सैम ऑल्टमैन का बड़ा बयान, सुपरइंटेलिजेंस को नहीं सौंपना चाहिए भविष्य का कंट्रोल, इंसानों के हाथ में ही रहनी चाहिए कमान

वॉशिंगटन। सैम ऑल्टमैन कई सालों से दुनिया को बताते आ रहे हैं कि सुपरइंटेलिजेंस (अति-बुद्धिमान AI) जितनी दिखती है, उससे कहीं ज़्यादा आगे है। X पर तीन लाइन की एक पोस्ट में ऑल्टमैन ने कहा कि भविष्य का कंट्रोल हमेशा इंसानों के हाथ में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि OpenAI नहीं चाहता कि इंसान केवल ऐसे काम करने तक सीमित रह जाएं, जिन्हें 'AI सिस्टम इंसानों के लिए सही या इनाम के लायक मानता हो।' उन्होंने लिखा कि इंसानों को भविष्य का कंट्रोल सुपरइंटेलिजेंस के हाथों में नहीं सौंपना चाहिए, और यह शर्त अंततः AI की प्रगति को सीमित करने वाली होनी चाहिए। इनवर्टेड कॉमा में दिए गए शब्द किसी और के हैं, हालांकि ऑल्टमैन ने यह नहीं बताया कि ये किसके शब्द हैं।
इंसानों के कंट्रोल से होना चाहिए
जिस कंपनी (OpenAI) ने ChatGPT के जरिए AI की रेस शुरू की उसी के प्रमुख ने अब लिखित रूप में कहा है कि AI कितना आगे और कितनी तेजी से बढ़ेगा, इसका फैसला इंसानों के कंट्रोल से होना चाहिए। सैम ऑल्टमैन का मानना है कि AI अब सबसे होशियार वैज्ञानिकों से भी आगे निकल चुका है। सैम आल्टमैन की यह पोस्ट अचानक नहीं आई है। इस हफ्ते की शुरुआत में अबू धाबी में एक कॉन्फ्रेंस के दौरान ऑल्टमैन ने इंसानों के कंट्रोल को बनाए रखने की बात कही और साथ ही एक चौंकाने वाला दावा भी किया। उन्होंने कहा कि 2026 की शुरुआत में, AI ज्यादातर मामलों में हमारे सबसे होशियार वैज्ञानिकों जितना स्मार्ट नहीं था। और अब, यह ज्यादातर मामलों में उनसे कहीं ज़्यादा स्मार्ट हो गया है।
AI को भी समाज की तरह काम करना चाहिए
पिछले महीने स्ट्राइप (Stripe) के सह-संस्थापक जॉन कॉलिसन के साथ एक पॉडकास्ट बातचीत में उन्होंने बताया था कि वे इस पावर को किस तरह से फैलाना चाहते हैं। ऑल्टमैन ने कहा कि वे ‘1 ट्रिलियन IQ वाले एक AI के बजाय, थोड़ी सुपरह्यूमन इंटेलिजेंस वाले 1 ट्रिलियन AI को समाज का हिस्सा बनते देखना पसंद करेंगे।’ उन्होंने तर्क दिया कि समाज इसलिए टिका रहता है क्योंकि बहुत सारे लोग एक-दूसरे पर नजर रखते हैं (एक-दूसरे को कंट्रोल में रखते हैं)। AI को भी इसी तरह काम करना चाहिए। उन्हें ऐसे भविष्य की कल्पना बिल्कुल पसंद नहीं है, जहां आम लोग 'बेसिक इनकम' (न्यूनतम आय) पर निर्भर रहें, जबकि सैन फ्रांसिस्को के कुछ वर्ग मील के दायरे में बैठा एक छोटा सा समूह भविष्य से जुड़े सारे फैसले ले।
सुपरह्यूमन AI को नियंत्रित रखना आसान नहीं होगा
ओपनएआई (OpenAI) के सीईओ का मानना है कि सुपरह्यूमन AI को नियंत्रित रखना आसान नहीं होगा। उसी पॉडकास्ट से यह संकेत मिलता है कि ऑल्टमैन अभी इस मुद्दे पर इतना जोर क्यों दे रहे हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या AI मॉडल को सुरक्षित 'डिजिटल सैंडबॉक्स' (एक नियंत्रित डिजिटल वातावरण) में बंद करके नहीं रखा जा सकता, तो उन्होंने कहा कि यह तरीका "एक हद तक ही काम करता है।" मॉडल क्या कर रहे हैं इस पर नजर रखने से बात कुछ आगे बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि इसके आगे, सब कुछ भरोसे पर टिका है। डेवलपर्स को यह पक्का करना होगा कि मॉडल उनके ऑपरेटरों की मंशा के अनुरूप काम करें और वह इस बात को अहमियत दे कि भविष्य का नियंत्रण इंसानों के हाथ में रहे। किसी भी मानव विशेषज्ञ से कहीं अधिक स्मार्ट सिस्टम के मामले में ऑल्टमैन को यह भी पक्का नहीं लगता कि ऐसा भरोसा कायम रह पाएगा। उन्होंने कहा, अगर आप एक ऐसे काल्पनिक AI की कल्पना करें जो सबसे बेहतरीन सुरक्षा शोधकर्ता (सिक्योरिटी रिसर्चर) से भी दस लाख गुना ज्यादा स्मार्ट हो, तो क्या आप सच में उस 'सैंडबॉक्स' पर भरोसा करना चाहेंगे? उन्होंने इस बात की ओर भी इशारा किया कि AI कितनी तेजी से सॉफ्टवेयर की कमियों (flaws) को खोजने में बेहतर होता जा रहा है। अब जब लोग इंटरनेट पर मौजूद कोड को स्कैन करने के लिए AI मॉडल का इस्तेमाल करने लगे हैं, तो ऑल्टमैन को उम्मीद है कि दुनिया के सामने हमारी सोच से कहीं ज्यादा गंभीर कमजोरियां (vulnerabilities) सामने आएंगी।




















