सनावद:बिना अनुमति बना एस्ट्रो टर्फ जमींदोज, 6 बुलडोजरों से ढहाया
सनावद। यह कार्रवाई हाल ही में दर्ज एक आपराधिक मामला और उसके बाद उठी शिकायतों के बीच की गई। प्रशासन के अनुसार, संबंधित निर्माण बिना अनुमति के बनाया और संचालित किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल मौके पर मौजूद रहे। नगर पालिका ने स्पष्ट किया है कि अन्य अवैध निर्माणों पर भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
19 जून के मामले के बाद तेज हुई कार्रवाई की मांग
इसी एस्ट्रोटर्फ परिसर से जुड़े एक मामले में 19 जून को माहिन पिता जुनेद शेख के खिलाफ एक हिंदू युवती की शिकायत पर प्रकरण दर्ज किया गया था। इसके बाद सकल हिंदू समाज और बजरंग दल ने कार्रवाई की मांग को लेकर नगर बंद, हवन और विरोध प्रदर्शन किया। 22 जुलाई को सीएमओ बंगले का घेराव भी किया गया, जहां प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। इसके बाद प्रशासन ने निर्माण से जुड़े दस्तावेजों की जांच की और बिना अनुमति निर्मित एस्ट्रोटर्फ को हटाने का निर्णय लिया।
तीन घंटे तक चला बुलडोजर अभियान
नगरपालिका प्रशासन ने एक साथ छह जेसीबी लगाकर करीब 35 लाख रुपये की लागत से निर्मित बिना अनुमति वाले एस्ट्रोटर्फ को पूरी तरह तोड़ दिया। प्रशासन के अनुसार, नगर में अवैध निर्माण के खिलाफ यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है। कार्रवाई के दौरान पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर सुरक्षा व्यवस्था बनाई गई। प्रशासन ने पूरे अभियान को शांतिपूर्ण ढंग से पूरा कराया। निर्माण स्थल पर बड़ी संख्या में अधिकारी मौजूद रहे।
मामला दर्ज होने के बाद बढ़ी कार्रवाई की मांग
इसी एस्ट्रोटर्फ के पास बने भवन से जुड़े एक मामले में 19 जून को माहिम शेख के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया गया था। इसके बाद विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने बिना अनुमति बने निर्माण को हटाने की मांग की। 22 जुलाई को भी इस मामले को लेकर प्रदर्शन और अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की गई थी। शिकायतों और दस्तावेजों की जांच के बाद प्रशासन ने कार्रवाई का निर्णय लिया। संबंधित निर्माण माहिम की मां रुबीना शेख के नाम पर दर्ज बताया गया है।
नगर पालिका ने बताया कार्रवाई का आधार
मुख्य नगर पालिका अधिकारी राजेंद्र मिश्रा ने कहा कि एस्ट्रोटर्फ के निर्माण और संचालन के लिए कोई वैधानिक अनुमति नहीं थी। इसी कारण नियमानुसार इसे हटाया गया है। उन्होंने कहा कि नगर में यदि अन्य स्थानों पर भी बिना अनुमति निर्माण पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ भी इसी प्रकार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य नियमों का पालन सुनिश्चित करना है। अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
मौके पर मौजूद रहे प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी
कार्रवाई के दौरान एसडीएम सत्यनारायण दर्रो, एसडीओपी अर्चना रावत, तहसीलदार केसिया सोलंकी, सीएमओ राजेंद्र मिश्रा, पटवारी नारायण दस्साने सहित बड़ी संख्या में नगर पालिका कर्मचारी मौजूद रहे। थाना प्रभारी धर्मेंद्र यादव के नेतृत्व में भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया। अधिकारियों की मौजूदगी में पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। प्रशासन ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए थे। किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति सामने नहीं आई।
नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की सजा, बालाघाट कोर्ट ने लगाया ₹10 हजार का जुर्माना
जनप्रतिनिधियों और संगठनों ने रखी अपनी मांग
विधायक सचिन बिरला ने कहा कि नगर में बिना अनुमति निर्माण के विरुद्ध कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। वहीं बजरंग दल और अन्य सामाजिक संगठनों ने संबंधित संपत्तियों की जांच कराने और नियमानुसार कार्रवाई की मांग की। उन्होंने प्रशासन से भविष्य में भी अवैध निर्माणों पर सख्त कार्रवाई करने की बात कही। कुछ संगठनों ने कार्रवाई में हुई देरी की जांच कराने की भी मांग उठाई। प्रशासन ने सभी मांगों पर नियमानुसार विचार करने की बात कही।
प्रशासन ने आगे भी कार्रवाई के दिए संकेत
प्रशासन का कहना है कि नगर में बिना अनुमति किए गए निर्माणों की लगातार समीक्षा की जा रही है। जहां भी नियमों का उल्लंघन मिलेगा, वहां वैधानिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि कानून सभी के लिए समान है और किसी भी अवैध निर्माण को संरक्षण नहीं दिया जाएगा। लोगों से भी निर्माण कार्य शुरू करने से पहले आवश्यक अनुमति लेने की अपील की गई है। नगर पालिका ने स्पष्ट किया है कि अभियान आगे भी जारी रहेगा।
Edited By: Rohit Sharma













