सारंगपुर-मढ़ई शराब दुकान मामला: जनवरी-फरवरी की नीलामी में शामिल नहीं होगी दुकान; आदिवासी महिलाओं का धरना खत्म
सोहागपुर। प्रशासन के लिखित आश्वासन के बाद शराब दुकान हटाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रही आदिवासी महिलाओं ने अपना धरना समाप्त कर दिया। मंगलवार शाम से सारंगपुर और आसपास के गांवों की सैकड़ों आदिवासी महिलाएं शराब दुकान के सामने धरने पर बैठी थीं पूरी रात और बुधवार दिनभर आंदोलन जारी रहा। शाम को आंदोलनकारियों ने लांघा-बम्होरी मोड़ पहुंचकर स्टेट हाईवे पर धरना शुरू कर दिया, जिससे करीब दो घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। प्रशासन के लिखित निर्णय के बाद फिलहाल आंदोलन समाप्त हो गया है।
जनवरी-फरवरी की नीलामी में शामिल नहीं होगी दुकान
एसडीएम डॉ. बबीता राठौर की ओर से 7 अक्टूबर को जारी लिखित सूचना में कहा गया कि सारंगपुर-मढ़ई की कम्पोजिट शराब दुकान को तीन माह बाद होने वाली जनवरी-फरवरी की नीलामी प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने यह भी कहा कि क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा आवश्यक कार्रवाई लगातार जारी रखी जाएगी। लिखित आश्वासन में आंदोलनकारियों द्वारा पूर्व में रखी गई मांगों के संबंध में जारी पत्रों का भी उल्लेख किया गया है।
पूरी रात और दिनभर जारी रहा महिलाओं का धरना
शराब दुकान हटाने की मांग को लेकर मंगलवार शाम से सारंगपुर और आसपास के गांवों की सैकड़ों आदिवासी महिलाएं शराब दुकान के सामने धरने पर बैठी थीं। महिलाओं ने पूरी रात और बुधवार दिनभर धरना जारी रखा, इसके बाद शाम को आंदोलनकारी सारंगपुर-मढ़ई से निकलकर लांघा-बम्होरी मोड़ पहुंचीं। यहां स्टेट हाईवे पर धरना शुरू करने से करीब दो घंटे तक यातायात प्रभावित रहा और जाम की स्थिति बनी रही, हालांकि जाम में फंसी एंबुलेंस को रास्ता भी दिया गया।
लिखित आश्वासन के बाद हाईवे से उठीं महिलाएं
एसडीएम के लिखित आश्वासन और दुकान को आगामी नीलामी में शामिल नहीं किए जाने की स्पष्ट घोषणा के बाद आदिवासी महिलाएं हाईवे से उठ गईं और धरना समाप्त कर दिया। वरिष्ठ युवा कांग्रेसी नेता नीरज चौधरी ने बताया कि आंदोलन का नेतृत्व पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष पुष्पराज पटेल और युवक कांग्रेस की प्रदेश महासचिव और क्षेत्र की आदिवासी नेता सुरेखा शाह कर रही थीं। धरने में पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष संतोष मालवीय, नगर कांग्रेस अध्यक्ष प्रशांत जायसवाल, नीरज चौधरी, अनंत तिवारी सहित कांग्रेस के अनेक नेता मौजूद रहे।
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बाकी मांगों के निराकरण के लिए दिशा-निर्देश जारी
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि आंदोलनकारियों द्वारा पूर्व में रखी गई मांगों के संबंध में संबंधित पत्र पहले ही जारी किए जा चुके हैं। बाकी मांगों के निराकरण के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं, साथ ही क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन की कार्रवाई जारी रहेगी। शराब दुकान को आगामी नीलामी प्रक्रिया में शामिल नहीं किए जाने की घोषणा को आंदोलनकारियों की प्रमुख मांग पर प्रशासन की महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
रात से ही तैनात रहा पुलिस बल
आंदोलन को देखते हुए मंगलवार शाम से ही पुलिस-प्रशासन की निगरानी बनी रही और एसडीओपी अरविंद साहा, टीआई गिरीश त्रिपाठी सहित पुलिस बल सारंगपुर-मढ़ई और स्टेट हाईवे पर लगातार तैनात रहा। हाईवे पर आंदोलन के दौरान भी पुलिस बल मौजूद रहा और स्थिति पर नजर रखी गई। प्रशासन के लिखित निर्णय के बाद फिलहाल आंदोलन समाप्त हो गया है और क्षेत्र में स्थिति सामान्य है।























