
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के कैबिनेट मंत्री चंद्रनाथ सिन्हा के घर से ED ने 40 लाख कैश जब्त किया है। ईडी का आरोप है कि चंद्रनाथ सिन्हा 40 लाख कैश का स्त्रोत नहीं बता पाए। सबूत जुटाने के लिए जांच एजेंसी ने मंत्री का फोन भी जब्त कर लिया है। टीचर भर्ती घोटाले में कई ठिकानों पर छापेमारी चल रही है।
शुक्रवार (22 मार्च) को शिक्षक भर्ती घोटाले के मामले में ईडी ने मंत्री चंद्रनाथ सिन्हा के बीरभूम के बोलपुर स्थित आवास समेत कई जगहों पर छापेमारी की थी। ईडी की टीम शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे उनके घर दाखिल हुई और रात करीब 10.30 बजे निकली। मैराथन छापेमारी और पूछताछ करीब 13 घंटे तक चली।
कौन हैं चंद्रनाथ सिन्हा
ममता बनर्जी सरकार में चंद्रनाथ सिन्हा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) और कपड़ा मंत्रालय का प्रभार संभाल रहे थे। तलाशी अभियान के दौरान सिन्हा अपने आवास पर नहीं थे। वह करीब 90 किलोमीटर दूर मुरारई में अपने पैतृक घर पर थे।
मुख्य सचिव को हाई कोर्ट का नोटिस
भर्ती भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार सरकारी अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही शुरू करने के लिए राज्य सरकार की मंजूरी आवश्यक है। सीबीआइ का आरोप है कि, उन्हें अब तक कोई मंजूरी नहीं मिली है। इसी को लेकर कलकत्ता हाई कोर्ट ने शुक्रवार को राज्य के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर 3 अप्रैल तक एक रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।
राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी, पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग के पूर्व सचिव अशोक साहा, पश्चिम बंगाल सेकंडरी शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष कल्याणमय गांगुली और एसएससी के पूर्व अध्यक्ष सुबीर भट्टाचार्य की जमानत याचिकाओं पर कोर्ट में सुनवाई हुई।
क्या है शिक्षक भर्ती घोटाला?
पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्रियों के खिलाफ हो रही ये पूरी कार्रवाई शिक्षक भर्ती घोटाले से जुड़ी है। ये भर्ती प्रक्रिया साल 2016 में शुरू हुई थी, जिसमें आरोप लगाया गया कि फर्जी तरीके से भर्ती कराने के लिए ओएमआर शीट में हेरफेर किया गया। इसमें लाखों रुपए घूस लेकर फेल उम्मीदवारों को पास कराया गया। आरोप है कि इस मामले में सीधे शिक्षा मंत्री शामिल थे।
चटर्जी के खिलाफ कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका भी दाखिल की जा चुकी है, जिसमें उनके 10 करीबियों को अवैध तरीके से नौकरी देने का आरोप लगा है। याचिका में कहा गया है कि ये लोग चटर्जी के सिक्योरिटी गार्ड के रिश्तेदार हैं। कोर्ट अगले हफ्ते मामले की सुनवाई कर सकती है।
पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी, उनकी कथित करीबी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी और कई वरिष्ठ अधिकारियों को पैसे के बदले नौकरी घोटाले में कथित संलिप्तता के लिए गिरफ्तार किया गया है।