Gold-Silver Price Today:सोना ₹5373 सस्ता होकर ₹1.47 लाख पर पहुंचा, चांदी ₹12655 टूटी; ऑल टाइम हाई से ₹29 हजार सस्ता हुआ गोल्ड

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ग्लोबल बाजारों में अनिश्चितता के बीच सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। निवेशकों की ओर से बाजार से पैसा निकालकर कैश होल्ड करने की रणनीति अपनाने का असर बुलियन मार्केट पर साफ दिखाई दे रहा है। बुधवार को सोना और चांदी दोनों में भारी गिरावट दर्ज की गई।
सोना ₹5,373 टूटकर ₹1.47 लाख पर पहुंचा
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव आज 5,373 रुपए गिरकर करीब 1.47 लाख रुपए पर पहुंच गया। लगातार दूसरे हफ्ते सोने की कीमतों में कमजोरी बनी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते जियो-पॉलिटिकल तनाव की वजह से निवेशकों का रुख फिलहाल कैश और सुरक्षित लिक्विडिटी की ओर बढ़ रहा है, जिससे गोल्ड मार्केट पर दबाव बना हुआ है।
10 दिन में ₹30 हजार सस्ती हुई चांदी
चांदी की कीमतों में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली। 1 किलो चांदी का भाव 12,655 रुपए टूटकर 2.33 लाख रुपए पर आ गया। 31 मई को चांदी की कीमत 2.63 लाख रुपए थी। यानी सिर्फ 10 दिनों में ही चांदी करीब 30 हजार रुपए सस्ती हो चुकी है। इसी दौरान सोने की कीमतों में भी करीब 9 हजार रुपए की गिरावट दर्ज की गई है।
ये भी पढ़ें: मेटा और रिलायंस की बड़ी साझेदारी: जामनगर में बनेगा भारत का पहला AI- इनेबल्ड डेटा सेंटर
ऑल टाइम हाई से ₹29 हजार सस्ता हुआ सोना
इस साल की शुरुआत में सोने-चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली थी। 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोने का भाव 1.33 लाख रुपए था, जो 29 जनवरी 2026 को बढ़कर 1.76 लाख रुपए के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया था। हालांकि अब सोना अपने ऑल टाइम हाई से करीब 29 हजार रुपए सस्ता हो चुका है।
चांदी 130 दिन में ₹1.53 लाख टूटी
चांदी में गिरावट और भी ज्यादा तेज रही है। 31 दिसंबर 2025 को 1 किलो चांदी की कीमत 2.30 लाख रुपए थी, जो 29 जनवरी को बढ़कर 3.86 लाख रुपए के ऑल टाइम हाई तक पहुंच गई थी। लेकिन अब 130 दिनों के भीतर चांदी करीब 1.53 लाख रुपए टूट चुकी है। इससे निवेशकों में भी चिंता बढ़ी हुई है।
क्यों गिर रहे हैं सोने-चांदी के दाम?
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक ग्लोबल स्तर पर बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और निवेशकों की जोखिम से दूरी बनाने की रणनीति का असर बुलियन मार्केट पर पड़ रहा है। इसके अलावा डॉलर इंडेक्स में मजबूती और इंटरनेशनल मार्केट में बिकवाली का दबाव भी सोने-चांदी की कीमतों को नीचे खींच रहा है।












