गाजियाबाद में मिला पोलियो वायरस :VDPV टाइप-1 मिलने से अलर्ट, घर-घर पहुंचीं स्वास्थ्य टीमें

दिल्ली से सटे गाजियाबाद में वैक्सीन-डिराइव्ड पोलियोवायरस टाइप-1 (VDPV Type-1) मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। वायरस की पुष्टि होने के बाद जिले में विशेष निगरानी अभियान शुरू कर दिया गया है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।
सीवेज सैंपल में मिला वायरस
गाजियाबाद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. सचिन कुमार ने बताया कि डूंडाहेड़ा स्थित एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) से लिए गए नमूनों की जांच में वैक्सीन-डिराइव्ड पोलियोवायरस टाइप-1 पाया गया है। रिपोर्ट सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत एहतियाती कदम उठाए हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने शहरी क्षेत्र के 12 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के अंतर्गत 160 टीमों को तैनात किया है। ये टीमें घर-घर जाकर पांच साल तक की उम्र के बच्चों की जांच कर रही हैं और उन्हें पोलियो की खुराक भी पिला रही हैं।
सवा लाख बच्चों की होगी जांच
अधिकारियों के अनुसार, अभियान के तहत करीब सवा लाख बच्चों को चिन्हित किया गया है। इन बच्चों की स्वास्थ्य जांच की जाएगी और यह देखा जाएगा कि कहीं उनमें पोलियो वायरस से जुड़े कोई लक्षण तो नहीं हैं। फिलहाल जिले में किसी भी बच्चे में इस वायरस से जुड़े लक्षण नहीं मिले हैं।
क्या है वैक्सीन-डिराइव्ड पोलियो वायरस?
सीएमओ ने बताया कि पोलियो वैक्सीन में मौजूद कमजोर जीवित वायरस कुछ विशेष परिस्थितियों में बदलकर वैक्सीन-डिराइव्ड वायरस का रूप ले सकता है। इस बार वायरस की पुष्टि सीवेज सैंपल में हुई है, किसी व्यक्ति में नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सामान्य निगरानी प्रक्रिया का हिस्सा है और इससे घबराने की आवश्यकता नहीं है।
पहले भी मिल चुका है वायरस
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इससे पहले उत्तर प्रदेश के वाराणसी और मेघालय में भी वैक्सीन-डिराइव्ड पोलियो वायरस की मौजूदगी दर्ज की जा चुकी है। ऐसे मामलों में स्वास्थ्य विभाग अतिरिक्त निगरानी और टीकाकरण अभियान चलाता है।
लोगों से घबराने की नहीं अपील
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और बच्चों को समय पर पोलियो की खुराक जरूर दिलाएं। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और एहतियात के तौर पर व्यापक सर्वे और जांच अभियान चलाया जा रहा है।











