नई दिल्ली। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा मानी जाने वाली सिविल सेवा परीक्षा 2025 (UPSC CSE 2025) का अंतिम परिणाम जारी कर दिया है। इस बार राजस्थान के रावतभाटा के रहने वाले अनुज अग्निहोत्री ने पूरे देश में पहला स्थान हासिल कर इतिहास रच दिया है। आयोग ने परिणाम अपनी आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर जारी किया है, जहां उम्मीदवार मेरिट लिस्ट की PDF डाउनलोड कर अपना नाम या रोल नंबर चेक कर सकते हैं।
इस साल कुल 958 उम्मीदवारों को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS), भारतीय विदेश सेवा (IFS) सहित विभिन्न केंद्रीय सेवाओं के लिए चुना गया है। यह परीक्षा हर साल लाखों युवाओं का सपना होती है, लेकिन अंतिम चयन केवल कुछ सौ उम्मीदवारों का ही होता है। ऐसे में टॉप-10 में जगह बनाना बेहद बड़ी उपलब्धि माना जाता है।
इस साल की सिविल सेवा परीक्षा में कई राज्यों के प्रतिभाशाली छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया। नीचे टॉप-10 उम्मीदवारों की सूची दी गई है-
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रैंक |
नाम |
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1 |
अनुज अग्निहोत्री |
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2 |
राजेश्वरी सुवे एम |
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3 |
अकांश ढुल |
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4 |
राघव झुनझुनवाला |
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5 |
ईशान भटनागर |
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6 |
ज़िनिया अरोड़ा |
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7 |
ए आर राजा मोहिद्दीन |
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8 |
पक्षल |
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9 |
आस्था जैन |
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10 |
उज्ज्वल प्रियांक |
UPSC ने फिलहाल उम्मीदवारों के अंकों (Marks) की घोषणा नहीं की है। आयोग के मुताबिक, रिजल्ट जारी होने के 15 दिनों के भीतर वेबसाइट पर सभी उम्मीदवारों के अंक उपलब्ध करा दिए जाएंगे।
UPSC 2025 में ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल करने वाले अनुज अग्निहोत्री राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के रावतभाटा के रहने वाले हैं। उनकी सफलता की कहानी मेहनत और निरंतर प्रयास का बेहतरीन उदाहरण है।
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पारिवारिक पृष्ठभूमि
पिता: केबी अग्निहोत्री
पेशा: राजस्थान परमाणु बिजलीघर में कार्यरत
माता: मंजू अग्निहोत्री (गृहिणी)
अनुज की शुरुआती पढ़ाई रावतभाटा परमाणु ऊर्जा केंद्रीय विद्यालय से हुई। 12वीं कक्षा में उन्होंने 94 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। इसके बाद वे उच्च शिक्षा के लिए जोधपुर चले गए, जहां उन्होंने एम्स से एमबीबीएस की पढ़ाई की। MBBS पूरा करने के बाद उन्होंने DANICS (Central Civil Services Group-B) सेवा जॉइन की थी।
दिलचस्प बात यह है कि अनुज अग्निहोत्री पहले भी दो बार UPSC परीक्षा पास कर चुके हैं। पहले प्रयास में उन्होंने UPSC 2023 में सफलता हासिल की थी। इसके बाद उन्हें दिल्ली में SDM के पद पर नियुक्ति मिली थी। इस बार उन्होंने अपनी रैंक में बड़ा सुधार करते हुए ऑल इंडिया टॉप किया है।
UPSC सिविल सेवा परीक्षा के जरिए देश की सबसे प्रतिष्ठित सेवाओं में अधिकारियों का चयन होता है। इस साल कई सेवाओं के लिए अलग-अलग पद तय किए गए हैं।
IAS के लिए पद
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श्रेणी |
पद |
|
सामान्य |
74 |
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ओबीसी |
47 |
|
एससी |
28 |
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ईडब्ल्यूएस |
18 |
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एसटी |
13 |
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कुल |
180 |
IFS (भारतीय विदेश सेवा) के लिए पद
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श्रेणी |
पद |
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सामान्य |
22 |
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ओबीसी |
15 |
|
एससी |
8 |
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ईडब्ल्यूएस |
6 |
|
एसटी |
4 |
|
कुल |
55 |
इनके अलावा IPS और कई अन्य ग्रुप-A और ग्रुप-B केंद्रीय सेवाओं के लिए भी चयन किया गया है।
UPSC परीक्षा को देश की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में गिना जाता है। यह तीन चरणों में आयोजित होती है।
1. प्रारंभिक परीक्षा (Prelims)
यह पहला चरण होता है। इसमें दो पेपर होते हैं-
इस चरण में केवल क्वालिफाई करना होता है। इसके बाद उम्मीदवार मुख्य परीक्षा के लिए चुने जाते हैं।
2. मुख्य परीक्षा (Mains)
यह दूसरा और सबसे कठिन चरण माना जाता है। इसमें कई लिखित पेपर होते हैं-
मुख्य परीक्षा में प्राप्त अंक अंतिम मेरिट में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
3. इंटरव्यू (Personality Test)
मेन परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों को पर्सनैलिटी टेस्ट या इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है। इसमें उम्मीदवार की सोच, निर्णय क्षमता, व्यक्तित्व, सामाजिक और प्रशासनिक समझ को परखा जाता है।
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UPSC 2025 परीक्षा का पूरा कार्यक्रम इस प्रकार रहा-
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चरण |
तारीख |
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प्रीलिम्स परीक्षा |
25 मई 2025 |
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मुख्य परीक्षा |
22 अगस्त - 31 अगस्त 2025 |
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इंटरव्यू |
दिसंबर 2025 - 27 फरवरी 2026 |
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अंतिम परिणाम |
6 मार्च 2026 |
इन सभी चरणों के बाद आयोग ने अंतिम मेरिट लिस्ट जारी की।
इस साल UPSC से जुड़ी एक और बड़ी खबर सामने आई है।
कैडर सिस्टम में क्या बदलाव हुआ
पहले देश के सभी 25 कैडर को 5 जियोग्राफिकल जोन में बांटा गया था-
लेकिन नई नीति में इन्हें अल्फाबेटिकल ऑर्डर (A, B, C...) में चार ग्रुप में बांटा गया है।
ग्रुप-I
AGMUT (दिल्ली व केंद्र शासित प्रदेश), आंध्र प्रदेश, असम-मेघालय, बिहार, छत्तीसगढ़
ग्रुप-II
गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश
ग्रुप-III
महाराष्ट्र, मणिपुर, नागालैंड, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, तमिलनाडु
ग्रुप-IV
तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल
नई व्यवस्था के तहत अब उम्मीदवारों को अलग-अलग राज्यों में नियुक्ति मिलने की संभावना बढ़ जाएगी।
सिविल सेवा परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवार देश की कई प्रतिष्ठित सेवाओं में शामिल होते हैं-
इन सेवाओं में चयनित अधिकारी देश के प्रशासन, कानून-व्यवस्था और नीति निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
UPSC सिविल सेवा परीक्षा को भारत की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है। हर साल लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में बैठते हैं, लेकिन अंतिम चयन कुछ सौ उम्मीदवारों का ही होता है।