अमेरिका में डेमोक्रेट्स की जीत पर दुनिया की प्रतिक्रिया; तेहरान ने अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकंस को 'हार का सामना करने पर मजबूर' कर दिया : ईरान

तेहरान। ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ (अमेरिका से ईरान के मुख्य वार्ताकार भी हैं) ने कहा है कि अगर अमेरिकी सरकार अपनी जनता की इच्छा के साथ धोखा करती है तो उसे पता चल जाएगा कि हमारे 'नहीं' का मतलब एक बुरे सपने जैसा होता है। इससे पहले ईरान के अधिकारियों ने कहा था कि ईरान के खिलाफ यह जंग अमेरिका की अपनी जंग नहीं है, बल्कि अमेरिका इजराइल के इशारे पर काम कर रहा है। गालिबाफ का कहना है कि अब समय आ गया है कि अमेरिकी अपने खुद के हितों पर ध्यान दें। ईरान के आंतरिक मामलों के आयोग के उपाध्यक्ष का भी एक बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि आज अमेरिका में जो हुआ वह ईरानी राष्ट्र की जीत है। तेहरान में कुछ ऐसा ही माहौल है – लोगों का मानना है कि चुनाव में डेमोक्रेट्स नहीं जीते, बल्कि ईरान ने डोनाल्ड ट्रंप और रिपब्लिकन पार्टी को हार का सामना करने पर मजबूर कर दिया है।
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डेमोक्रेट्स की जीत के बाद भी अमेरिकी प्रशासन वैसा ही रहेगा : जर्मनी
जर्मनी के रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस ने कांग्रेस में डेमोक्रेट्स को उनकी "ऐतिहासिक जीत" पर बधाई दी है। हालांकि उन्होंने कहा कि अमेरिकी प्रशासन में कोई बदलाव नहीं आएगा और बर्लिन उनके साथ भरोसे की भावना के साथ सहयोग करना जारी रखेगा। बर्लिन सुरक्षा सम्मेलन में बोलते हुए पिस्टोरियस ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि निकट भविष्य के लिए राष्ट्रपति ट्रंप की क्या योजनाएं हैं लेकिन बर्लिन डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन, दोनों से संपर्क करेगा।
अमेरिका के साथ मिलकर काम करना जारी रखने के लिए तैयार: चीन
चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि मध्यावधि चुनाव अमेरिका का आंतरिक मामला है। चीन, अमेरिका के साथ मिलकर काम करना जारी रखने के लिए तैयार है। इसका उद्देश्य दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों के बीच बनी महत्वपूर्ण सहमति को लागू करना, संवाद को मजबूत करना, मतभेदों को सही ढंग से संभालना, सहयोग का विस्तार करना और सम्मान, निष्पक्षता तथा आपसी लाभ के सिद्धांतों पर आधारित एक रचनात्मक और रणनीतिक रूप से स्थिर चीन-अमेरिका संबंध बनाना है।
दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति ने कहा- नए युग की शुरुआत
दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति ने नतीजों को 'विश्व संबंधों में एक नए युग' की शुरुआत बताया है। राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने मध्यावधि चुनावों के नतीजों का स्वागत करते हुए कहा- हमने देखा है कि डेमोक्रेट्स ने सीनेट और हाउस (प्रतिनिधि सभा) पर नियंत्रण हासिल कर लिया है और अमेरिका की जनता ने अपना फैसला सुना दिया है। यह 'विश्व संबंधों में एक नए युग' की शुरुआत है।
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उन नीतियों के खिलाफ वोट दिया जो गरीब बनाती हैं :स्पेन
स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने X पर लिखा- अमेरिकी लोगों ने उन नीतियों के खिलाफ वोट दिया जो केवल लोगों को गरीब बनाती हैं। नफरत के खिलाफ, लिंग-भेद के खिलाफ, जलवायु परिवर्तन को नकारने के खिलाफ और अभिजात वर्ग के विशेषाधिकारों के खिलाफ।
ईयू को अपने पैरों पर खड़ा होना होगा
यूरोपीय संसद की उपाध्यक्ष क्रिस्टेल शालडेमोस ने X पर कहा, ऐसा इसलिए नहीं है कि अब सब कुछ बेहतर के लिए बदल जाएगा, बल्कि इसलिए है क्योंकि इससे यूक्रेन को मिलने वाले समर्थन, हरित बदलाव (ग्रीन ट्रांज़िशन) और बाकी दुनिया के साथ संबंधों को फायदा हो सकता है। लेकिन EU को और अधिक मजबूत बनने और अपने पैरों पर खड़े होने की दिशा में आगे बढ़ते रहना चाहिए। इस पर कोई बहस नहीं हो सकती।
रूस के राष्ट्रपति के निर्देशों के अनुसार अपना काम जारी रखेंगे
रूसी उप विदेश मंत्री सर्गेई रयाबकोव ने कहा है कि रूस के साथ संबंधों को लेकर डेमोक्रेटिक पार्टी के नेतृत्व का नज़रिया पूरी तरह से नकारात्मक है। इसमें कुछ भी नया नहीं है। यूक्रेन को लेकर हमारा सैद्धांतिक और स्थिर रुख किसी अल्पकालिक सोच पर आधारित नहीं है। जाहिर है, यह दूसरे देशों की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों पर भी निर्भर नहीं करती। हम रूसी संघ के राष्ट्रपति के निर्देशों के अनुसार अपना काम जारी रखेंगे।
जापान-अमेरिका गठबंधन विदेश और सुरक्षा नीति की आधारशिला
जापान के मुख्य कैबिनेट सचिव मिनोरू किहारा ने एक नियमित प्रेस ब्रीफिंग में कहा, इस चुनाव का नतीजा चाहे जो भी हो, जापान-अमेरिका गठबंधन जापान की विदेश और सुरक्षा नीति की आधारशिला है।
अंतरराष्ट्रीय मामलों में अपनी दखलंदाजी भी कम करें:फ्रांस
फ्रांस के वित्त मंत्री रोलैंड लेस्क्योर बोले कि वह (ट्रंप) विवादों से ऊपर उठने का फैसला करें, यह मानते हुए कि बदलाव जरूरी हैं। वह अंतरराष्ट्रीय मामलों में अपनी दखलंदाजी भी कम करें या फिर वह ऐसा न करें। सच कहूं तो, आने वाले दिनों में हमें इस बात पर नजर रखनी होगी।




















