विदिशा में पुलिस की मासिक अपराध समीक्षा बैठक, त्योहारों को लेकर सुरक्षा प्लान तैयार करने के निर्देश

विदिशा। पुलिस कंट्रोल रूम, विदिशा में पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी की मौजूदगी में जिले की मासिक अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों की स्थिति, पुराने प्रकरणों की विवेचना, महिला एवं बाल अपराध, SC/ST एक्ट से जुड़े मामले, जनविश्वास, जनसुनवाई, CM हेल्पलाइन, मानव अधिकार शिकायतों और डिजिटल पुलिसिंग की प्रगति की समीक्षा की गई। इसके साथ ही नशे और अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई तथा आगामी नवरात्रि, दशहरा और दीपावली को देखते हुए सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था की तैयारियों पर भी चर्चा हुई।
त्योहारों से पहले सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दिए निर्देश
आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए पुलिस अधिकारियों को रावण दहन, विसर्जन, मेला और चल समारोह वाले स्थानों का पहले से निरीक्षण कर सुरक्षा प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए। शांति समिति, आयोजन समितियों और डीजे संचालकों के साथ बैठक कर विवादित नारों तथा आपत्तिजनक गीतों के प्रसारण पर रोक सुनिश्चित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने को कहा गया। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील स्थानों की लगातार निगरानी करने के साथ जुलूस तथा भीड़ वाले इलाकों में ड्रोन से निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। जरूरत पड़ने पर ऊंची इमारतों और छतों से भी निगरानी की व्यवस्था करने को कहा गया। नगर पालिका, विजिलेंस और अन्य संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर जरूरी व्यवस्थाएं समय पर पूरी कराने पर जोर दिया गया।
ट्रैफिक, रूट और पार्किंग की पहले से तैयारी
त्योहारों के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के लिए रूट प्लान, डायवर्जन, पार्किंग और बैरिकेडिंग की व्यवस्था पहले से तैयार करने को कहा गया। जारी यातायात अभियान के तहत हेलमेट और सीट बेल्ट नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रभावी चालानी कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए। विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा को देखते हुए पर्याप्त संख्या में गोताखोर और बचाव सामग्री उपलब्ध रखने को कहा गया। आवश्यकता के अनुसार मंडी कर्मचारियों, कोटवारों, स्थानीय वालंटियर, नगर रक्षा समिति, कॉलेज विद्यार्थियों और अन्य सहयोगी समूहों की मदद लेने के निर्देश भी दिए गए।
3 से 7 साल पुराने मामलों के जल्द निराकरण पर जोर
बैठक में 3 से 7 वर्ष पुराने लंबित प्रकरणों की भी विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों को विवेचना के दौरान सामने आ रही कमियों को दूर करते हुए उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामलों का जल्द और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। महिला अपराध, पॉक्सो, SC/ST अपराध, मर्ग, चालान, खात्मा और खारजी प्रकरणों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण करने पर भी जोर दिया गया। फरार आरोपियों और स्थाई वारंटियों की गिरफ्तारी, गंभीर मामलों में जमानत निरस्तीकरण तथा समन-वारंट की समय पर तामीली सुनिश्चित करने को कहा गया।
जनविश्वास और शिकायतों के निराकरण की समीक्षा
जनविश्वास अभियान के तहत मिलने वाली शिकायतों, जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों और थानों पर आने वाली शिकायतों का शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण निराकरण करने के निर्देश दिए गए। CM हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों की नियमित निगरानी कर स्थिति में सुधार लाने को कहा गया। मानव अधिकार से संबंधित पुलिस विभाग की लंबित शिकायतों का भी तत्काल निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
सृजन अभियान को प्रभावी बनाने के निर्देश
बैठक में सृजन अभियान के तहत चल रही गतिविधियों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने, संबंधित वर्गों तक पुलिस की पहुंच बढ़ाने और जनजागरूकता के साथ सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत करने के निर्देश दिए गए।
CCTNS में जिले के प्रथम स्थान पर अधिकारियों को बधाई
