'हिंसा का जवाब हिंसा से मिलेगा'...ईरान को जेडी वेंस की सख्त चेतावनी

ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम लागू होने के बावजूद पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। होर्मुज स्ट्रेट में एक कार्गो जहाज पर ड्रोन हमला होने के बाद अमेरिका ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की है। इसके बाद दोनों देशों के बीच एक बार फिर टकराव की स्थिति बन गई है।
जेडी वेंस की ईरान को कड़ी चेतावनी
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान को सख्त संदेश देते हुए कहा कि अगर किसी मुद्दे पर विवाद है तो बातचीत का रास्ता अपनाया जाना चाहिए, लेकिन हिंसा का जवाब हिंसा से ही दिया जाएगा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि ईरान ने युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर किए थे और अमेरिका ने उसका सम्मान किया। ऐसे में अगर कोई समस्या है तो संवाद किया जाना चाहिए, न कि सैन्य कार्रवाई। वेंस ने कहा कि अगर किसी बात से परेशानी है तो बातचीत कीजिए, लेकिन अगर हिंसा करेंगे तो उसका जवाब भी उसी तरह मिलेगा।
ट्रंप बोले- ईरान अब भी खतरा पैदा कर सकता है
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हालिया हमलों के बाद ईरान की सैन्य ताकत काफी कमजोर हुई है, लेकिन उसके पास अब भी कुछ क्षमता मौजूद है। ट्रंप के मुताबिक, ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में एक बड़े जहाज पर चार ड्रोन से हमला किया था। इनमें से तीन ड्रोन को मार गिराया गया, लेकिन एक ड्रोन जहाज से टकरा गया, जिससे नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हालांकि जब उनसे आगे की कार्रवाई को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि आपको जल्द ही पता चल जाएगा।
कार्गो जहाज पर हमले के बाद अमेरिका की जवाबी कार्रवाई
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, 25 जून को सिंगापुर के झंडे वाले कार्गो जहाज एम/वी एवर लवली (M/V Ever Lovely) पर ड्रोन हमला किया गया था। उस समय जहाज ओमान के तट के पास होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहा था। अमेरिका का आरोप है कि यह हमला ईरान ने किया और यह युद्धविराम समझौते का उल्लंघन था।
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इसके अगले दिन अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान के दक्षिणी तटीय क्षेत्रों में मौजूद मिसाइल और ड्रोन भंडारण केंद्रों, सैन्य सुविधाओं और तटीय रडार सिस्टम को निशाना बनाया। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य केवल ईरान की सैन्य क्षमता को सीमित करना था।
शिपिंग कॉरिडोर को लेकर भी विवाद
जिस क्षेत्र में जहाज पर हमला हुआ, वह संयुक्त राष्ट्र और ओमान द्वारा सुरक्षित समुद्री मार्ग के रूप में चिन्हित किया गया है। हालांकि ईरान इस कॉरिडोर को पूरी तरह स्वीकार नहीं करता। ईरान पहले भी कह चुका है कि जहाजों को उसके द्वारा निर्धारित मार्ग से गुजरना चाहिए। ईरान ने लारक द्वीप के पास अपना अलग शिपिंग कॉरिडोर बनाया हुआ है और उसका दावा है कि सुरक्षित आवाजाही के लिए उसी मार्ग का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
ईरान ने भी किया पलटवार
अमेरिका के हमलों के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई की। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, दक्षिणी शहर सीरिक के पास स्थित एक बंदरगाह क्षेत्र पर हमला किया गया था, जिसके बाद ईरानी नौसेना ने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। हालांकि दोनों देशों ने अभी तक अपने-अपने हमलों से हुए नुकसान का पूरा विवरण सार्वजनिक नहीं किया है।
होर्मुज स्ट्रेट में फिर बढ़ी चिंता
ताजा घटनाक्रम के बाद होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। संयुक्त राष्ट्र की अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) ने सुरक्षा कारणों से नाविकों और जहाजों को सुरक्षित निकालने का अभियान अस्थायी रूप से रोक दिया है। वहीं, अमेरिका का कहना है कि उसकी नौसेना अब भी इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों को सुरक्षा और मार्गदर्शन दे रही है ताकि वैश्विक व्यापार प्रभावित न हो।
हालांकि, जहाज पर हुए हालिया हमले ने साफ संकेत दिया है कि युद्धविराम के बावजूद होर्मुज स्ट्रेट में तनाव और खतरा अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।











