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UK में अब 10 साल बाद मिलेगा ILR, शबाना महमूद ने बदले सेटलमेंट नियम, भारतीय प्रवासियों में चिंता बढ़ी

200,000 लोगों की राय के बाद हुआ फैसला, £50,000 से ज्यादा कमाने वालों को 5 साल में मिलेगा मौका, £125,000 वालों को सिर्फ 3 साल में मिलेग।
UK में अब 10 साल बाद मिलेगा ILR, शबाना महमूद ने बदले सेटलमेंट नियम, भारतीय प्रवासियों में चिंता बढ़ी
UK में अब 10 साल बाद मिलेगा ILR

लंदन। UK की गृह सचिव शबाना महमूद ने UK में स्थायी रूप से बसने (परमानेंट सेटलमेंट) के लिए नए नियमों का ऐलान किया। यह फैसला एक सार्वजनिक परामर्श के बाद लिया गया है, जिसमें 200,000 लोगों ने अपनी राय दी थी। उन्होंने बताया कि ILR (अनिश्चित काल तक रहने की अनुमति) अब ऐसे ही नहीं मिल जाएगी। यह प्रवासियों को लेबर मार्केट में काम करने की पूरी छूट और सरकारी फंड से मदद की पात्रता देती है। नियम बदलने के बाद अब इसके लिए कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी और यह सिर्फ इसलिए नहीं मिलेगी कि कोई व्यक्ति UK में पांच साल से रह रहा है। उन्होंने कहा कि स्थायी रूप से बसने के लिए अब 10 साल का समय तय किया गया है। इसमें कुछ मामलों में प्रक्रिया तेज या धीमी हो सकती है। इस स्थायी दर्जे को पाने के लिए प्रवासी का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए। शर्तों में शामिल है कि उसे अच्छी अंग्रेजी आनी चाहिए,  UK सरकार का उस पर कोई बकाया कर्ज नहीं होना चाहिए। साथ ही उसके पास कम से कम तीन साल के नेशनल इंश्योरेंस योगदान का रिकॉर्ड होना चाहिए।

इन लोगों के लिए होगा 5 साल का ऑप्शन

पांच साल वाला विकल्प उन लोगों के लिए खुला रहेगा जो £50,000 (₹6,381,080) से ज्यादा कमाते हैं। इसके अलावा, डॉक्टर, नर्स, शिक्षक और केयर वर्कर भी इस श्रेणी में आ सकते हैं। लेकिन उन्हें भी कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी। लेकिन जो लोग £50,000 से कम कमाते हैं और इन पेशों से नहीं जुड़े हैं उन्हें 10 साल तक इंतजार करना होगा। नियमों में हुए इस बदलाव से उन भारतीय प्रवासियों में काफी चिंता है जो यह सोचकर UK आए थे कि पांच साल बाद उन्हें ILR मिल जाएगा। इसके अलावा स्टूडेंट, ग्रेजुएट और 'यूथ मोबिलिटी'  रूट के तहत बिताया गया समय इस 'शर्तों के आधार पर मिलने वाले स्थायी दर्जे' (earned settlement) में नहीं गिना जाएगा।

 गंभीर वित्तीय और पेशेवर अनिश्चितता पैदा होने का खतरा

Indian National Students Association (INSA ) UK के प्रवक्ता प्रणव ब्रह्मभट्ट ने कहा- हालांकि हम मानते हैं कि सरकार को आव्रजन (इमिग्रेशन) को नियंत्रित करने का अधिकार है, लेकिन इन बदलावों से हजारों अंतरराष्ट्रीय छात्रों, स्नातकों और कुशल कामगारों के लिए गंभीर वित्तीय, भावनात्मक और पेशेवर अनिश्चितता पैदा होने का खतरा है। हमारा मानना है कि जो लोग पहले से ही यहां रह रहे हैं और काम कर रहे हैं, उनके लिए स्थायी रूप से बसने के रास्तों (सेटलमेंट पाथवे) में बदलाव करके उन्हें नुकसान पहुंचाना पूरी तरह से अनुचित होगा।

इनकम के आधार पर यह सुविधा भी

जो लोग £125,000 (₹15,965,000) से अधिक कमाते हैं वे तीन साल बाद स्थायी रूप से बसने (सेटलमेंट) के लिए आवेदन कर सकेंगे। जिन लोगों ने आव्रजन नियमों का उल्लंघन किया है वे 20 साल बाद ही स्थायी रूप से बसने के योग्य हो पाएंगे। इनमें वे लोग शामिल हैं जो वीजा की अवधि से अधिक समय तक रुके रहे या आवेदन करने से पहले के पांच वर्षों में सार्वजनिक फंड (सरकारी सहायता) का लाभ लिया है। जो शरणार्थी नए सुरक्षित और कानूनी रास्तों से आते हैं, वे पांच साल बाद स्थायी रूप से बसने के योग्य हो जाएंगे। लेकिन, जो लोग अवैध रूप से आते हैं उन्हें 30 साल तक इंतजार करना होगा।

Puneet Pandey
By Puneet Pandey

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