कानपुर में साबरमती एक्सप्रेस पटरी से उतरी, रेल मंत्री ने बताई हादसे की ये बड़ी वजह, IB कर रही जांच

नई दिल्ली/कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में गोविंदपुरी स्टेशन के पास शनिवार तड़के वाराणसी से अहमदाबाद जा रही 19168 साबरमती एक्सप्रेस ट्रैक पर रखे गए बड़े पत्थर/बोल्डर से टकरा कर पटरी से उतर गई। हालांकि, जानमाल का कोई विशेष नुकसान नहीं हुआ। दुर्घटना के कारण कानपुर से झांसी का रेलमार्ग बाधित हो गया है। साथ ही कई ट्रेनों को रद्द किया गया है। वहीं, मार्ग में परिवर्तन किया गया है।
पटरी से उतरे डिब्बों को ट्रैक से हटाने एवं पटरी की मरम्मत का काम शुरू हो चुका है। आज शाम तक यातायात शुरू होने की संभावना है। सूत्रों ने यह भी बताया कि दुर्घटना से करीब सवा घंटे पहले 1 बजकर 20 मिनट पर इसी ट्रैक से पटना इंदौर एक्सप्रेस सामान्य रूप से गुजरी थी। इसका मतलब है कि इस सवा घंटे के अंतराल में ही कोई शरारत हुई है। बता दें कि हाल ही में एक यूट्यूबर द्वारा रेल दुर्घटना के वीडियो को शूट करने के लिए ट्रैक बाधित किये जाने संबंधी मामला इसी क्षेत्र में सामने आया था।
IB कर रही जांच
रेलवे ने कानपुर, प्रयागराज, टूंडला सहित कई स्टेशनों पर हेल्पलाइनें खोल दीं हैं। रेलवे बोर्ड ने भी घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रथम दृष्ट्या मामला तोड़फोड़ और षड्यंत्र के होने की संभावना को देखते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस एवं गुप्तचर ब्यूरो (आईबी) को जांच के लिए कहा गया है।
सबूत सुरक्षित हैं - रेल मंत्री
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा- साबरमती एक्सप्रेस (वाराणसी से अमदावाद) का इंजन आज सुबह 02:35 बजे कानपुर के पास ट्रैक पर रखी किसी वस्तु से टकराकर पटरी से उतर गया। गंभीर चोट के निशान देखे गए हैं। सबूत सुरक्षित हैं। आईबी और यूपी पुलिस भी इस पर काम कर रही है। यात्रियों या कर्मचारियों को कोई चोट नहीं आई। यात्रियों के लिए अमदावाद की आगे की यात्रा के लिए ट्रेन की व्यवस्था की गई।
साबरमती एक्सप्रेस के कई डिब्बे पटरी से उतरे
अधिकारियों के अनुसार, देर रात 2 बजकर 35 मिनट पर गोविंदपुरी और भीमसेन स्टेशन के बीच अचानक तेज आवाज के साथ साबरमती एक्सप्रेस के एक के बाद एक करीब 22 डिब्बे पटरी से उतरते चले गए। हालांकि, इस हादसे में किसी रेल यात्री को गंभीर चोट नहीं आई। यात्रियों को देर रात ही बस और स्पेशल ट्रेन के द्वारा कानपुर सेंट्रल लाया गया है। जहां से उन्हें अन्य ट्रेन से गंतव्य की ओर रवाना किया गया।
पटरी से उतरे डिब्बों को ट्रैक से हटाने एवं पटरी की मरम्मत का काम शुरू हो चुका है। आज शाम तक यातायात शुरू होने की संभावना है। सूत्रों ने यह भी बताया कि दुर्घटना से करीब सवा घंटे पहले 1 बजकर 20 मिनट पर इसी ट्रैक से पटना इंदौर एक्सप्रेस सामान्य रूप से गुजरी थी। इसका मतलब है कि इस सवा घंटे के अंतराल में ही कोई शरारत हुई है। बता दें कि हाल ही में एक यूट्यूबर द्वारा रेल दुर्घटना के वीडियो को शूट करने के लिए ट्रैक बाधित किये जाने संबंधी मामला इसी क्षेत्र में सामने आया था।
कैटलगार्ड बुरी तरह क्षतिग्रस्त
लोकोपायलट के अनुसार, हादसे से पहले ट्रेन का इंजन ट्रैक पर रखे एक बड़े बोल्डर/पत्थर से टकराया था। वीडियो फुटेज के अनुसार इंजन का कैटलगार्ड बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। पटरी के टुकड़े भी घटनास्थल पर मिले हैं। टक्कर के बाद बोल्डर/पत्थर चूर चूर हो गया। दुर्घटनाग्रस्त रेल डिब्बों को हटाने का काम युद्धस्तर पर जारी है।





















