Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

Micron Technology:AI चिप्स से बढ़ी डिमांड, मार्केट कैप में Meta और Tesla को छोड़ा पीछे

AI चिप्स और मेमोरी की बढ़ती मांग से Micron Technology के शेयरों में 18% से ज्यादा उछाल आया। कंपनी का मार्केट कैप इंट्राडे में Meta और Tesla से भी आगे निकल गया।
AI चिप्स से बढ़ी डिमांड, मार्केट कैप में Meta और Tesla को छोड़ा पीछे

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर और हाई-बैंडविड्थ मेमोरी (HBM) चिप्स की बढ़ती मांग ने अमेरिकी सेमीकंडक्टर कंपनी Micron Technology को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। गुरुवार को कंपनी के शेयरों में जोरदार उछाल देखने को मिला, जिसके चलते कुछ समय के लिए माइक्रोन का मार्केट कैपिटलाइजेशन दुनिया की दिग्गज टेक कंपनियों Meta Platforms और Tesla से भी आगे निकल गया। कंपनी के मजबूत तिमाही अनुमान और AI सेक्टर में लगातार बढ़ती मांग ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया, जिससे माइक्रोन के शेयर इंट्राडे कारोबार में 18.4% तक उछल गए।

मार्केट वैल्यू 1.37 ट्रिलियन डॉलर पहुंची

कारोबार खत्म होने तक माइक्रोन टेक्नोलॉजी का शेयर 15.8% की बढ़त के साथ बंद हुआ। इस तेजी के बाद कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन बढ़कर लगभग 1.37 ट्रिलियन डॉलर पहुंच गया। इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान कंपनी की वैल्यू कुछ समय के लिए Meta और Tesla दोनों से आगे निकल गई थी। हालांकि बाजार बंद होने तक Meta का मार्केट कैप लगभग 1.38 ट्रिलियन डॉलर और Tesla का करीब 1.41 ट्रिलियन डॉलर रहा।

तिमाही आय का अनुमान उम्मीदों से कहीं ज्यादा

माइक्रोन ने अगस्त में समाप्त होने वाली चौथी तिमाही के लिए करीब 50 बिलियन डॉलर के रेवेन्यू का अनुमान जताया है। यह वॉल स्ट्रीट के 43.2 बिलियन डॉलर के अनुमान से काफी अधिक है। बेहतर गाइडेंस से यह संकेत मिला है कि AI डेटा सेंटर और क्लाउड कंपनियों की ओर से मेमोरी चिप्स की मांग अभी भी मजबूत बनी हुई है। यही वजह है कि निवेशकों ने कंपनी के शेयरों में जमकर खरीदारी की।

22 बिलियन डॉलर का एडवांस ऑर्डर

कंपनी ने बताया कि भविष्य में मेमोरी चिप्स की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए उसे ग्राहकों से करीब 22 बिलियन डॉलर के एडवांस कमिटमेंट मिल चुके हैं। इन ऑर्डर्स में खासतौर पर AI सर्वर में इस्तेमाल होने वाली हाई-बैंडविड्थ मेमोरी (HBM) और अन्य एडवांस्ड मेमोरी चिप्स की मांग शामिल है। इससे साफ है कि AI सेक्टर में निवेश लगातार बढ़ रहा है।

2027 के बाद तक बनी रह सकती है चिप्स की कमी

माइक्रोन के CEO संजय मेहरोत्रा ने कहा कि फिलहाल बाजार में मांग के मुकाबले सप्लाई काफी कम है। उनका मानना है कि मेमोरी चिप्स की यह कमी 2027 के बाद भी बनी रह सकती है और स्थिति में धीरे-धीरे सुधार 2028 से देखने को मिल सकता है।

ये भी पढ़ें: Apple Price Hike: भारत में MacBook और iPad की कीमतों में बढ़ोतरी, कुछ मॉडल ₹1 लाख तक महंगे

इस साल स्टॉक ने दिया 326% का रिटर्न

माइक्रोन ने मई 2026 में पहली बार 1 ट्रिलियन डॉलर के मार्केट कैप का आंकड़ा पार किया था। इसके बाद कंपनी की तेज रफ्तार लगातार जारी रही। सिर्फ तिमाही नतीजों के बाद ही कंपनी का शेयर 15% से ज्यादा चढ़ चुका है जबकि साल 2026 में अब तक इस स्टॉक ने निवेशकों को लगभग 326% का शानदार रिटर्न दिया है।

पूरे सेमीकंडक्टर सेक्टर में दिखी तेजी

माइक्रोन के मजबूत नतीजों का असर पूरे सेमीकंडक्टर सेक्टर पर देखने को मिला। फिलाडेल्फिया सेमीकंडक्टर इंडेक्स करीब 3.2% चढ़ गया और रिकॉर्ड तिमाही प्रदर्शन की ओर बढ़ता नजर आया। कंपनी की प्रतिद्वंद्वी SanDisk के शेयर 22%, Western Digital के 7.4% और Seagate Technology के शेयर 4.3% तक मजबूत हुए। वहीं Qualcomm के शेयरों में भी तेजी दर्ज की गई क्योंकि कंपनी ने AI डेटा सेंटर कारोबार के विस्तार की नई योजना पेश की है।

ये भी पढ़ें: Passport Price Hike: 1 जुलाई से पासपोर्ट बनवाना होगा महंगा, जानिए नई फीस, छूट और आवेदन की पूरी प्रक्रिया

Apple के फैसले से टेक सेक्टर में मिला-जुला माहौल

जहां माइक्रोन के नतीजों ने सेमीकंडक्टर कंपनियों को मजबूती दी वहीं टेक सेक्टर में मिला-जुला रुख देखने को मिला। Apple ने मेमोरी और स्टोरेज चिप्स की बढ़ती लागत को देखते हुए भारत सहित कई बाजारों में MacBook और iPad की कीमतें बढ़ाने का फैसला किया। इसके बाद Apple के शेयर करीब 6% टूट गए। विश्लेषकों का मानना है कि AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ता खर्च आने वाले समय में टेक कंपनियों की लागत और कीमतों दोनों को प्रभावित कर सकता है।

Sumit  Shrivastava
By Sumit Shrivastava

सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...Read More

Latest Posts