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MCU के दीक्षांत समारोह में 450 विद्यार्थियों को मिली उपाधि, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ बोले- पत्रकारिता व्यवसाय नहीं समाज सेवा है

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MCU के दीक्षांत समारोह में 450 विद्यार्थियों को मिली उपाधि, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ बोले- पत्रकारिता व्यवसाय नहीं समाज सेवा है
भोपाल। देश के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ आज (15 सितंबर) राजधानी भोपाल के एक दिवसीय दौरे पर रहे। यहां वे माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने बिशनखेड़ी स्थित नवीन परिसर माखनपुरम का लोकार्पण किया। कार्यक्रम में जनसंपर्क मंत्री राजेंद्र शुक्ल और भोपाल सांसद प्रज्ञा ठाकुर शामिल हुईं। विश्वविद्यालय के चौथे दीक्षांत समारोह में जून 2018 से दिसंबर 2022 के उत्तीर्ण विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं हैं। देश के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने छात्रों को उपाधि प्रदान की।

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का संबोधन

यहां विद्यार्थियों के पारंपरिक विधान अंग वस्त्र देख मुझे बहुत खुशी हो रही है। इसमें मुझे चारों दिशाओं की झलक दिख रही है। ये देश के लिए बहुत बड़ा सार्थक संदेश है। आपके इस ड्रेस कोड को सदा याद रखूंगा। पत्रकारिता व्यवसाय नहीं समाज सेवा है : पत्रकार का काम किसी राजनीतिक दल का हितकारी होना नहीं होता। उसका काम कोई एजेंडा सेट करना नहीं होता। प्रेस की स्वतंत्रता तभी हो सकती है जब वो सकारात्कमक हो। देश के विकास को राजनीति के चश्मे से नहीं देखना चाहिए। विकास की चर्चा का ये मतलब नहीं है कि किसी राजनीतिक दल की तारीफ करना है। देश के विकास की यात्रा का आनंद लीजिए। पत्रकारिता व्यवसाय नहीं एक समाज सेवा है। मीडिया सजग रहेगी तो देश गदगद होगा। दुनिया की पांचवी आर्थिक महाशक्ति बना भारत : सितंबर 2022 में भारत ने वो कर दिखाया जिसकी कल्पना मैंने नहीं की थी। जब मैं 1989 में पहली बार लोकसभा का सदस्य बना और केंद्र में मंत्री बना। आज से 10 साल पहले अर्थव्यवस्था के मामले में साउथ अफ्रीका, इंडोनेशिया, टर्की, ब्राजील और हमारे महान भारत को दुनिया की पांच सबसे कमजोर कड़ियों में गिना जाता था। उन्हें फ्रेजाईल फाईव कहा जाता था, दुनिया पर बोझ कहा जाता था। लेकिन आज पूरा दृश्य बदल गया है, जिन अग्रेंजों ने हम पर सालों तक राज किया उन्हें पछाड़कर भारत सिंतबर 2022 में दुनिया की पांचवी आर्थिक महाशक्ति बन गया।

विवि परिसर में एक घंटा 40 मिनट रुके उपराष्ट्रपति

दीक्षांत समारोह विश्वविद्यालय के बिशनखेड़ी स्थित माखनपुरम परिसर के गणेश शंकर विद्यार्थी सभागार में आयोजित किया गया। विश्वविद्यालय के इतिहास में पहली बार दीक्षांत समारोह का आयोजन विश्वविद्यालय के अपने स्वयं के परिसर में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ शामिल हुए। कार्यक्रम में जनसंपर्क मंत्री राजेंद्र शुक्ल और भोपाल सांसद प्रज्ञा ठाकुर शामिल हुईं। वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान वर्चुअली जुड़े। विवि परिसर में उपराष्ट्रपति एक घंटा 40 मिनट तक रुके। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ एमसीयू में सुबह 11 बजे पहुंचे, उनका कार्यक्रम 12.40 बजे तक चला।

450 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं

विश्वविद्यालय के चौथे दीक्षांत समारोह में जून 2018 से दिसंबर 2022 के उत्तीर्ण विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। जिसमें स्नातकोत्तर एवं पीएचडी के 23 विद्यार्थियों सहित लगभग 450 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। बता दें कि, दीक्षांत समारोह लंबे समय से लंबित था और बीच में कोरोना काल की वजह से नहीं हो पाया था।