डिजिटल पुलिसिंग की समीक्षा के दौरान CCTNS में जिले के प्रथम स्थान पर रहने के लिए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना की गई। पुलिस अधीक्षक ने इसी स्तर की कार्यप्रणाली आगे भी बनाए रखने को कहा। वहीं ई-विवेचना में 50 प्रतिशत से कम प्रगति वाले अधिकारियों और विवेचकों को चेतावनी देते हुए सुधार के निर्देश दिए गए। बेहतर प्रदर्शन करने वाले पुलिसकर्मियों को प्रोत्साहित और पुरस्कृत करने पर भी जोर दिया गया। CCTNS, SAKSHYA, ई-समन, ई-वारंट, उपलब्ध टैबलेट, MCU बायोमेट्रिक और दूसरे डिजिटल संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने के निर्देश दिए गए। डायल-112 में पर्याप्त स्टाफ रखने और जरूरत के समय त्वरित रिस्पांस सुनिश्चित करने को भी कहा गया।
घटनास्थल की वीडियोग्राफी पर विशेष जोर
बैठक में घटनास्थल की आवश्यकतानुसार स्पष्ट और उपयोगी वीडियोग्राफी कराने के निर्देश दिए गए। संपत्ति संबंधी अपराधों में घटनास्थल, बरामदगी और पुलिस कार्रवाई की नियमानुसार वीडियोग्राफी सुनिश्चित करने को कहा गया ताकि विवेचना के दौरान साक्ष्यों का बेहतर इस्तेमाल किया जा सके।जुआ-सट्टा से संबंधित कार्रवाई में भी उचित वीडियोग्राफी कराने के निर्देश दिए गए।
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नशे और अवैध शराब के खिलाफ सख्त कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक ने अवैध मादक पदार्थों की बिक्री, परिवहन और तस्करी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने को कहा। स्कूल-कॉलेज और सार्वजनिक स्थानों के आसपास विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। इसी तरह अवैध और कच्ची शराब के निर्माण, बिक्री तथा परिवहन पर भी सख्ती बरतने को कहा गया। पिछले 10 वर्षों के आपराधिक रिकॉर्ड वाले चिन्हित आरोपियों की गतिविधियों की समीक्षा कर उन पर निगरानी रखने और पात्र मामलों में जिला बदर की कार्रवाई प्रस्तावित करने के निर्देश दिए गए।
संवेदनशील इलाकों में बढ़ाई जाएगी निगरानी
संवेदनशील और अतिसंवेदनशील क्षेत्रों की नियमित चेकिंग के साथ पुराने विवादों और आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों की निगरानी करने को कहा गया। जरूरत के अनुसार बाउंड ओवर और अन्य प्रतिबंधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
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चोरी रोकने रात की गश्त बढ़ाने के निर्देश
संपत्ति संबंधी अपराधों की रोकथाम के लिए रात्रि गश्त बढ़ाने, चिन्हित क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने और संदिग्ध व्यक्तियों तथा वाहनों की जांच करने के निर्देश दिए गए। पुलिस अधिकारियों को स्थानीय स्तर पर ऐसे स्थान चिन्हित करने को कहा गया जहां चोरी और अन्य संपत्ति संबंधी अपराधों की आशंका अधिक रहती है।
थानों में व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश
सभी थाना और चौकी परिसरों में साफ-सफाई तथा जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा गया। आगामी त्योहारों को देखते हुए पर्याप्त पुलिस बल की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए गए। अत्यावश्यक और आपातकालीन परिस्थितियों को छोड़कर पुलिसकर्मियों के अवकाश को नियंत्रित रखने पर भी जोर दिया गया।
सड़क सुरक्षा और CCTV निगरानी पर भी फोकस
सड़क सुरक्षा की समीक्षा के दौरान हेलमेट, सीट बेल्ट और अन्य यातायात नियमों का पालन कराने के साथ ओवरस्पीडिंग के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। ब्लैक स्पॉट पर जरूरी सुधारात्मक कदम उठाने और दुर्घटना पीड़ितों को समय पर उपचार दिलाने के लिए एक्सीडेंट आईडी समय पर तैयार करने को कहा गया। सार्वजनिक और संवेदनशील स्थानों पर CCTV कवरेज बढ़ाने तथा उपलब्ध कैमरों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
वरिष्ठ अधिकारियों समेत सभी थाना प्रभारी रहे मौजूद
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका तिवारी, नगर पुलिस अधीक्षक अतुल सिंह, उप पुलिस अधीक्षक (अजाक) पंकज गीते, SDOP लटेरी अमरेश बोहरे, SDOP कुरवाई रोशनी सिंह, SDOP बासौदा शिखा भलावी, SDOP सिरोंज सोनू डावर, उप पुलिस अधीक्षक मासूम पटले और मुख्य लिपिक सुनील वर्मा सहित जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारी और पुलिस अधीक्षक कार्यालय के शाखा प्रभारी उपस्थित रहे।




















