वाराणसी नगर निगम का सख्त कदम!अब शहर के बीच नॉनवेज दुकानों की एंट्री बंद, बाहर बनेंगी नई मंडियां

उत्तर प्रदेश। वाराणसी नगर निगम ने शहर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा निर्णय लिया है। अब शहर के मुख्य इलाकों में मीट, मुर्गा और मछली की दुकानों को हटाकर उन्हें शहर की सीमा से बाहर स्थानांतरित किया जाएगा। यह कदम विशेष रूप से श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और काशी की पवित्र छवि को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से लिया गया है। नगर निगम ने इसके लिए पांच जगहों का चयन भी कर लिया है जहां व्यवस्थित मीट बाजार बनाए जाएंगे।
भारत की सबसे पवित्र और प्राचीन नगरी
वाराणसी, जिसे काशी के नाम से भी जाना जाता है, भारत की सबसे पवित्र और प्राचीन नगरी मानी जाती है। यहां हर साल लाखों श्रद्धालु आते हैं, खासकर काशी विश्वनाथ धाम के दर्शन के लिए। इसी को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने निर्णय लिया है कि शहर के बीचों बीच चल रही मीट, मछली और नॉनवेज की दुकानों को अब हटाया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि इससे शहर की धार्मिक छवि और बेहतर होगी और श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा नहीं होगी।
नए स्थानों पर बनेंगे व्यवस्थित मीट बाजार
नगर निगम ने शहर के बाहर पांच स्थानों को चिन्हित किया है जहां सभी नॉनवेज दुकानों को शिफ्ट किया जाएगा। ये स्थान हैं रामनगर, सूजाबाद, गणेशपुर, अवलेशपुर और शिवपुर। इन जगहों पर आधुनिक सुविधाओं से युक्त बाजार बनाए जाएंगे। यहां दुकानदारों को लाइसेंस देकर व्यापार करने की अनुमति दी जाएगी। प्रशासन का कहना है कि यह व्यवस्था पूरी तरह व्यवस्थित होगी ताकि दुकानदारों और ग्राहकों दोनों को सुविधा मिले।
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बैठक में पार्षदों ने उठाया था मुद्दा
इस फैसले की नींव नगर निगम की सदन बैठक में रखी गई थी। बैठक के दौरान पार्षद गुलशन अली ने यह मुद्दा उठाया था कि हर साल सावन और नवरात्र जैसे अवसरों पर दुकानों को अचानक बंद कर दिया जाता है, जिससे व्यापारियों को भारी नुकसान होता है। उन्होंने सुझाव दिया था कि दुकानों को स्थायी रूप से शहर से बाहर शिफ्ट किया जाए ताकि उनका रोजगार भी सुरक्षित रहे और धार्मिक भावनाओं का भी सम्मान हो सके।
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या भी बनी कारण
पिछले कुछ वर्षों में काशी में श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ी है। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर बनने के बाद यहां देश विदेश से आने वाले भक्तों की संख्या करोड़ों में पहुंच गई है। इस कारण नगर निगम का मानना है कि शहर की गलियों में नॉनवेज दुकानों की मौजूदगी से कई बार लोगों की भावनाएं प्रभावित होती हैं। इसी वजह से प्रशासन ने यह कदम उठाने का फैसला किया है।
व्यापारियों पर पड़ेगा असर
इस बदलाव से शहर में काम कर रहे मीट और मछली व्यापारियों पर शुरुआती असर पड़ सकता है लेकिन नगर निगम का कहना है कि उन्हें नई जगह पर पूरी सुविधा दी जाएगी। लाइसेंस प्रक्रिया के तहत सभी दुकानदारों को व्यवस्थित ढांचा मिलेगा ताकि वे बिना किसी परेशानी के अपना काम जारी रख सकें।
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नवरात्र तक लागू करने की तैयारी
नगर निगम की योजना है कि इस पूरे बदलाव को आगामी नवरात्र से पहले लागू कर दिया जाए। इसके लिए तैयारियां तेजी से चल रही हैं। प्रशासन का कहना है कि जैसे ही नए बाजार पूरी तरह तैयार हो जाएंगे, शहर के भीतर सभी नॉनवेज दुकानों को वहां स्थानांतरित कर दिया जाएगा।