दो कमरों से शुरू हुआ था विश्वविद्यालय

प्रो. सुरेश ने विश्वविद्यालय के नवीन परिसर के बारे में बताया कि, दादा माखनलाल चतुर्वेदी जी की पुण्याई है कि दो कमरों से शुरू हुए इस विश्वविद्यालय के भोपाल सहित पांच परिसर हैं। विश्वविद्यालय के सोलह सौ अध्ययन केंद्र हैं। जिनमें लगभग दो लाख विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। बिशनखेड़ी के पास पचास एकड़ में विश्वविद्यालय का माखनपुरम परिसर बसा हुआ है। जिसमें दो अकादमिक भवन तक्षशिला एवं विक्रम शिला हैं। विश्वविद्यालय के चार-चार मंजिला भव्य इन दो ब्लॉक में कुल दस विभाग संचालित होते हैं। मध्य प्रदेश फिल्म फ्रैंडली राज्य के रुप में भी स्थापित हो चुका है। भोपाल में कई फिल्मों एवं धारावाहिकों की लगातार शूटिंग होती रहती है। यहां बहुत प्रतिभाशाली युवा एवं कलाकार हैं। इसी साल विश्वविद्यालय द्वारा एक नया विभाग ‘सिनेमा अध्ययन विभाग’ शुरु किया गया है। इस विभाग के खुलते ही कई सारे बड़े कलाकार भी विश्वविद्यालय में सेमीनार, व्याख्यान के लिए आ चुके हैं। जिसमें केरला स्टोरी की पूरी स्टार कॉस्ट भी हमारे विद्यार्थियों के बीच आ चुकी है।

हर विभाग की अपनी लाईब्रेरी और कांफ्रेस हॉल

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत भारतीय भाषा विभाग की भी स्थापना की गई है। परिसर में ही एक बड़े भवन में नालंदा पुस्तकालय है, जो कि केंद्रीय पुस्तकालय है। जिसमें 42 हजार से ज्यादा पत्रकारिता, मीडिया, जनसंचार प्रबंधन, विज्ञापन, जनसंपर्क, कम्प्यूटर आदि अन्य विषयों की महत्वपूर्ण पुस्तकें है। साथ ही हर विभाग की अपनी लाईब्रेरी भी है। हर विभाग का अपना सभागार एवं कांफ्रेस हॉल भी है। बड़े आयोजन के लिए विश्वविद्यालय के पास विख्यात पत्रकार, संपादक एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी गणेश शंकर विद्यार्थी के नाम से एक बड़ा सभागार भी है। जिसमें एक साथ लगभग साढ़े आठ सौ से अधिक लोग बैठ सकते हैं। इस साल भोपाल में आयोजित हुए तीन दिवसीय राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का आयोजन भी इसी परिसर एवं इसी सभागार में हुआ था। जिसमें फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार समेत फिल्मी दुनिया की कई बड़ी हस्तियां आई हुई थीं। इसी सभागार के एकदम पीछे की ओर लगभग साढ़े चार सौ की बैठक व्यवस्था वाला स्वर सम्राट तानसेन के नाम से तानसेन मुक्ताकाश मंच भी है।

परिसर में मिलने वाली अन्य सुविधाएं

  • विश्वविद्यालय के 32 सालों के इतिहास में विगत माह 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) का दिन बहुत ही ऐतिहासिक था, जब विश्वविद्यालय के स्वयं के माखनपुरम परिसर में रेडियो कर्मवीर का उद्घाटन हुआ।
  • विद्यार्थी पठन-पाठन मन लगाकर कर सकें इसके लिए परिसर में ही भारत रत्न डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के नाम से बालक छात्रावास एवं पुण्य सलिला मां नर्मदा के नाम से बालिका छात्रावास भी है।
  • विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए बालक एवं बालिका दोनों ही छात्रावासों में अत्याधुनिक उपकरणों से युक्त जिम की सुविधा भी प्रदान की गई है। योग एवं ध्यान के लिए परिसर में सांदीपनि ध्यान केंद्र बनाया गया है।
  • अतिथियों के लिए सर्वसुविधायुक्त भगवान बिरसा मुण्डा अतिथि गृह बनाया गया है।
  • संविधान निर्माता बाबा साहब भीमराव आंबेडकर के नाम से ट्रांजिट हॉस्टल भी बनाया गया है।
  • माखनपुरम परिसर में ही प्रोफेसर्स, अधिकारी, कर्मचारियों के लिए आवास की सुविधा भी है।
  • परिसर में असम के महान वीर लचित बोरफुकन के नाम से क्लब हाउस, स्वीमिंग पूल, जिम आदि की सुविधा भी प्रदान की गई है।
  • माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय देश का पहला मीडिया विश्वविद्यालय है, जिसने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एमईपी) को अपने विश्वविद्यालय में सबसे पहले लागू किया था।
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Manisha Dhanwani
By Manisha Dhanwani

मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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