवक्ता संजॉय घोष ने दिल्ली हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नितिन वासुदेव सांबरे की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष मामले का उल्लेख कर जल्द सुनवाई की मांग की। कोर्ट ने मामले को शुक्रवार को सुनने पर सहमति जताई है। यूथ कांग्रेस की ओर से कहा गया है कि प्रस्तावित प्रदर्शन में युवा, छात्र और कार्यकर्ता शामिल होंगे। संगठन ने प्रदर्शन के दौरान किसी हथियार या प्रतिबंधित वस्तु का इस्तेमाल नहीं करने और सड़क, फुटपाथ या आपातकालीन रास्तों पर जानबूझकर बाधा नहीं डालने का भरोसा भी दिया था। भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए वॉलंटियर और मार्शल तैनात करने की बात भी कही गई थी।
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चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष का प्रदर्शन
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी दलों का विरोध प्रदर्शन पिछले कुछ दिनों से जारी है। 6 अक्टूबर को इंडिया ब्लॉक के सांसदों ने संसद भवन से चुनाव आयोग की ओर मार्च किया था। पुलिस ने मार्च को आगे बढ़ने से रोक दिया था। इसके बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं ने आकाशवाणी भवन परिसर के पास धरना दिया था। पुलिस ने बाद में कई नेताओं को हिरासत में लिया। इसके बाद 7 अक्टूबर को भी विपक्षी सांसदों ने जंतर-मंतर की ओर प्रदर्शन किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका और राहुल गांधी समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया।
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राहुल-प्रियंका के खिलाफ FIR
आकाशवाणी भवन में कथित तौर पर बिना अनुमति प्रवेश कर धरना देने के मामले में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के खिलाफ FIR भी दर्ज की गई है। पुलिस और विपक्ष के बीच इस मुद्दे को लेकर टकराव लगातार बढ़ता नजर आ रहा है। वहीं चुनाव आयोग ने विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि मतदाता सूची के SIR का उद्देश्य मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करना है और निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है।




















