139 यूनिट खपत, बिजली कंपनी ने 54 गुना बढ़ाकर थमा दिया बिल, लोकपाल के पास पहुंची शिकायत तो मिली राहत

भोपाल। जबलपुर की एक घरेलू बिजली उपभोक्ता को सामान्य खपत से करीब 54 गुना अधिक बिजली इस्तेमाल करने का बिल थमा दिया गया। असामान्य बिल के खिलाफ शिकायत निवारण फोरम से राहत नहीं मिलने पर मामला विद्युत लोकपाल के पास पहुंचा। सुनवाई के बाद लोकपाल ने बिल का औसत खपत के आधार पर समायोजन करने और अपील खर्च के तौर पर 2,000 रुपए देने के निर्देश दिए हैं।
बिल की गणना पर उठाया सवाल
जबलपुर निवासी मेहरूनिशा बेगम के घरेलू कनेक्शन की खपत के रिकॉर्ड में अप्रैल से जून 2024 के दौरान अधिकतम 142 यूनिट दर्ज थी। जुलाई में खपत शून्य रही, जबकि अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर में करीब 110 यूनिट प्रतिमाह बिजली इस्तेमाल हुई। जनवरी 2025 में भी खपत 139 यूनिट थी। ऐसे में अगले ही महीने 7,542 यूनिट की खपत दर्ज होने पर उपभोक्ता ने बिल की गणना पर सवाल उठाया। उपभोक्ता ने शिकायत में कहा कि इतनी अधिक खपत उसके घरेलू इस्तेमाल के लिहाज से संभव नहीं है।
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मीटर गायब होने का कंपनी का तर्क
पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने लोकपाल के समक्ष बताया कि उपभोक्ता के परिसर में लगा मीटर गायब मिला था। इसके बाद नया मीटर लगाया गया। कंपनी के अनुसार पुराने मीटर में 7,542 यूनिट खपत दर्ज थी और जांच के दौरान रीडिंग 10,255 भी पाई गई। मीटर की दक्षता जांच किए जाने का भी कंपनी ने दावा किया।
लोकपाल ने माना प्रक्रिया में कमी
विद्युत लोकपाल एमएस तोमर ने माना कि एक माह में 7,542 यूनिट खपत का आधार पर्याप्त रूप से स्पष्ट नहीं किया गया। साथ ही उपभोक्ता को मीटर की शुद्धता की स्वतंत्र जांच का पर्याप्त अवसर नहीं मिला। लोकपाल ने विवादित बिल का औसत खपत के आधार पर समायोजन करने के साथ उपभोक्ता को 2000 रुपए अपील खर्च देने का आदेश दिया।
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