
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर हमले से बाल-बाल बच गए। वॉशिंगटन में हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम के दौरान हुई फायरिंग ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि यह पहली बार नहीं है पिछले कुछ सालों में ट्रंप कई बार हमलों या हमले की कोशिशों का सामना कर चुके हैं।
26 अप्रैल 2026 को व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर के दौरान वॉशिंगटन के वॉशिंगटन हिल्टन में गोलियां चलने से हड़कंप मच गया। ट्रंप, मेलानिया ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस कार्यक्रम में मौजूद थे तभी एक हथियारबंद शख्स ने हमला करने की कोशिश की। सीक्रेट सर्विस ने तुरंत ट्रंप को सुरक्षित बाहर निकाला। आरोपी की पहचान कैलिफोर्निया निवासी कोल टॉमस एलन के रूप में हुई है। उसके पास कई हथियार थे। घटना में एक एजेंट घायल हुआ लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट ने उसकी जान बचा ली।
22 फरवरी 2026 को ट्रंप के निजी आवास मार-ए-लागो में एक 21 वर्षीय युवक घुस गया। कड़ी सुरक्षा के बावजूद यह सेंध बड़ी चूक मानी गई। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत उसे पकड़ लिया और खतरे को टाल दिया।
जुलाई 2024 में बटलर, पेंसिल्वेनिया में चुनावी रैली के दौरान ट्रंप पर गोली चलाई गई। हमलावर ने ऊंची इमारत से फायरिंग की जिसमें गोली ट्रंप के कान को छूते हुए निकल गई। यह अब तक का सबसे खतरनाक हमला माना जाता है।
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15 सितंबर 2024 को वेस्ट पाम बीच, फ्लोरिडा स्थित ट्रंप इंटरनेशनल गोल्फ क्लब में एक संदिग्ध को AK-47 के साथ पकड़ा गया। सुरक्षा एजेंसियों को शक था कि वह ट्रंप को निशाना बनाने आया था।
6 सितंबर 2017 मांडन, नॉर्थ डकोटा में एक हमलावर ने फोर्कलिफ्ट चुराकर ट्रंप के मोटरकेड को निशाना बनाने की कोशिश की। समय रहते उसे रोक लिया गया और बड़ी घटना टल गई।
18 जून 2016 को लास वेगास में एक व्यक्ति ने पुलिस अधिकारी की बंदूक छीनकर ट्रंप पर फायरिंग करने की कोशिश की। हालांकि मौके पर ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
12 मार्च 2016 को डेटन, ओहियो में एक रैली के दौरान एक व्यक्ति अचानक मंच की ओर दौड़ा। सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत उसे पकड़ लिया और ट्रंप तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया।
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विशेषज्ञों का मानना है कि आज के दौर में ‘लोन वुल्फ’ हमलावर, सोशल मीडिया से प्रभावित हिंसा और हाई-टेक हथियारों की उपलब्धता ने खतरे को और बढ़ा दिया है। इसके अलावा बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम जैसे रैलियां, डिनर या खेल आयोजन हमलावरों के लिए आसान लक्ष्य बन जाते हैं जहां हर व्यक्ति की गहन जांच करना चुनौतीपूर्ण होता है।