वायरल और ट्रोलिंग से बचने के लिए सोशल मीडिया पोस्ट को अब सीमित कर रहे यूजर्स

कुंभ में अनचाही रील से खत्म हो रही आध्यात्मिकता, शहरवासी बोले- ये ठीक नहीं
वायरल और ट्रोलिंग से बचने के लिए सोशल मीडिया पोस्ट को अब सीमित कर रहे यूजर्स

प्रीति जैन / IamBhopal। प्रयागराज कुंभ में देखा जा रहा है कि सोशल मीडिया पर रील बनाने के चक्कर में कई लोगों को परेशान किया जा रहा है, फिर वो चाहे हर्षा रिछारिया हो या फिर मोनालिसा। इन्हें कवरेज देते-देते कब लोग इन्हें ट्रोल करने पर पहुंच गए इन्हें खुद पता नहीं चला। शुरुआत में तो सभी को रील के जरिए पब्लिसिटी पाना अच्छा लगा लेकिन फिर जब न्यूज चैनलों से हटकर हर कोई मोबाइल लेकर इन्हें अपने कैमरे में कैद करने की कोशिश करने लगा तब इनकी परेशानी शुरू हो गई। यह परेशानी इन दिनों सभी के साथ आ रही है, क्योंकि लोगों से बिना पूछे कोई भी कभी भी वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर देता है और इससे दूसरे व्यक्ति की प्राइवेसी खत्म होती है। साथ ही कई बार उसे मेंटल ट्रामा से गुजरना पड़ता है। साइकोलॉजिस्ट्स के मुताबिक, रील बनाने के चक्कर में हम कई बार दूसरे की जान खतरे में डाल देते हैं।

बेटी और अपनी पोस्ट अब नहीं डालती

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही मोनलिसा से मैं साल 2021 में ओंकारेश्वर में मिली थी। मैंने उसकी तस्वीर उससे पूछकर ली थी, लेकिन अभी मैं देख रही हूं कि लोग उसके पीछे भाग रहे हैं और उसके जरिए खुद अपने व्यूज बढ़ाना चाहते हैं। यहां तक की उसके परिवार को भी नहीं छोड़ते हैं। यह गलत है, मुझे लगता है कि जिस व्यक्ति के साथ ऐसा हो रहा है, उसके पास यह अधिकार होना चाहिए कि वे सोशल मीडिया से अपनी सभी पोस्ट हटवा सके। इसके लिए भी कुछ कानून होना चाहिए। मैंने साल 2022 से अपने फोटोज सोशल मीडिया से हटा लिए हैं और अब मैं अपनी बेटी या अपने फोटोज पोस्ट नहीं कर रही हूं। लोग कई बार फोटो पोस्ट करने वाले को अलग ढंग से अप्रोच करने की कोशिश करने लगते हैं। - स्वाति नुवाल, आंत्रप्रेन्योर

प्राइवेसी के लिए पोस्ट डालना ही बंद कर दीं

मेरी बेटी को देखकर कई बार लोग उसे क्यूट बोलकर वीडियोज बनाने आ जाते हैं, लेकिन मैं इंकार कर देती हूं। यह गलत है कि जबरदस्ती बिना पूछे बच्चों को कैमरे में कैसे कैप्चर कर सकते हैं। मैंने अपनी दोनों बेटियों के वीडियोज सोशल मीडिया पर डालना बंद कर दिया क्योंकि अब एआई से भी जैसा चाहें फोटो को बदला जा रहा है। उनकी प्राइवेसी के लिए मैंने यह निर्णय लिया। - खुशबू शर्मा, अभिभावक

ट्रोलिंग करती है व्यक्ति का मानसिक शोषण

किसी व्यक्ति को अधिकार नहीं है कि वे माइक लेकर रिपोटर्स की तरह दूसरे व्यक्ति से सवाल-जवाब करने लग जाए। बस रील्स बनाने के लिए दूसरों को तंग करते हैं। इस तरह के लोगों के सवालों के जवाब न दें। हालांकि शुरुआत में वायरल होने में मजा आता है, लेकिन जब वे ट्रोलिंग पर पहुंच जाते हैं तो खुद परेशान होने लगते हैं। उल्टे-सीधे सवालों से परेशान व्यक्ति मेंटली शोषण का शिकार बनता है। - डॉ. शिखा रस्तोगी, साइकॉलोजिस्ट

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