शहर से 15 किलोमीटर दूर शिफ्ट किया स्कूल, छात्राओं के साथ अभिभावकों ने कलेक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन, सीहोर में भी शिफ्टिंग का विरोध

उज्जैन। सराफा स्कूल को दाऊदखेड़ी में शिफ्ट करने के खिलाफ छात्राओं और अभिभावकों ने कलेक्ट्रेट का घेराव कर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्राएं बेहोश हो गईं, जबकि एक छात्रा रोने लगी। छात्राओं ने कहा कि स्कूल को शहर से करीब 12-15 किलोमीटर दूर दाऊदखेड़ी शिफ्ट किया जा रहा है। इससे उन्हें रोजाना आने-जाने में परेशानी होगी और प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
सुरक्षा और परिवहन को लेकर छात्राओं की चिंता
प्रदर्शन में शामिल छात्राओं ने स्कूल को शहर से बाहर ले जाने के फैसले का विरोध किया। उनका कहना था कि दाऊदखेड़ी तक रोजाना पहुंचने में परेशानी होगी। खासकर छात्राओं के लिए सुरक्षा और परिवहन को लेकर चिंता है। प्रदर्शन के दौरान दो छात्राएं बेहोश हो गईं, जिन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। छात्राओं ने स्कूल को दाऊदखेड़ी शिफ्ट करने का फैसला वापस लेने की मांग की।
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अभिभावकों ने भी जताई आने-जाने की परेशानी
प्रदर्शन में कई अभिभावक भी शामिल हुए। उन्होंने दाऊदखेड़ी तक स्कूल पहुंचने में सुरक्षा, परिवहन और रोजाना आने-जाने की परेशानियों को लेकर चिंता जताई। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल को शहर से बाहर ले जाने से विद्यार्थियों और उनके परिवारों पर रोजाना आने-जाने का अतिरिक्त दबाव पड़ेगा। शिक्षा संघर्ष समिति के एडवोकेट जितेंद्र सेंगर ने भी स्कूल शिफ्टिंग के फैसले पर सवाल उठाए।
जिला स्तरीय मॉनिटरिंग समिति लेगी अंतिम निर्णय
एडवोकेट जितेंद्र सेंगर ने कहा कि आरटीई एक्ट में बच्चों के निवास स्थान से स्कूल की दूरी को लेकर प्रावधान हैं। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी महेंद्र खत्री ने कहा कि स्कूल शिफ्टिंग शासन का निर्णय है। स्कूलों से संबंधित प्रस्ताव शासन को भेजे गए थे। उन्होंने बताया कि इस मामले में जिला स्तरीय मॉनिटरिंग समिति अंतिम निर्णय लेगी। फिलहाल सराफा स्कूल को दाऊदखेड़ी शिफ्ट करने के मामले में अंतिम फैसला समिति को लेना है।
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सीहोर में भी बच्चे, बोले- दो किलोमीटर दूर दूसरे स्कूल में मर्ज किया तो हम स्कूल जाना ही छोड़ देंगे
सीहोर। सर, हमारे स्कूल को यदि 2 किमी दूर दूसरे स्कूल में मर्ज किया तो हम स्कूल जाना ही छोड़ देंगे। यह बात शुक्रवार को कलेक्ट्रेट और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में अपने मम्मी-पापा के साथ पहुंचे बच्चों ने डिप्टी कलेक्टर और बड़े बाबू से कहीं। बच्चे अपने हाथों में बेनर-पोस्टर भी लेकर खड़े दिखाई दिए। समाजसेवी और कांग्रेस नेता आजम लाला के नेतृत्व में अभिभावकों और बच्चों ने डिप्टी कलेक्टर और डीईओ कार्यालय के बाबू को ज्ञापन देकर वार्ड-26 स्थित शासकीय प्राथमिक शाला, गोहापुरा कस्बा को यथावत रखने अथवा किसी पास के स्कूल में मर्प करने की मांग उठाई।

पुराना स्कूल भवन क्षतिग्रस्त, 61 बच्चे पढ़ते हैं
शासकीय प्राथमिक शाला नगर पालिका के सामुदायिक भवन में संचालित किया जा रहा था। स्कूल भवन काफी पुराना एवं क्षतिग्रस्त होने के कारण इसका संचालन दूसरी जगह किया जा रहा है। इसमें वार्ड 30, 31, 32 एवं 33 के करीब 61 छोटे बच्चे पढ़ते हैं। अब इस स्कूल को शासकीय माध्यमिक शाला सरदार पटेल में मर्ज किए जाने की कार्यवाही प्रस्तावित की गई है। सरदार पटेल विद्यालय गोहापुरा क्षेत्र से 2 किमी से अधिक दूरी पर स्थित है। छोटे बच्चों के लिए इतनी अधिक दूरी पर स्कूल जाना कठिन है। पैरेंट्स का कहना था कि इस स्कूल को शासकीय माध्यमिक शाला सिपाहीपुरा, भोपाली फाटक तथा शासकीय माध्यमिक शाला टैगोर में मर्ज किया जा सकता है। यह दोनों विद्यालय अपेक्षाकृत अधिक नजदीक एवं सुविधाजनक हैं।












