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एमपी की संस्कृति पर बनी ‘यादों में गणगौर’ अमेरिकी ओटीटी पर रिलीज

भोपाल के सुदीप की डॉक्यूमेंट्री का अंतर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल अमेरिका में होगा प्रदर्शन
एमपी की संस्कृति पर बनी ‘यादों में गणगौर’ अमेरिकी ओटीटी पर रिलीज

युवा फिल्मकार सुदीप सोहनी की डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘यादों में गणगौर’ लगातार चर्चा में है। दुनिया भर के फिल्म समारोहों में प्रदर्शन के बीच यह अमेरिका के आर्कियोलॉजिकल चैनल द्वारा स्थापित ओटीटी प्लेटफॉर्म ‘हैरिटेज ब्रॉडकास्टिंग’ पर रिलीज हुई है। यह चैनल दुनिया भर की संस्कृति और पुरातत्व से संबंधित चुनिंदा डॉक्यूमेंट्री फिल्मों का प्रदर्शन करता है। मप्र की संस्कृति को दर्शाती यह फिल्म अंग्रेजी में ‘रेमिनिसेंस आॅफ गणगौर’ नाम से रिलीज हुई है। इसका प्रदर्शन 14-19 मई को अमेरिका के ओरेगॉन प्रांत के यूजीन शहर में होने वाले 20वें आर्कियोलॉजिकल चैनल अंतर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में वीडियो बार श्रेणी में होगा। इस प्रतिष्ठित समारोह में यह भारत से चयनित एकमात्र फिल्म है।

त्रिनिदाद एंड टोबेगो में भी प्रदर्शन

हाल ही में मार्च 2024 में फिल्म त्रिनिदाद एंड टोबेगो के पोर्ट आॅफ स्पेन में 6वें फिल्म एंड फोकलोर फेस्टिवल में दिखाई गई है। इसके पहले अगस्त 2023 में 14वें शिकागो साउथ एशियन अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह, शिकागो (अमेरिका), 7वें चलचित्रम अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह (गुवाहाटी), 9वें शिमला अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह, (शिमला) में फिल्म के प्रदर्शन हुए। जनवरी 2024 में 7वें अंतर्राष्ट्रीय लोकगाथा फिल्म समारोह, त्रिस्सूर (केरल) में फिल्म का प्रदर्शन हो चुका है।

‘यादों में गणगौर’ इसलिए है खास

गांव-देहात की लोक परंपरा किस तरह समय के साथ एक सांस्कृतिक यात्रा और इतिहास बन जाती है, यह फिल्म उसी की यात्रा करती है। गांव की पिछले 100 सालों की पारंपरिक व्यवस्था का इतिहास इस फिल्म में दर्ज है। साल 2015 में खंडवा के पास स्थित ननिहाल कालमुखी में पिछले 100 वर्षों से जारी गणगौर अनुष्ठान के दरमियान इसके फिल्मांकन का विचार मुझे आया और फिर अगले दो वर्ष तक गणगौर पर्व के समय हमने इसका फिल्मांकन किया। इसमें पारंपरिक अनुष्ठान के अतिरिक्त जमुना देवी उपाध्याय, बसंत निर्गुणे, संजय महाजन, विनय उपाध्याय, आलोचना मांगरोले समेत ग्रामीण व लोक कलाकारों के साक्षात्कार, गणगौर के गीत और गांव की परंपरा का फिल्मांकन किया गया है। - सुदीप सोहनी, स्वतंत्र फिल्मकार

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