सीनेट में बहुमत के बाद डेमोक्रेट्स का प्लान, समन और जांच से बढ़ेगी ट्रंप की मुश्किल, वीटो से रोक सकते हैं ट्रंप

वॉशिंगटन। सीनेट में बहुमत मिलने के बाद भी डेमोक्रेट्स के सामने चुनौती रहेगी, क्योंकि ट्रंप ने विपक्ष के कानूनों पर वीटो लगाने की चेतावनी दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि डेमोक्रेट्स के नेतृत्व वाली कांग्रेस जांच के लिए अपनी संवैधानिक शक्तियों का सक्रिय इस्तेमाल करेगी। वे समन जारी करने की शक्ति का इस्तेमाल करेंगे, कांग्रेस की जांच के लिए व्हाइट हाउस की मंजूरी जरूरी नहीं है। अमेरिका के लिए ईरान से बाहर निकलने की रणनीति खोजना सबसे अहम होगा। कांग्रेस अब तक ईरान ऑपरेशन पर सवाल नहीं उठा पाई, लेकिन अब डेमोक्रेट्स यही काम करेंगे। इस चुनाव के परिणामों से ट्रंप का राजनीतिक प्रभाव नए निचले स्तर पर पहुंच गया है, मतदाता checks and balances चाहते हैं।
यह भी पढ़े: ट्रंप की विदेश नीति को 'बड़ी हार' का सामना करना पड़ा, महंगाई और ईरान युद्ध बने हार की वजह
ट्रंप वीटो करेंगे तो बढ़ेगी लड़ाई
सीनेट में बहुमत मिलने के बाद भी डेमोक्रेट्स के सामने चुनौती रहेगी। ट्रंप पहले ही कह चुके हैं कि अगर विपक्ष कोई कानून पास करता है तो वे उस पर वीटो लगा देंगे (यानी वे उस कानून को लागू होने से रोक सकते हैं)। एक्सपर्ट्स के मुताबिक डेमोक्रेट्स अब ऐसे कानून लाने की कोशिश कर सकते हैं, जिनसे 2028 में अगर उनकी पार्टी का राष्ट्रपति बनता है तो उसे काम करने में आसानी हो। हालांकि, ट्रंप ने डेमोक्रेट्स की जीत पर उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा - मैं डेमोक्रेट्स को बधाई देता हूं। उम्मीद है कि हम देश की भलाई के लिए मिलकर काम करेंगे।
यह भी पढ़े: ट्रंप को मिड टर्म में सेटबैक, इससे दुनिया को कई मुद्दों पर मिल सकती है राहत, जानें भारत पर क्या होगा असर
समन जारी करने के अधिकार का उपयोग करेंगे
जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी के गवर्नमेंट अफेयर्स इंस्टीट्यूट की सीनियर फेलो लॉरा ब्लेसिंग का मानना है कि डेमोक्रेट्स के नेतृत्व वाली कांग्रेस जांच करने के लिए अपनी संवैधानिक शक्तियों का सक्रिय रूप से इस्तेमाल करेगी। उन्होंने कहा- समय और मीडिया कवरेज के लिहाज से डेमोक्रेट्स की तरफ से सबसे ज्यादा हलचल यहीं देखने को मिलेगी। सीनेटर रिचर्ड ब्लुमेंथल फिलहाल सीनेट की 'परमानेंट सब-कमेटी ऑन इन्वेस्टिगेशंस' में सबसे वरिष्ठ डेमोक्रेट हैं। मतदान के बाद, उनके इस समिति का अध्यक्ष बनने की उम्मीद है। उन्होंने कहा- हम निश्चित रूप से अपनी 'सपोना' (समन जारी करने) की शक्ति का इस्तेमाल करेंगे। कांग्रेस द्वारा की जाने वाली जांच के लिए व्हाइट हाउस की मंजूरी की जरूरत नहीं होती, इससे ट्रंप की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। हालांकि, एक बड़ा सवाल यह भी है कि क्या सभी लोग इसमें सहयोग करेंगे या नहीं। ट्रंप प्रशासन के अधिकारी भविष्य में सीनेट द्वारा जारी किए जाने वाले समन को अदालत में चुनौती दे सकते हैं, जिससे जांच की प्रक्रिया महीनों या सालों तक लटक सकती है।
डेमोक्रेट्स ईरान युद्ध पर सवाल पूछना शुरू करेंगे
रिपब्लिकन राजनीतिक रणनीतिकार एमी फ्रेडरिकसेन का मानना है कि इस प्रशासन के लिए ईरान से बाहर निकलने की रणनीति (एग्जिट स्ट्रेटेजी) खोजना सबसे अहम हो जाएगा। उन्होंने कहा- मुझे लगता है कि इस बात की भी संभावना है कि कांग्रेस, राष्ट्रपति के साथ मिलकर इस रणनीति पर काम करे। उन्होंने आगे कहा- वहां चल रहे ऑपरेशन पर कांग्रेस ने अब तक लगभग कोई सवाल नहीं उठाया है। कांग्रेस अमेरिकी लोगों का प्रतिनिधित्व करती है।
परमाणु संपन्न ईरान का विरोध लेकिन झूठ नहीं चाहिए
फ्रेडरिकसेन ने कहा कि ज्यादातर अमेरिकी कभी भी परमाणु संपन्न ईरान का समर्थन नहीं करेंगे और न ही ऐसा कुछ देखना चाहेंगे। उन्होंने जोड़ा कि युद्ध में उतरने के पीछे दिए गए कारणों में से एक कारण यही था। ट्रंप प्रशासन लगातार यह कहता रहा कि युद्ध जल्द ही खत्म हो जाएगा, जबकि पिछले कुछ महीनों में यह युद्ध खिंचता ही चला गया। हमें बस ऐसी बातें बताई जाती रहीं जो सच नहीं थीं। जिस संस्था को निगरानी करनी चाहिए, जिस संस्था को सवाल पूछने चाहिए, वह कांग्रेस है। अब डेमोक्रेट्स यही काम करेंगे।
ट्रंप का राजनीतिक प्रभाव निचले स्तर पर
राष्ट्रपति ट्रंप का राजनीतिक प्रभाव उनके अंतिम कार्यकाल के खत्म होने से लगभग दो साल पहले ही नए निचले स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिकी मतदाता checks and balances चाहते हैं।




















