VIT IECS 2026:भारत समेत कई देशों के वैज्ञानिक जुटे, सेमीकंडक्टर व AI पर मंथन; 2300 शोध-पत्रों में 232 चयनित
सीहोर। VIT भोपाल यूनिवर्सिटी में आयोजित प्रथम IEEE इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन इंटेलिजेंट इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्प्यूटेशनल सिस्टम्स (IECS 2026) का सफल समापन हुआ। दो दिवसीय इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भारत सहित कई देशों के प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों और उद्योग विशेषज्ञों ने भाग लेकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), सेमीकंडक्टर, इंटेलिजेंट इलेक्ट्रॉनिक्स और उभरती तकनीकों पर नवीनतम शोध एवं नवाचारों पर विस्तृत चर्चा की। सम्मेलन में 2300 से अधिक शोध-पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से कठोर सहकर्मी समीक्षा के बाद केवल 232 शोध-पत्रों का चयन प्रस्तुति के लिए किया गया।
ग्लोबल शोध समुदाय से मिला अभूतपूर्व प्रतिसाद
स्कूल ऑफ इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग (SEEE) एवं IEEE स्टूडेंट ब्रांच द्वारा आयोजित इस सम्मेलन को दुनिया भर के शोध समुदाय से शानदार प्रतिक्रिया मिली। लगभग 10 प्रतिशत की स्वीकृति दर ने सम्मेलन की उच्च अकादमिक गुणवत्ता को साबित किया। चयनित शोध-पत्रों की प्रस्तुति नौ तकनीकी सत्रों में हुई, जहां शोधकर्ताओं ने अपने अभिनव अनुसंधान साझा किए।
उद्घाटन सत्र में कई दिग्गज विशेषज्ञ रहे मौजूद
सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के वाइस चेयरमैन प्रो. राजीव दीक्षित मुख्य अतिथि रहे। उनके साथ IEEE मध्य प्रदेश सेक्शन के अध्यक्ष प्रो. जी.एस. तोमर, चेयर-इलेक्ट डॉ. मनीष दीक्षित, आरजीपीवी के डॉ. जितेन्द्र अग्रवाल तथा IEEE मध्य प्रदेश सेक्शन के सचिव प्रो. एम.पी.एस. चावला सहित कई वरिष्ठ विशेषज्ञ उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अधिकारी, फैकल्टी, शोधार्थी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी शामिल हुए।
AI, IoT, साइबर सुरक्षा और VLSI जैसे विषयों पर हुआ मंथन
मीडिया प्रभारी प्रदीप एस. चौहान ने बताया कि सम्मेलन में डेटा साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, VLSI डिज़ाइन, RF एवं एंटीना डिज़ाइन, कम्युनिकेशन नेटवर्क, इलेक्ट्रिकल एवं पावर सिस्टम, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), क्लाउड कंप्यूटिंग, साइबर सुरक्षा, सिग्नल एवं इमेज प्रोसेसिंग, हेल्थकेयर और बायोटेक्नोलॉजी सहित अनेक अत्याधुनिक विषयों पर शोध प्रस्तुत किए गए। इस मंच ने उद्योग और शिक्षाजगत के बीच सहयोग को भी नई दिशा दी।
देश-विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों की रही भागीदारी
सम्मेलन में आईआईटी इंदौर, आईआईटी जम्मू, MANIT भोपाल, NIT पुडुचेरी, IITRAM अहमदाबाद, IET-DAVV इंदौर, बेनेट यूनिवर्सिटी, बिट्स पिलानी और आरजीपीवी सहित देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के शोध-पत्र शामिल रहे। वहीं फ्रांस, जर्मनी, अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, चीन और बेल्जियम सहित कई देशों के वैज्ञानिकों ने भी अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई।
सेमीकंडक्टर आत्मनिर्भरता पर विशेष चर्चा
सम्मेलन का प्रमुख आकर्षण VLSI Society of India के अध्यक्ष डॉ. सत्य गुप्ता का कीनोट संबोधन रहा। उन्होंने भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र को मजबूत बनाने, Chips to Startup (C2S) कार्यक्रम और शोधार्थियों के लिए उपलब्ध फंडिंग अवसरों की जानकारी दी। इसके अलावा "Building a Self-Reliant Semiconductor Ecosystem" विषय पर आयोजित विशेष पैनल चर्चा में उद्योग, सरकार और शिक्षाजगत के विशेषज्ञों ने भारत की सेमीकंडक्टर आत्मनिर्भरता और प्रतिभा विकास पर विचार रखे।
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युवा शोधकर्ताओं को मिला अंतरराष्ट्रीय मंच
सम्मेलन के दौरान डॉ. संतोष कुमार विश्वकर्मा, डॉ. विवेक तिवारी और डॉ. अंबिका पी. शाह सहित कई विशेषज्ञों ने प्लेनरी एवं इनवाइटेड व्याख्यान दिए। इन सत्रों ने विद्यार्थियों और युवा शोधकर्ताओं को ग्लोबल विशेषज्ञों के साथ संवाद स्थापित करने तथा अपने शोध कार्यों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान किया।
ज्ञान और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
डीन डॉ. एम. सुरेश और IEEE स्टूडेंट ब्रांच के ब्रांच काउंसलर डॉ. अंकुर ब्यौहार ने कहा कि IECS 2026 का उद्देश्य विश्वस्तरीय शोध मंच तैयार करना था, जहां वैज्ञानिक संवाद, नवाचार और अंतःविषय सहयोग को बढ़ावा मिले। उनका कहना था कि सम्मेलन ने भविष्य के दीर्घकालिक शैक्षणिक और औद्योगिक सहयोग के नए अवसर तैयार किए हैं।
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शोध और तकनीकी विकास की नई पहचान बना VIT भोपाल
सम्मेलन का सफल आयोजन उच्च गुणवत्ता वाले अनुसंधान, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और उभरती प्रौद्योगिकियों में नवाचार को प्रोत्साहित करने के प्रति वीआईटी भोपाल यूनिवर्सिटी की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है। विश्वविद्यालय का मानना है कि IECS 2026 भविष्य में भारत के सेमीकंडक्टर, इंटेलिजेंट इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्प्यूटेशनल सिस्टम्स के क्षेत्र में शोध एवं तकनीकी विकास को नई गति प्रदान करेगा।
Edited By: Sumit Shrivastava















