Naresh Bhagoria
4 Feb 2026
Naresh Bhagoria
4 Feb 2026
जबलपुर। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बुधवार को कार्रवाई करते हुए केंद्रीय GST कार्यालय, जबलपुर में छापा मारकर भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा किया है। CBI की टीम ने अधीक्षक और एक इंस्पेक्टर को 4 लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। दोनों ने होटल व्यवसायी को रिकवरी में राहत देने के लिए बड़ी रकम मांगी थी। इसी दौरान उनकी शिकायत कर दी गई और वे ट्रैप कर लिए गए।
जानकारी के अनुसार, केंद्रीय GST के अधीक्षक मुकेश बर्मन और इंस्पेक्टर सचिन कांत खरे ने शहर के एक होटल व्यवसायी विवेक त्रिपाठी पर दबाव बनाया था। अधिकारियों ने होटल कारोबारी के 'ओयो' ट्रांजैक्शन पर आपत्ति जताते हुए 1 करोड़ रुपए की रिकवरी निकाल दी थी।
इस भारी-भरकम रिकवरी के मामले को रफा-दफा करने और होटल व्यवसायी को राहत देने के बदले में दोनों अधिकारियों ने 10 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। व्यवसायी की शिकायत पर CBI ने दबिश दी। जैसे ही होटल कारोबारी ने रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 4 लाख रुपए अधीक्षक और इंस्पेक्टर को सौंपे, CBI की टीम ने दोनों को दबोच लिया। CBI की इस अचानक कार्रवाई से केंद्रीय जीएसटी कार्यालय में हड़कंप मच गया है। CBI की टीम फिलहाल कार्यालय में दस्तावेजों की जांच कर रही है।