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ED Action :रिटायर्ड पीडब्ल्यूडी अफसर और जिला आबकारी अधिकारी की 85.45 करोड़ की प्रॉपर्टी अटैच

ईडी की भोपाल यूनिट ने लोक निर्माण विभाग के रिटायर्ड प्रमुख अभियंता जीपी मेहरा और झाबुआ के पूर्व जिला आबकारी अधिकारी धर्मेंद्र सिंह भदौरिया की 85.45 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी अस्थाई रूप से अटैच की है।
रिटायर्ड पीडब्ल्यूडी अफसर और जिला आबकारी अधिकारी की 85.45 करोड़ की प्रॉपर्टी अटैच
धर्मेंद्र भदौरिया और जीपी मेहरा

भोपाल। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की भोपाल यूनिट ने भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिग के दो अलग-अलग मामलों में लोक निर्माण विभाग के रिटायर्ड प्रमुख अभियंता जीपी मेहरा और झाबुआ के पूर्व जिला आबकारी अधिकारी धर्मेंद्र सिंह भदौरिया की 85.45 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी अस्थाई रूप से अटैच की है। यह कार्रवाई लोकायुक्त पुलिस द्वारा दर्ज आय से अधिक संपत्ति के मामलों के आधार पर की गई है।

पिछले साल हुआ था खुलासा

ईडी सूत्रों के अनुसार, मेहरा और उनके परिवार की लगभग 67.25 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्तियों को अटैच किया गया है। पिछले वर्ष लोकायुक्त पुलिस की छापेमारी में मेहरा के पास आय के ज्ञात स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति मिलने का खुलासा हुआ था। जांच में भोपाल स्थित आलीशान बंगले, फ्लैट, फैक्ट्री और नर्मदापुरम जिले के सोहागपुर क्षेत्र में 72 एकड़ में फैले कस्तूरी कृषि फार्म का पता चला था। यह फार्म किसी लग्जरी रिसॉर्ट की तरह विकसित किया जा रहा था, जहां कॉटेज, सड़कें, वाटर बॉडी, फिशिंग टैंक और शहद उत्पादन संयंत्र जैसी सुविधाएं मौजूद थीं।

49 करोड़ का है फार्म

अकेले इस फार्म की कीमत करीब 49 करोड़ आंकी गई थी। छापे के दौरान लाखों रुपए नकद और साढ़े तीन करोड़ से अधिक के सोने के आभूषण भी बरामद हुए थे।

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कुल वेतन से 9 गुना ज्यादा प्रॉपर्टी 

ईडी ने पूर्व जिला आबकारी अधिकारी धर्मेंद्र सिंह भदौरिया और उनके परिवार की करीब 18.20 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी भी अटैच की हैं। इंदौर लोकायुक्त की जांच में सामने आया था कि सेवा अवधि के दौरान भदौरिया को लगभग दो करोड़ रुपए वेतन प्राप्त हुआ, जबकि उन्होंने और उनके परिवार ने 10 वर्षों में 11 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति अर्जित कर ली।

बेटी के नाम पर फिल्म कंपनी 

इंदौर और ग्वालियर में आलीशान मकान, महंगे प्लॉट, व्यावसायिक कार्यालय, लग्जरी वाहन, बेटी के नाम पर फिल्म कंपनी तथा बैंक लॉकरों से नकदी, सोना-चांदी और अन्य कीमती सामान बरामद हुए थे। 

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Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...

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