India Venezuela Relations:भारत यात्रा पर वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति, हैदराबाद हाउस में पीएम मोदी से मुलाकात

भारत और वेनेजुएला के बीच लंबे समय से ऊर्जा क्षेत्र में मजबूत साझेदारी रही है। राष्ट्रपति की इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच कई अहम बैठकें प्रस्तावित हैं। वार्ता में ऊर्जा सुरक्षा, निवेश, फार्मास्यूटिकल्स और नवीकरणीय ऊर्जा समेत विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी। इस दौरे से दोनों देशों के संबंधों को और मजबूती मिलेगी।
द्विपक्षीय संबंधों पर आधारित है यात्रा
वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति रोड्रिगेज गुरुवार को भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात करेंगी। इसके बाद हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता का कार्यक्रम निर्धारित है। दोनों देशों के बीच विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। यह बैठक भविष्य की साझेदारी के लिए महत्वपूर्ण है।
ये भी पढ़ें: MP High Court: अमित लाहोटी बनेंगे हाईकोर्ट के जज, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने लगाई मुहर
राष्ट्रपति रोड्रिगेज पीएम मोदी से करेंगी मुलाकात
भारत और वेनेजुएला के संबंधों में ऊर्जा क्षेत्र की अहम भूमिका रही है। भारत वेनेजुएला के तेल का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार माना जाता है। ऐसे में ऊर्जा सुरक्षा और तेल आपूर्ति को लेकर दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण चर्चा होने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग और मजबूत हो सकता है।
भारत वेनेजुएला से भारी मात्रा में तेल खरीदता है
द्विपक्षीय वार्ता के दौरान व्यापार और निवेश बढ़ाने के अवसरों पर भी चर्चा की जाएगी। भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम पहले से ही वेनेजुएला के ऊर्जा क्षेत्र में निवेश कर चुके हैं। अब दोनों देश आर्थिक सहयोग को और व्यापक बनाने की दिशा में कदम बढ़ाना चाहते हैं। इससे व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
ये भी पढ़ें: CM के काफिले में EV : नई कार में दिखी 2047 के विजन की झलक, 'MP-02-VB-2047' नंबर से 'विकसित भारत' का संदेश
कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर रहेगा जोर
ऊर्जा के अलावा फार्मास्यूटिकल्स, स्वास्थ्य सेवा, परिवहन और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने पर विचार होगा। विदेश मंत्रालय के अनुसार वेनेजुएला के प्रतिनिधिमंडल में कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों के प्रतिनिधि शामिल हैं। दोनों देश वैश्विक दक्षिण की साझा प्राथमिकताओं पर भी चर्चा करेंगे। इस यात्रा को द्विपक्षीय संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।












