भोपाल में आज नहीं चलेगा UPI! व्यापारियों का ‘No UPI Day’, MDR चार्ज के विरोध में बंद रहेगा ऑनलाइन पेमेंट

भोपाल। राजधानी भोपाल के प्रमुख थोक बाजारों में आज डिजिटल पेमेंट को लेकर अलग तरह का विरोध देखने को मिलेगा। हनुमानगंज-जुमेराती के चावल-दाल व्यापारियों ने UPI से भुगतान नहीं लेने का फैसला किया है। व्यापारियों का यह कदम UPI लेनदेन पर प्रस्तावित MDR चार्ज के विरोध में है। चावल-दाल व्यापारी संघ ने बाजार के कारोबारियों से इस सांकेतिक अभियान में शामिल होने की अपील की है। व्यापारियों का कहना है कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने में उन्होंने लगातार सहयोग किया है, लेकिन नए शुल्क से कारोबार की लागत बढ़ सकती है। इसी चिंता को सरकार तक पहुंचाने के लिए आज ‘नो यूपीआई डे’ रखा गया है।
UPI से पेमेंट नहीं लेंगे व्यापारी
भोपाल के हनुमानगंज-जुमेराती बाजार में आज चावल और दाल के कई व्यापारी UPI भुगतान स्वीकार नहीं करेंगे। चावल-दाल व्यापारी संघ ने 8 अक्टूबर को ‘नो यूपीआई डे’ मनाने का फैसला किया है। संघ की ओर से बाजार के कारोबारियों से इस सांकेतिक विरोध में शामिल होने की अपील की गई है। व्यापारियों का कहना है कि यह किसी ग्राहक को परेशान करने के लिए नहीं, बल्कि प्रस्तावित शुल्क के खिलाफ अपनी बात रखने का तरीका है। उनका उद्देश्य शांतिपूर्ण तरीके से सरकार का ध्यान इस मुद्दे की ओर खींचना है।
MDR चार्ज को लेकर व्यापारियों की चिंता
व्यापारियों के मुताबिक 15 अक्टूबर से 2 हजार रुपए से ज्यादा के UPI भुगतान पर 0.4 प्रतिशत MDR लगाए जाने का प्रस्ताव है। 75 हजार रुपए या उससे अधिक के लेनदेन पर यह शुल्क अधिकतम 300 रुपए तक होने की बात कही जा रही है। थोक कारोबार में बड़ी रकम के डिजिटल भुगतान आम हैं। ऐसे में व्यापारियों का कहना है कि अगर हर बड़े लेनदेन पर शुल्क लगता है, तो रोजाना कारोबार करने वाले दुकानदारों का खर्च बढ़ सकता है।
छोटे और मध्यम कारोबारियों पर बढ़ेगा खर्च
भोपाल किराना व्यापारी महासंघ के महामंत्री विवेक साहू के अनुसार UPI ने व्यापारियों और आम लोगों के लिए भुगतान का तरीका काफी आसान कर दिया है। ग्राहक कुछ ही सेकंड में भुगतान कर सकते हैं और व्यापारियों को भी नकदी संभालने की परेशानी कम होती है। उनका कहना है कि ऐसे समय में UPI पर MDR चार्ज लागू होने से छोटे और मध्यम व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है। इसी वजह से व्यापारी इस मुद्दे पर सरकार से दोबारा विचार करने की मांग कर रहे हैं।
व्यापारियों ने डिजिटल पेमेंट को दिया बढ़ावा
चावल-दाल व्यापारी संघ के अध्यक्ष महेश रामरख्यानी और सचिव सचिन संगतानी ने कहा कि व्यापारियों ने डिजिटल भुगतान को अपनाने और बढ़ाने में हमेशा सहयोग किया है। डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के साथ व्यापारियों ने ‘डिजिटल इंडिया’ अभियान में भी अपनी भूमिका निभाई है। व्यापारियों का कहना है कि डिजिटल पेमेंट अब रोजमर्रा के कारोबार का अहम हिस्सा बन चुका है। इसलिए शुल्क से जुड़े किसी भी फैसले में छोटे कारोबारियों की स्थिति और उनकी व्यावहारिक दिक्कतों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।
सरकार से फैसले पर पुनर्विचार की मांग
व्यापारी संगठनों ने सरकार से MDR चार्ज से जुड़े प्रस्ताव पर पुनर्विचार करने की मांग की है। उनका कहना है कि UPI को बढ़ावा देने के बाद अब उस पर अतिरिक्त शुल्क लगाने से कारोबारियों की लागत बढ़ सकती है। ‘नो यूपीआई डे’ के जरिए व्यापारी अपनी बात सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं। संघ ने बाजार के व्यापारियों से 8 अक्टूबर को UPI भुगतान स्वीकार नहीं करने और इस सांकेतिक विरोध में एकजुट होकर शामिल होने की अपील की है।


















