नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की सजा,बालाघाट कोर्ट ने लगाया ₹10 हजार का जुर्माना

मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में विशेष पॉक्सो अदालत ने आरोपी को कड़ी सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश गौतम सिंह मरकाम की अदालत ने भरवेली थाना क्षेत्र में दर्ज मामले की सुनवाई के बाद आरोपी दर्शन मसराम (28) को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। अदालत का यह फैसला मामले में प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर सुनाया गया।
2022 में दर्ज हुई थी गुमशुदगी की रिपोर्ट
विशेष लोक अभियोजक कपिल कुमार डेहरिया ने बताया कि 5 जुलाई 2022 को भरवेली थाना क्षेत्र की रहने वाली महिला ने अपनी 16 वर्षीय बेटी के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर नाबालिग की तलाश शुरू की। करीब छह महीने की तलाश के बाद 28 जनवरी 2023 को पुलिस ने नागपुर के विठ्ठल नगर क्षेत्र स्थित एक झोपड़ी से नाबालिग को आरोपी के कब्जे से बरामद किया।
शादी का झांसा देकर नागपुर ले गया आरोपी
पुलिस पूछताछ में पीड़िता ने बताया कि जुलाई 2022 में आरोपी दर्शन मसराम ने उससे शादी करने का वादा किया और बहला-फुसलाकर 4 जुलाई को बालाघाट से बस के जरिए नागपुर ले गया। वहां दोनों एक निर्माणाधीन भवन के पास बनी झोपड़ी में रहने लगे और मजदूरी करने लगे। पीड़िता के बयान के अनुसार, आरोपी ने 6 जुलाई 2022 को उसकी इच्छा के विरुद्ध दुष्कर्म किया और बाद में भी लगातार उसका यौन शोषण करता रहा।
पॉक्सो एक्ट समेत कई धाराओं में दर्ज हुआ था मामला
पीड़िता के बयान और जांच के आधार पर भरवेली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने साक्ष्य और गवाह पेश किए, जिन्हें अदालत ने पर्याप्त और विश्वसनीय माना। इसके आधार पर विशेष न्यायाधीश ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई।












