Garima Vishwakarma
20 Jan 2026
भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने हिंदू सम्मेलन को लेकर भाजपा पर तंज कसा है। उन्होंने यहां जारी एक बयान में कहा कि भाजपा और RSS का धर्म से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि ये कहते हैं हिंदुओं एक हो जाओ हिंदू खतरे में हैं और AIMIM के असदुद्दीन ओवैसी कहते हैं कि मुसलमानों एक हो जाओ हिंदुओं से खतरे में हैं। कोई खतरे में नहीं है, बीजेपी और ओवैसी मिलकर खेल खेलते हैं। उन्होंने कहा कि न हिंदुओं को खतरा है और न मुसलमानों को खतरा है, आपस की लड़ाई के कारण देश को खतरा है।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि हमें मिलकर देश को बचाना है। उन्होंने कहा कि सावरकरजी और जिन्नाजी ने एक बार देश का बंटवारा करा दिया। अब देश का बंटवारा नहीं, यहां मोहल्लों का बंटवारा हो रहा है। शहरों का बंटवारा हो गया है। कई जगह ऐसा हो गया है मुसलमानों ने अपना मोहल्ला बना लिया, हिंदुओं ने अलग मोहल्ला बना लिया। ये बंटवारा क्यों हो रहा है। हम सब एक हैं। सबका मालिक एक है। हम भारतीय है। भारतवर्ष संविधान में दिया हुआ देश का नाम है।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि हिंदू शब्द वैदिक शब्द नहीं है। यह फारसी शब्द है। फारसी स को ह बोलते हैं। सिंध नदी के इस पार जो लोग रहते थे, वो हिंदू कहलाने लगे। इसलिए RSS प्रमुख मोहन भागवत ठीक कहते हैं कि हिंदू-मुसलमान, हिंदू-ईसाई, हिंदू-सिख, हिंदू धर्म नहीं बल्कि एक भौगोलिक शब्द है। हमारा धर्म सनातन है। जिसका कोई अंत नहीं, वो सनातन, यही हमारा धर्म है। हजारों वर्षों से चर्चा हुई है। उसका निचोड़ है कि नर ही नारायण है, अद्वैत वेदांत में कहा गया है। आदि शंकराचार्य ने चार मठ स्थापित किए, उन्होंने अद्वैत वेदांत बताया। इसका मतलब है कि नर ही नारायण है। मुझे कहीं जाने की जरूरत है। इनको कौन समझाए सनातन की परिभाषा?
दिग्विजय सिंह ने कहा कि ये हिंदुत्व के साथी हैं, सनातन के साथी नहीं हैं। अगर होते तो मणिकर्णिका घाट तोड़ा नहीं जाता। दुख की बात यह है कि मां अहिल्या जिन्होंने सनातन धर्म के लिए आगे आकर काम किया काशी विश्वनाथ का मंदिर का निर्माण कराया था, उनकी प्रतिमा तोड़ दी गई, उनका महल तोड़ दिया गया ये सनातन है? उन्होंने कहा कि हिंदुत्व शब्द सावरकरजी ने दिया और उन्होंने कहा था कि हिंदू धर्म नहीं पहचान है।
सिंह ने कहा कि शंकराचार्यजी की पीठ स्थापित है। पुलिस ने जोशीमठ के शंकराचार्यजी के साथ पुलिस ने दुर्व्यवहार किया। वो चाहते थे मौनी अमावस्या पर स्नान, पालकी में जा रहे थे। हम सोच नहीं सकते थे कि महंत आदित्यनाथ जैसे मुख्यमंत्री की पुलिस दुर्व्यवहार करेगी। हम उसकी निंदा करते हैं। दुख की बात है कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को अनशन करना पड़ रहा है।हमारी पूरी संवेदना उनके साथ है। पीएम मोदी और योगी आदित्यनाथ को माफी मांगना चाहिए। पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होना चाहिए।