गुरुवार को संसद का विशेष सत्र शुरू होते ही माहौल हंगामेदार नजर आया। महिला आरक्षण कानून में संशोधन और परिसीमन आयोग की स्थापना से जुड़े तीन अहम विधेयकों को लोकसभा में पेश किया गया, जिनका विपक्ष ने जोरदार विरोध किया। शुरुआत से ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली।
चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने महिलाओं के लिए 33% आरक्षण के प्रस्ताव पर सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि जब यह कानून इतना महत्वपूर्ण है, तो इसे 2024 में लागू क्यों नहीं किया गया। उनके इस सवाल ने बहस को और तीखा बना दिया और विपक्ष ने सरकार पर देरी का आरोप लगाया।
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वेणुगोपाल की टिप्पणी के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह खड़े हुए और उन्होंने कड़ा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि बिना पूरी चर्चा के विधेयक की आलोचना करना सही नहीं है। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार बहस और आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला।
इसी बीच सदन में एक अलग ही मुद्दा सामने आ गया। जब लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला वेणुगोपाल को सदन की कार्यवाही समझा रहे थे, तभी विपक्ष के कुछ सदस्यों ने सवाल उठाया कि क्या उनका माइक ठीक से काम कर रहा है। एक सदस्य ने कहा कि माइक म्यूट था, जिससे सदन में कुछ देर के लिए भ्रम की स्थिति बन गई।
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इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी माइक की ओर इशारा करते हुए कहा, “माइक नहीं चल रहा है।” उनके इस बयान के बाद माइक का मुद्दा अचानक राजनीतिक रंग लेने लगा और विपक्ष ने इसे गंभीरता से उठाया।
राहुल गांधी की टिप्पणी पर स्पीकर ओम बिरला ने मजाकिया अंदाज में जवाब दिया, “माइक ऑन है, ऑन है माइक, आपका ही बंद होता है।” उनके इस तंज के बाद सदन में हंसी गूंज उठी और कुछ देर के लिए तनाव कम हो गया, हालांकि राजनीतिक संदेश भी साफ दिखाई दिया।
स्पीकर की यह टिप्पणी राहुल गांधी के पहले लगाए गए आरोपों की ओर इशारा करती है। राहुल गांधी कई मौकों पर यह दावा कर चुके हैं कि संसद में विपक्षी नेताओं के बोलने के दौरान उनके माइक बंद कर दिए जाते हैं।
2023 में ब्रिटेन यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने कहा था कि संसद में विपक्ष की आवाज दबाई जाती है और उनका माइक कई बार बंद किया गया। 2024 में भी कांग्रेस के कुछ नेताओं ने इसी तरह का दावा किया था, जिससे सदन में हंगामा हुआ था और राजनीतिक विवाद बढ़ा था।
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इस सत्र के दौरान महिला आरक्षण संशोधन, परिसीमन आयोग के गठन समेत तीन महत्वपूर्ण विधेयकों को पेश किया गया। इस पर संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू, गृह मंत्री अमित शाह और विपक्ष के नेता अखिलेश यादव सहित कई नेताओं के बीच तीखी बहस हुई।
सत्र की शुरुआत से लेकर अंत तक सदन में लगातार हंगामा और बहस का माहौल बना रहा। माइक विवाद ने इस बहस को और सुर्खियों में ला दिया। हालांकि, इसके बावजूद कार्यवाही जारी रही, लेकिन इस घटनाक्रम ने एक बार फिर सत्ता और विपक्ष के बीच गहरे मतभेदों को उजागर कर दिया।