Yogi Adityanath:हर घर नल जल योजना बढ़ा रहे हैं, कोई टोटी चोरी कर ले रहा है... बोले सीएम योगी

लखनऊ। कार्यक्रम में योगी आदित्यनाथ ने पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि प्रकृति की अनदेखी का खामियाजा पूरी दुनिया भुगत रही है। उन्होंने बदलते मौसम चक्र और पर्यावरणीय चुनौतियों को गंभीर चिंता का विषय बताया। वहीं उनके टोटी वाले बयान ने राजनीतिक हलकों में नई बहस को जन्म दे दिया।
उत्तर प्रदेश स्वच्छ वायु प्रबंधन परियोजना का शुभारंभ
विश्व पर्यावरण दिवस-2026 के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्व बैंक समर्थित 2,741 करोड़ रुपये की लागत वाली उत्तर प्रदेश स्वच्छ वायु प्रबंधन परियोजना का शुभारंभ किया। यह देश की पहली एयरशेड आधारित स्वच्छ वायु परियोजना बताई जा रही है। कार्यक्रम में प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी रही।
ये भी पढ़ें: रूस का भारत को बड़ा रक्षा प्रस्ताव: SU-57 स्टेल्थ फाइटर जेट पर साझेदारी और तकनीक साझा करने की पेशकश
'कोई टोटी चोरी कर रहा, कोई खुली छोड़ रहा'
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि सरकार हर घर नल जल योजना को आगे बढ़ा रही है, लेकिन कोई टोटी चोरी कर लेता है और कोई टोटी खुली छोड़ देता है। यह टिप्पणी करते समय वह मुस्कुराते हुए नजर आए। उनके इस बयान को कई लोग समाजवादी पार्टी और उसके नेताओं पर राजनीतिक कटाक्ष के रूप में देख रहे हैं।
पर्यावरण की अनदेखी पर जताई चिंता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जल, जंगल और पर्यावरण जीवन चक्र के महत्वपूर्ण आधार हैं। उन्होंने कहा कि मानव समाज ने सबसे अधिक उपेक्षा प्रकृति की ही की है और आज पूरी मानवता उसकी कीमत चुका रही है। बढ़ते प्रदूषण और बदलते मौसम के कारण लोगों के जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। साथ ही लोगों से प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने की अपील भी की।
ये भी पढ़ें: राज्यसभा चुनाव : मीनाक्षी नटराजन का विरोध, कांग्रेस नेता ने राहुल गांधी को बताया क्रॉस वोटिंग का खतरा
बदलते मौसम चक्र का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि 40 से 50 वर्ष की आयु का हर व्यक्ति महसूस कर सकता है कि पिछले कुछ दशकों में मौसम के स्वरूप में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि आज से 25 वर्ष पहले जो मौसम चक्र होता था, उसमें अब एक से डेढ़ महीने का अंतर देखने को मिल रहा है। यह बदलाव पर्यावरणीय असंतुलन का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली पीढ़ियों को और गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
35 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने एक पेड़ मां के नाम वृक्षारोपण महाअभियान-2026 के लोगो का भी अनावरण किया। प्रदेश सरकार ने इस वर्ष 35 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस अवसर पर विश्व बैंक और राज्य सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए गए। सरकार का मानना है कि जनभागीदारी के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के अभियान को और मजबूत बनाया जा सकता है।












