विजन 2047: आबादी के आधार पर होगा एमपी के नगरों का सुनियोजित विकास, CM मोहन यादव ने अधिकारियों को दिए निर्देश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश के नगर विकास में विजन 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए आबादी के अनुसार सुनियोजित योजना बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रदेश के कलेक्टर्स को भोपाल और इंदौर मेट्रोपालिटन क्षेत्रों का समग्र विकास करने को कहा है। इन क्षेत्रों को रोजगार, औद्योगिकीकरण, शिक्षा और मेडिकल हब के रूप में विकसित करने की रणनीति पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नगरों के विकास में जनसंख्या के हिसाब से योजनाएं बनाई जाएं ताकि शहरों का समग्र और संतुलित विकास हो सके। उन्होंने जिलों में भी 2047 को दृष्टिगत रखते हुए समन्वित कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया है।
प्रधानमंत्री के विजन 2047 के अनुरूप राज्य की योजनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन 2047 के तहत देश को नवाचार, टिकाऊ विकास और समावेशी प्रगति का केंद्र बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसी लक्ष्य को मध्य प्रदेश सरकार भी आगे बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री ने अफसरों को निर्देश दिए कि वे नगरों के विकास में पर्यावरण संरक्षण और जनकल्याण को प्राथमिकता दें।
EWS आवास आवंटन में देरी पर मुख्यमंत्री की नाराजगी
स्वच्छता, प्रधानमंत्री आवास योजना और स्ट्रीट वेंडर की पीएम स्वनिधि योजना के तहत प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर कई पुरस्कार प्राप्त किए हैं। इसके बावजूद बिल्डर्स द्वारा कॉलोनी विकास के दौरान EWS आवासों के आवंटन में हो रही देरी पर मुख्यमंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कलेक्टर्स को निर्देश दिए हैं कि वे शीघ्रता से निर्णय लेकर आवासों का 100 प्रतिशत आवंटन सुनिश्चित करें।
गीता भवन होंगे आधुनिक टाउन हॉल
मुख्यमंत्री ने नगरीय क्षेत्रों में गीता भवन बनाने का निर्णय लिया है, जो धार्मिक भवन के बजाय आधुनिक टाउन हॉल के रूप में काम करेंगे। इन भवनों में डिजिटल लाइब्रेरी जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जो शहर की सामुदायिक आवश्यकताओं को पूरा करेंगे। इनका निर्माण निश्चित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाएगा।
धार्मिक स्थलों का समग्र विकास
सतना के चित्रकूट क्षेत्र के समग्र विकास के लिए कार्ययोजना को मंजूरी दी गई है। मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को साडा (स्पेशल डेवलपमेंट अथॉरिटी) के साथ मिलकर चित्रकूट के विकास में तेजी लाने के निर्देश दिए। ओंकारेश्वर सहित अन्य धार्मिक स्थलों और नर्मदा परिक्रमा मार्ग के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
टीडीआर मुआवजा भुगतान और यातायात व्यवस्था में सुधार
शहरी क्षेत्रों में टीडीआर (ट्रांसफर ऑफ डेवलपमेंट राइट्स) के तहत अधिग्रहित भूमि के मुआवजे का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके साथ ही नगरीय क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित करने पर भी जोर दिया गया है, जिससे शहरों में आवागमन सुगम हो सके।
नगरीय विकास के लिए विशेष कार्ययोजनाएं
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन ने नगरों में बिजली, पानी और सार्वजनिक परिवहन की सुविधाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास श्री संजय दुबे ने कहा कि वर्ष 2047 तक प्रत्येक नागरिक को पक्का आवास और मलिन बस्तियों को मुक्त करने का लक्ष्य है। इसके साथ ही स्वच्छता, अपशिष्ट प्रबंधन, नवीकरणीय ऊर्जा और सर्कुलर इकोनॉमी को भी योजना में शामिल किया जाएगा।
प्रधानमंत्री आवास योजना (PMA) 1.0 के तहत अब तक 8 लाख 69 हजार 531 आवास बन चुके हैं और 76 हजार से अधिक आवासों के निर्माण को शीघ्र पूरा करने के निर्देश हैं। वहीं, PMAY 2.0 में 10 लाख आवास तैयार किए जाएंगे। प्रदेश में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत 100 प्रतिशत आवासों एवं व्यावसायिक क्षेत्रों में कचरा संग्रहण की व्यवस्था की गई है, जिसके लिए 7115 कचरा संग्रहण वाहन उपलब्ध कराए गए हैं।
स्वच्छता और प्रदूषण नियंत्रण में प्रदेश को मिले राष्ट्रीय पुरस्कार
इंदौर, जबलपुर और देवास को क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। इसी तरह, पीएम स्वनिधि योजना में भी मध्य प्रदेश को वर्ष 2023-24 के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुआ है।
मध्य प्रदेश सरकार विजन 2047 के तहत प्रदेश के सभी नगरों के समग्र और टिकाऊ विकास के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया है कि यह विकास योजना जनसंख्या, पर्यावरण और आर्थिक विकास को समेटे हुए होगी, जिससे प्रदेश के नागरिकों को बेहतर जीवन स्तर प्रदान किया जा सके।











