दतिया उपचुनाव : रण में उतरे स्टार प्रचारक; 30 जुलाई को मतदान, भाजपा-कांग्रेस दोनों ने झोंकी ताकत

भोपाल। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों ने दतिया उपचुनाव में ताकत झोंक दी है। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के पक्ष बड़ौनी की चुनावी सभा को संबोधित किया। वह बोले- दतिया ने ठाना है नरोत्तम-आशुतोष की जोड़ी को जिताना है। प्राण जाए पर वचन न जाए.. दतिया से किए हर वायदे पूरे किए। सिंधिया ने उपलब्धियां गिनाते हुए चुनाव कमल खिलाने की अपील भी की।
शनिवार को सीएम डॉ. यादव की सभा
25 जुलाई को सीएम डॉ. मोहन यादव भी चुनावी सभा को संबोधित करेंगे। कांग्रेस ने भी जातीय गणित साधने अपने ब्राह्मण, क्षत्रिय और ओबीसी वर्ग के नेताओं को हर बूथ और बस्ती की जवाबदारी सौंप दी। भाजपा ने उपचुनाव के लिए हर दिन की अलग रणनीति पर अमल किया है। सीएम डॉ. यादव दतिया में चुनावी सभा के साथ ही प्रबुद्धजन बैठक और व्यापारी सम्मेलन को भी संबोधित करेंगे।
कांग्रेस की जातीय गणित साधने की बड़ी कवायद
दतिया उपचुनाव कांग्रेस के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया है। यही वजह है कि प्रदेश कांग्रेस के कई बड़े नेता दतिया में डेरा डाले हुए हैं। बूथ स्तर की बैठकों से लेकर गांव-गांव जनसंपर्क और सामाजिक समीकरण साधने तक की जिम्मेदारी अलग-अलग नेताओं को सौंपी गई है। कांग्रेस का पूरा फोकस अनुसूचित जाति, ओबीसी और परंपरागत समर्थक वोट बैंक को एकजुट रखने पर है। पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के 26 जुलाई को पहुंचेंगे, जबकि कमलनाथ अब तक कांग्रेस के लिए वोट मांगने नहीं पहुंचे हैं।
ये भी पढ़ें: NTA में बड़ा एक्शन : 47 अधिकारी बर्खास्त, CJP प्रोटेस्ट के बीच शिक्षा मंत्रालय का बड़ा एक्शन
ये स्टार प्रचारक लगातार सक्रिय
प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी संगठन और बूथ प्रबंधन संभाल रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार कार्यकर्ता बैठकें कर रहे हैं। पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह, जयवर्धन सिंह, प्रियव्रत सिंह, सिद्धार्थ कुशवाह और कैलाश कुशवाह सहित कई नेता क्षेत्रवार जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
उपचुनाव में जातीय गणित ही जीत की कुंजी
दतिया का यह उपचुनाव इस बार पूरी तरह सामाजिक समीकरणों पर केंद्रित माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि राजनीतिक दलों की रणनीति भी अलग-अलग समाजों के प्रभावशाली मतदाताओं तक पहुंचने पर आधारित है। अनुसूचित जाति और ओबीसी वर्ग इस चुनाव के सबसे निर्णायक मतदाता माने जा रहे हैं।
ये भी पढ़ें: केंद्रीय कैबिनेट : सरकार ने 'भाव्य रसायन' योजना को दी मंजूरी, देश में बनेंगे तीन केमिकल पार्क












