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उपराष्ट्रपति धनखड़ ने ‘कृषि उद्योग समागम 2025’ का किया उद्घाटन, बोले- ऑपरेशन सिंदूर से दुनिया को भारत की ताकत का अहसास हुआ

नरसिंहपुर में 116 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण, किसानों को किया सम्मानित, प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत’ विजन को बताया कृषि केंद्रित
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उपराष्ट्रपति धनखड़ ने ‘कृषि उद्योग समागम 2025’ का किया उद्घाटन, बोले- ऑपरेशन सिंदूर से दुनिया को भारत की ताकत का अहसास हुआ
नरसिंहपुर। मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में ‘कृषि-उद्योग समागम 2025’ का शुभारंभ सोमवार को उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस ऐतिहासिक आयोजन में राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, कई मंत्रीगण, सांसदगण, जनप्रतिनिधि और हजारों की संख्या में किसान उपस्थित रहे।

उपराष्ट्रपति ने की आतंकवाद पर सख्त टिप्पणी

समागम को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति धनखड़ ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उल्लेख करते हुए कहा, भारत अब आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा। जिसने सिंदूर मिटाया, उसे अब धरती पर रहने का अधिकार नहीं। सेना ने सटीक कार्रवाई की है, अब कोई सबूत नहीं मांगता क्योंकि जिन्हें चोट लगी है, उन्होंने खुद ही सबूत दे दिए हैं। उन्होंने कहा कि देश में अब राष्ट्रभावना सर्वोपरि है और भारत आत्मविश्वासी व साहसी राष्ट्र के रूप में उभरा है।

कृषि को बताया भारत की आर्थिक शक्ति का केंद्र

उपराष्ट्रपति ने कहा कि विकसित भारत का रास्ता किसान के खेत और गांव से होकर जाता है। पूंजी किसान के पास है। अमेरिका में किसान की आय सामान्य नागरिक से अधिक है, वैसा ही भारत में भी होगा। उन्होंने सांसदों और विधायकों से आग्रह किया कि वे कृषि आधारित गांवों को गोद लें और किसानों को एंटरप्रेन्योरशिप की ओर प्रेरित करें।

116 करोड़ के 86 विकास कार्यों की सौगात

कार्यक्रम के दौरान उपराष्ट्रपति, मुख्यमंत्री और राज्यपाल ने 116 करोड़ रुपए से अधिक लागत के 86 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इस दौरान कृषि क्षेत्र में नवाचार कर सफलता प्राप्त करने वाले प्रगतिशील किसानों को सम्मानित भी किया गया।

मुख्यमंत्री ने गिनाईं योजनाएं, की बड़ी घोषणाएं

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा- नरसिंहपुर की तुअर दाल, प्राकृतिक खेती और उन्नत किसान देशभर में प्रसिद्ध हैं। नर्मदा नदी की जलधारा किसानों की समृद्धि की रीढ़ है। प्रदेश में पहली बार तीन नदियों को जोड़ने की परियोजना शुरू की गई है। प्रदेश में किसानों से 2600 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदा गया है, जो देश में सबसे ज्यादा है। इस दौरान घोषणा कि...

पूरे प्रदेश में किसान मेलों की श्रृंखला चलाई जाएगी।

  • सीहोर में 12–13 अक्टूबर को एक बड़ा राज्यस्तरीय किसान मेला आयोजित होगा।
  • 32 लाख किसानों को सोलर पंप दिए जाएंगे।
  • नरसिंहपुर में 102 हेक्टेयर में फूड प्रोसेसिंग पार्क तैयार किया जा रहा है।
  • 1300 करोड़ रुपए से ज्यादा के नए कृषि आधारित उद्योगों की स्थापना का रोडमैप तैयार है।
  • किसानों को 5 रुपये में स्थायी बिजली कनेक्शन दिया जाएगा।
  • नामांतरण, रजिस्ट्री और बंटवारे की प्रक्रिया अब पूरी तरह ऑनलाइन होगी।

राज्यपाल ने दिया आध्यात्मिक विरासत से जुड़ा संदेश

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने नरसिंहपुर को मध्यप्रदेश की आध्यात्मिक धरा बताते हुए कहा कि, मां नर्मदा की पावन भूमि पर आयोजित यह कृषि मेला किसानों के आत्मनिर्भर भारत की दिशा में किए गए प्रयासों का प्रतीक है।

तकनीक, निवेश और नवाचार से भरेगा खेती में नई जान

तीन दिवसीय इस कृषि उद्योग समागम में आधुनिक कृषि यंत्र, ड्रोन, एआई आधारित तकनीक, जैविक उर्वरक और जल कृषि मॉडल की प्रदर्शनी लगाई गई है। 90 से ज्यादा विभागीय स्टॉल किसानों को सरकार की योजनाओं और तकनीकी जानकारी देंगे। विशेषज्ञों द्वारा औषधीय फसलों, एफपीओ नेटवर्किंग और निर्यात जैसे विषयों पर संगोष्ठियां भी होंगी।
Mithilesh Yadav
By Mithilesh Yadav

वर्तमान में पीपुल्स समाचार के डिजिटल विंग यानी 'पीपुल्स अपडेट' में बतौर सीनियर सब-एडिटर कार्यरत हूं।...Read More

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