US Iran Conflict:सीजफायर के बाद फिर भड़की जंग, 24 घंटे में अमेरिका का ईरान पर दूसरा बड़ा हमला

सीजफायर के बावजूद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका ने 24 घंटे के भीतर दूसरी बार ईरान पर बड़ा सैन्य हमला किया है। अमेरिकी सेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास ईरानी सैन्य ठिकानों, ड्रोन स्टोरेज, एयर डिफेंस सिस्टम और कम्युनिकेशन नेटवर्क को निशाना बनाया। 
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सीजफायर के बाद फिर भड़की जंग, 24 घंटे में अमेरिका का ईरान पर दूसरा बड़ा हमला

मिडिल ईस्ट में एक बार फिर हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। सीजफायर के बावजूद अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव फिर तेज हो गया है। अमेरिका ने शनिवार को लगातार दूसरे दिन ईरान पर बड़ा हमला किया। यह कार्रवाई स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास हुए ड्रोन हमले के बाद की गई। अमेरिकी सेना का कहना है कि ईरान ने युद्धविराम समझौते का उल्लंघन किया, इसलिए जवाबी कार्रवाई करना जरूरी हो गया। इस हमले के बाद पूरे इलाके में तनाव बढ़ गया है और दुनिया की नजरें एक बार फिर अमेरिका और ईरान के रिश्तों पर टिक गई हैं।

24 घंटे के अंदर अमेरिका का दूसरा बड़ा हमला

अमेरिकी सेना ने शनिवार को ईरान के कई अहम सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। यह हमला पिछले 24 घंटे में दूसरा बड़ा ऑपरेशन माना जा रहा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर यह सैन्य कार्रवाई की गई। इस दौरान ईरान के सैन्य निगरानी सिस्टम (Military Surveillance Infrastructure), संचार नेटवर्क (Communication Systems), एयर डिफेंस सिस्टम, ड्रोन स्टोरेज सेंटर और समुद्री बारूदी सुरंग (Sea Mines) बिछाने की क्षमताओं को निशाना बनाया गया।

अमेरिका का कहना है कि इन ठिकानों का इस्तेमाल समुद्री सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने और अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर हमले करने के लिए किया जा रहा था।

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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्यों है इतना महत्वपूर्ण?

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। दुनिया का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) का इसी रास्ते से गुजरता है। यदि यहां तनाव बढ़ता है तो इसका असर पूरी दुनिया की तेल सप्लाई और कीमतों पर पड़ सकता है। इसी वजह से अमेरिका लंबे समय से इस क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी बनाए हुए है। अमेरिकी सेना का कहना है कि इस समुद्री मार्ग पर व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा उसकी प्राथमिकता है।

तेल टैंकर पर ड्रोन हमले के बाद बढ़ा विवाद

अमेरिका के अनुसार शनिवार सुबह करीब 4:30 बजे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास पनामा के झंडे वाले तेल टैंकर एम/टी किकु (M/T Kiku) पर ड्रोन हमला किया गया। बताया गया कि यह जहाज दो मिलियन से अधिक बैरल कच्चा तेल लेकर गुजर रहा था। अमेरिका ने इस हमले के लिए सीधे ईरान को जिम्मेदार ठहराया।

इससे पहले 25 जून को सिंगापुर के झंडे वाले मालवाहक जहाज एम/वी एवर लवली (M/V Ever Lovely) पर भी ड्रोन हमला हुआ था। अमेरिका ने उस घटना के लिए भी ईरान को जिम्मेदार बताया था और उसी के जवाब में शुक्रवार को पहली सैन्य कार्रवाई की थी।

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पहले भी किए गए थे मिसाइल-ड्रोन ठिकानों पर हमले

अमेरिकी सेना ने शुक्रवार को भी ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की थी। उस दौरान मिसाइल स्टोरेज सेंटर, ड्रोन भंडारण केंद्र, रडार सिस्टम और एयर डिफेंस से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया था। अमेरिका का कहना था कि उसने पहली कार्रवाई के बाद ईरान को युद्धविराम का सम्मान करने का मौका दिया था, लेकिन इसके बावजूद ईरान की ओर से फिर ड्रोन हमला किया गया। इसी वजह से दूसरी बार सैन्य कार्रवाई करनी पड़ी।

ईरान के सिरिक शहर में सुनाई दिए धमाके

ईरान के सरकारी मीडिया IRIB ने सैन्य सूत्रों के हवाले से बताया कि दक्षिणी शहर सिरिक के पास तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं। रिपोर्ट के अनुसार कई प्रोजेक्टाइल एक दूरसंचार टावर से टकराए। हालांकि इस घटना में कितना नुकसान हुआ और कितने लोग प्रभावित हुए, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

CENTCOM ने क्या कहा?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने अपने बयान में कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से लगातार व्यापारिक जहाजों की आवाजाही जारी है और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना अमेरिका की जिम्मेदारी है। CENTCOM ने कहा कि अमेरिकी सेना पूरी तरह सतर्क है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।

जेडी वेंस ने ईरान को दी चेतावनी

तनाव बढ़ने के बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी ईरान को सख्त चेतावनी दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि ईरान ने युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर किए थे और अमेरिका ने उसका पूरी तरह पालन किया। लेकिन अगर ईरान समझौते का उल्लंघन करता रहा तो उसे इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

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ट्रंप का सख्त संदेश

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान अपनी आक्रामक गतिविधियां नहीं रोकता तो उसे गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ सकता है। ट्रंप ने साफ कहा कि अमेरिका अपने सहयोगी देशों और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा।

फिलहाल दोनों देशों की ओर से कड़े बयान जारी हैं और दुनिया इस बात पर नजर बनाए हुए है कि आने वाले दिनों में हालात शांत होंगे या फिर यह टकराव और बड़ा रूप लेगा।

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Garima Vishwakarma
By Garima Vishwakarma

गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

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