ट्रंप की विदेश नीति को 'बड़ी हार' का सामना करना पड़ा, महंगाई और ईरान युद्ध बने हार की वजह

वॉशिंगटन। अमेरिकी मिडटर्म चुनावों में ट्रंप के विदेश नीति एजेंडे को बड़ी हार मिली है। आमतौर पर मिडटर्म विदेश नीति पर जनमत संग्रह नहीं होते, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। इस चुनाव में ईरान युद्ध, ईंधन की कीमतें, खाने-पीने की चीजों की महंगाई और आवास की बढ़ती कीमतें मुख्य मुद्दे बने। मतदाताओं ने अंतरराष्ट्रीय मामलों को अपने निजी खर्च और आर्थिक बोझ से जोड़कर देखा और ट्रंप को साफ संदेश दिया कि वे बदलाव चाहते हैं। हालांकि अगले दो सालों में ट्रंप को बाधाओं का सामना करना पड़ेगा, फिर भी उनके पास काफी अधिकार रहेंगे।
यह चुनाव एक अपवाद था
चैथम हाउस में 'यूएस एंड नॉर्थ अमेरिका प्रोग्राम' की निदेशक लॉरेल रैप का कहना है कि अमेरिकी मध्यावधि चुनावों (मिडटर्म इलेक्शन) में ट्रंप के विदेश नीति एजेंडे को एक बड़ी हार का सामना करना पड़ा है। रैप ने अल जजीरा से कहा कि आमतौर पर मध्यावधि चुनाव राष्ट्रपति की विदेश नीति पर कोई जनमत संग्रह नहीं होते हैं, लेकिन यह चुनाव एक अपवाद था। इसमें ईरान, ईंधन की कीमतें, खाने-पीने की चीजों की कीमतें और इस युद्ध से जुड़ी महंगाई के कारण आवास की बढ़ती कीमतों जैसे मुद्दे शामिल थे। उन्होंने कहा कि मतदाता ट्रंप प्रशासन के अंतरराष्ट्रीय मामलों को अपने निजी खर्चों और आर्थिक बोझ से जोड़कर देख रहे थे। मतदाताओं ने राष्ट्रपति के सामने एक बहुत ही स्पष्ट फैसला रखा है कि वे बदलाव देखना चाहते हैं। रैप ने कहा कि भले ही अगले दो वर्षों में वैश्विक मामलों को संभालने में ट्रंप को कुछ बाधाओं का सामना करना पड़े फिर भी उनके पास काफी अधिकार होंगे। राष्ट्रपति के पास अभी भी यह छूट है कि वे दूसरे देशों के साथ संबंधों को लेकर एकतरफा फैसले लें, अपनी मर्जी से अमेरिकी सैनिकों को कहीं भी भेजें और युद्ध जारी रखें।
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विदेश नीति के मामले में ट्रंप का रुख अभी भी अनिश्चित है
डेमोक्रेट्स की जीत की लहर पर प्रतिक्रिया देते हुए फ्रांस के वित्त मंत्री रोलैंड लेस्क्योर ने चेतावनी दी है कि विदेश नीति की कमान अभी भी ट्रंप के हाथों में है। फ्रांसीसी टीवी चैनल BFM से बात करते हुए लेस्क्योर ने कहा- या तो वह विवादों से ऊपर उठने का फैसला करें, यह मानते हुए कि बदलाव जरूरी हैं, खासकर पेट्रोल की कीमतों को लेकर, जिनका सीधा असर लोगों पर पड़ता है और साथ ही वे अंतरराष्ट्रीय मामलों में अपनी दखलंदाजी को भी कम करें या फिर वे ऐसा न करें।

टेक्सास में डेमोक्रेट समर्थक खुशी मनाते हुए।
अमेरका में महंगाई का भी असर पड़ा
इस चुनाव की एक प्रभाव डालने वाले फैक्टर हैं- लगभग हर चीज की बढ़ती कीमतें, सीधे तौर पर दुनिया के बाकी हिस्सों में हो रही घटनाएं, खासकर ईरान में चल रहे युद्ध। अमेरिका के किसी भी हिस्से में मतदाताओं ने महंगाई, ईंधन की कीमतों और खाने-पीने के सामान की बढ़ती लागत को लेकर काफी निराशा दिखाई। यही निराशा वोटों के रूप में सामने आई है।
रिपब्लिकन पार्टी की हार के लिए फॉक्स न्यूज जिम्मेदार: ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति ने न्यूयॉर्क के पूर्व मेयर बिल डी ब्लासियो को अपने चैनल पर जगह देने के लिए फॉक्स न्यूज की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने डी ब्लासियो को शहर के इतिहास का सबसे खराब मेयर बताया। उन्होंने 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा, इन हार के लिए फॉक्स न्यूज जिम्मेदार है, क्योंकि उसने लगातार डेमोक्रेटिक पार्टी के विपक्ष को (जिसे वे अक्सर अपमानजनक तरीके से 'डमोक्रेट' कहते हैं) और उससे भी बुरे लोगों को अपने चैनल पर जगह दी है।




















