बांधवगढ़ में गिद्धों की गिनती :गरुड़ ऐप से हर टीम की लाइव लोकेशन और डेटा पहुंचेगा कंट्रोल रूम

उमरिया। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में इस वर्ष ग्रीष्मकालीन गिद्ध गणना को हाईटेक बनाने की तैयारी पूरी हो चुकी है। आगामी 22 से 25 मई तक चलने वाले इस 4 दिवसीय महाअभियान में पहली बार बड़े पैमाने पर आधुनिक 'गरुड़ ऐप' का इस्तेमाल किया जाएगा। चार दिवसीय इस महत्वपूर्ण अभियान में करीब 250 वनकर्मी और 10 से 20 एनजीओ प्रतिनिधि शामिल होंगे, जिन्हें अलग-अलग दलों में बांटकर गिद्धों के बसेरों, जल स्रोतों और भोजन स्थलों पर तैनात किया जाएगा। गरुड़ ऐप के जरिए हर टीम की लाइव लोकेशन और डेटा सीधे कंट्रोल रूम को मिलेगा।
पिछले साल मिले थे 700 से ज्यादा गिद्ध
पर्यावरण संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले इन 'नेचुरल क्लीनर्स' की सुरक्षा को लेकर वन विभाग बेहद गंभीर है। गौरतलब है कि बांधवगढ़ का घना जंगल व्हाइट रम्प्ड, लॉन्ग बिल्ड, रेड हेडेड और इजिप्शियन जैसी दुर्लभ प्रजातियों के अनुकूल माना जाता है। पिछले वर्ष की गणना में यहां 700 से अधिक गिद्ध दर्ज किए गए थे।
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अभियान के मुख्य आंकड़े और तथ्य
- 250 वनकर्मी गणना को त्रुटिहीन बनाने के लिए मैदानी स्तर पर तैनात रहेंगे।
- 10 से 20 एनजीओ प्रतिनिधि वन विभाग की टीमों के साथ मिलकर इस सर्वे में सहयोग करेंगे।
- पिछली गणना के दौरान बांधवगढ़ के अनुकूल वातावरण में 700+ पक्षी दर्ज किए गए थे, जिसके इस बार बढ़ने की उम्मीद है।
- इस वन क्षेत्र में मुख्य रूप से व्हाइट रम्प्ड, लॉन्ग बिल्ड, रेड हेडेड और इजिप्शियन गिद्ध पाए जाते हैं। इनमें से कुछ प्रजातियां वर्तमान में विलुप्ति के कगार पर हैं।
गिद्धों की गिनती के लिए दिया विशेष प्रशिक्षण
गिद्धों की पहचान और गणना एक जटिल तकनीकी प्रक्रिया है। इसके लिए पार्क के मैदानी अमले को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।
डॉ. अनुपम सहाय, क्षेत्र संचालक, बांधवगढ़
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