PoK और सिंध का जिक्र कर बोले CM योगी- 1947 में देश की कीमत पर सत्ता चुनी गई, इतिहास से सबक लेने की जरूरत

लखनऊ में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1947 के भारत विभाजन को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने इस दिन को मानवता के इतिहास के सबसे काले अध्यायों में से एक बताया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 1947 में सत्ता हासिल करने के लिए सनातन राष्ट्र का विभाजन किया गया और करोड़ों लोगों को अपनी ही जन्मभूमि छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा।
‘सत्ता के लिए देश के टुकड़े किए गए’
सीएम योगी ने कहा कि 1947 का विभाजन केवल इतिहास की एक घटना नहीं है, बल्कि उससे आज भी सीख लेने की जरूरत है। उनके मुताबिक, उस समय सत्ता के लिए देश को बांट दिया गया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान समर्थकों ने जिन क्षेत्रों की मांग भी नहीं की थी, उन्हें भी पाकिस्तान के हिस्से में दे दिया गया। इसमें पंजाब और बंगाल के कई इलाके शामिल थे। योगी ने सिंध का भी जिक्र करते हुए कहा कि वहां हिंदू आबादी बड़ी संख्या में थी, इसके बावजूद उसे पाकिस्तान के हवाले कर दिया गया।
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‘करोड़ों लोगों को अपनी मातृभूमि छोड़नी पड़ी’
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विभाजन के दौरान करोड़ों हिंदुओं को अपनी जन्मभूमि और मातृभूमि छोड़कर विस्थापित होना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि इस दौरान बड़ी संख्या में हिंदू, बौद्ध, सिख और जैन समुदाय के लोगों को हिंसा का सामना करना पड़ा और लाखों लोगों की जान गई। उन्होंने कहा कि उस समय पीड़ित लोगों की सुनवाई करने वाला कोई नहीं था। लाखों परिवार बिखर गए और लोगों को अपनी संपत्ति, घर और जमीन छोड़कर दूसरी जगह जाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
‘जो 1947 में मौन थे, आज भी वही कर रहे’
योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 1947 में कुछ लोग सत्ता के लिए देश की कीमत चुकाने को तैयार थे और उस समय भी उनकी नजर सत्ता पर थी। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज भी कुछ राजनीतिक दल वोट बैंक की राजनीति के कारण महत्वपूर्ण मुद्दों पर चुप रहते हैं। उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं पर कथित अत्याचार की घटनाओं का जिक्र करते हुए विपक्ष पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की घटनाओं पर कुछ दल इसलिए प्रतिक्रिया नहीं देते क्योंकि उन्हें अपना वोट बैंक खिसकने का डर रहता है। योगी ने कहा कि ऐसे लोगों के लिए हिंदुओं की सुरक्षा से ज्यादा वोट बैंक महत्वपूर्ण हो गया है।
देश में किसी चीज की कमी नहीं थी - योगी आदित्यनाथ
सीएम योगी ने कहा कि भारत कभी कमजोर या संसाधनों से खाली देश नहीं था। उन्होंने सवाल उठाया कि जब देश में प्राकृतिक संसाधनों, ज्ञान और वैभव की कोई कमी नहीं थी तो फिर भारत गुलाम क्यों हुआ? उन्होंने कहा कि भारत से ज्यादा शक्तिशाली और वैभवशाली देश दुनिया में बहुत कम थे। इसके बावजूद लंबे समय तक विदेशी शासन रहा। योगी ने कहा कि देश के इतिहास को समझना और उससे सीख लेना जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी परिस्थितियां दोबारा पैदा न हों।
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस क्यों मनाया जाता है?
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस 1947 में भारत के विभाजन के दौरान हुई हिंसा, विस्थापन और मानवीय त्रासदी को याद करने के लिए मनाया जाता है। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा था। सीएम योगी ने कहा कि यह दिवस केवल अतीत को याद करने का दिन नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को इतिहास से सीख लेने का अवसर भी देता है। उन्होंने कहा कि देश की एकता, सामाजिक सौहार्द और राष्ट्रीय हित को सबसे ऊपर रखना जरूरी है।












