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Loksabha :महिला आरक्षण बिल पर संसद में घमासान, मोदी बोले- इतिहास रचेंगे, विपक्ष के तीखे सवाल, कल वोटिंग

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह विधेयक देश की राजनीति का स्वरूप बदलने की क्षमता रखता है। उन्होंने इसे मंथन बताते हुए कहा कि इससे निकला अमृत न केवल राजनीतिक व्यवस्था, बल्कि देश की दिशा और दशा तय करेगा।
महिला आरक्षण बिल पर संसद में घमासान, मोदी बोले- इतिहास रचेंगे, विपक्ष के तीखे सवाल, कल वोटिंग
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

     नई दिल्ली। लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े तीन अहम संशोधन विधेयकों पर चर्चा तेज़ हो गई है। इस बहस के लिए 16 और 17 अप्रैल को कुल 15 घंटे निर्धारित किए गए हैं, जबकि बिल पर अंतिम मतदान कल शाम 4 बजे कराया जाएगा। प्रस्तावित संशोधन में लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 850 करने का प्रावधान भी शामिल है, जिस पर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं।

    PM मोदी: हम इतिहास रचने की ओर बढ़ रहे हैं

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदन में कहा कि महिला आरक्षण केवल एक कानून नहीं, बल्कि देश के लोकतंत्र को मजबूत करने का ऐतिहासिक अवसर है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जो भी ताकतें पहले महिलाओं को उनके अधिकार देने का विरोध करती रही हैं, उन्हें राजनीतिक रूप से नुकसान उठाना पड़ा है।

    मोदी ने अपील की कि इस मुद्दे को राजनीति से ऊपर उठकर देखा जाए। उनके अनुसार, यदि सभी दल मिलकर आगे बढ़ते हैं तो इसका लाभ किसी एक पार्टी को नहीं, बल्कि पूरे देश के लोकतंत्र को मिलेगा।

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    मंथन से निकला अमृत बदलेगा राजनीति की दिशा

    प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह विधेयक देश की राजनीति का स्वरूप बदलने की क्षमता रखता है। उन्होंने इसे मंथन बताते हुए कहा कि इससे निकला अमृत न केवल राजनीतिक व्यवस्था, बल्कि देश की दिशा और दशा तय करेगा। उनके अनुसार, महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से शासन व्यवस्था अधिक संवेदनशील बनेगी।

    विपक्ष का हमला: महिलाओं को नारा बनाया जा रहा

    समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा महिलाओं के मुद्दे को सिर्फ नारे तक सीमित रखने की कोशिश कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन संगठनों में महिलाओं को पर्याप्त स्थान नहीं मिला, वे उनके सम्मान की बात कैसे कर सकते हैं।

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    कांग्रेस ने उठाए सीट बढ़ाने पर सवाल

    कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह बार-बार वही तर्क दोहरा रही है। उन्होंने विशेष रूप से लोकसभा सीटों को 850 तक बढ़ाने के प्रस्ताव पर सवाल उठाते हुए पूछा कि इसका आधार क्या है और यह निर्णय कैसे लिया गया।

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    ऐतिहासिक पल की ओर बढ़ती संसद

    संसद में जारी यह बहस देश के राजनीतिक इतिहास का अहम मोड़ मानी जा रही है। सभी दलों के बीच मतभेद के बावजूद यह साफ है कि महिला आरक्षण का मुद्दा अब निर्णायक चरण में पहुंच चुका है। कल होने वाली वोटिंग से यह तय होगा कि यह लंबे समय से लंबित मांग आखिरकार कानून का रूप लेती है या नहीं।

    Aakash Waghmare
    By Aakash Waghmare

    आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...Read More

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