US Midterm Election 2026: अमेरिकी सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी को मिला बहुमत, 51 सीटों पर दर्ज की जीत

वॉशिंगटन। अमेरिका में मध्यावधि चुनाव के नतीजों से राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका लगता दिखाई दे रहा है। शुरुआती नतीजों में डेमोक्रेटिक पार्टी ने कई अहम सीटों पर जीत हासिल की है। ओहायो में डेमोक्रेट उम्मीदवार एमी एक्टन ने रिपब्लिकन नेता विवेक रामास्वामी को हराकर गवर्नर की कुर्सी अपने नाम कर ली। वहीं, जॉर्जिया, न्यूयॉर्क, कोलोराडो और कनेक्टिकट में भी डेमोक्रेट्स ने अच्छा प्रदर्शन किया है। इन नतीजों को ट्रंप की लोकप्रियता और उनकी सरकार की नीतियों के लिए अहम राजनीतिक परीक्षा माना जा रहा है।
कई राज्यों में डेमोक्रेट्स ने मारी बाजी
मिडटर्म चुनाव के शुरुआती नतीजों में डेमोक्रेटिक पार्टी का प्रदर्शन मजबूत रहा है। ओहायो में एमी एक्टन ने रिपब्लिकन उम्मीदवार विवेक रामास्वामी को हराकर गवर्नर का चुनाव जीत लिया। इस जीत के साथ राज्य में रिपब्लिकन पार्टी का कब्जा खत्म हो गया। वहीं, न्यूयॉर्क में कैथी होचुल ने गवर्नर पद बरकरार रखा। कोलोराडो में फिल वाइजर और कनेक्टिकट में नेड लैमोंट ने भी जीत हासिल की। जॉर्जिया में कीशा लांस बॉटम्स ने जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया। वह राज्य की पहली अश्वेत महिला गवर्नर चुनी गई हैं।
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ट्रंप की पार्टी को कई सीटों पर नुकसान
रिपब्लिकन पार्टी को कई अहम मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा है। न्यू जर्सी में डेमोक्रेट उम्मीदवार रेबेका बेनेट ने रिपब्लिकन सांसद टॉम कीन को हराकर उनकी सीट छीन ली। वहीं, कंसास में शारिस डेविड्स ने दोबारा जीत दर्ज की। एरिजोना में डेमोक्रेट यासमीन अंसारी भी फिर से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के लिए चुनी गईं। दूसरी ओर, रिपब्लिकन उम्मीदवार बॉब लाटा, जेसन स्मिथ और कैरोल मिलर अपनी सीट बचाने में कामयाब रहे।
सीनेट और प्रतिनिधि सभा पर सबकी नजर
इन चुनावों में अमेरिकी संसद के सत्ता संतुलन का फैसला होना है। प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों और सीनेट की 35 सीटों पर चुनाव हुआ है। इसके अलावा 36 राज्यों में गवर्नर पद के लिए भी मतदान कराया गया।
डेमोक्रेटिक पार्टी की कोशिश दोनों सदनों में अपनी ताकत बढ़ाने की है। टेक्सस, मिशिगन, ओहायो और कंसास जैसे राज्यों में मुकाबला काफी अहम माना जा रहा है। टेक्सस में डेमोक्रेट उम्मीदवार जेम्स टालारिको ने शुरुआती वोटों में बढ़त बनाई।
भारतीय मूल के उम्मीदवारों का भी शानदार प्रदर्शन
अमेरिकी चुनाव में भारतीय मूल के उम्मीदवारों ने भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। डेमोक्रेटिक पार्टी के सुहास सुब्रमण्यम और अरुणा मिलर ने दोबारा जीत हासिल की। वहीं, फ्लोरिडा में पिया डांडिया ने भी करीबी मुकाबले में बाजी मारी। जॉर्जिया में डेमोक्रेट सीनेटर जॉन ओसॉफ ने रिपब्लिकन उम्मीदवार माइक कॉलिन्स को हराकर अपनी सीट बरकरार रखी। केंटकी में रिपब्लिकन एंडी बार सीनेट का चुनाव जीतने में सफल रहे।
हार के बीच ट्रंप बोले- मैं लड़ता तो बड़ी जीत होती
चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के पिछड़ने पर राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि वह इस चुनाव में उम्मीदवार नहीं थे। अगर वह चुनाव लड़ रहे होते तो उनकी पार्टी को बहुत बड़े अंतर से जीत मिलती। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब कई चुनावी मुकाबलों में रिपब्लिकन उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ा है। अपने बयान के जरिए ट्रंप ने पार्टी के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया दी और अपनी चुनावी लोकप्रियता को लेकर भरोसा जताया।
सीनेट में डेमोक्रेट्स ने पलटी बाजी
अमेरिकी संसद के उच्च सदन यानी सीनेट में कुल 100 सीटें हैं। इनमें से 51 सीटें जीतकर डेमोक्रेटिक पार्टी ने बहुमत हासिल कर लिया है। इस नतीजे के बाद रिपब्लिकन पार्टी को सीनेट का नियंत्रण छोड़ना पड़ा है। अब डेमोक्रेट्स को सदन में अपने फैसलों को आगे बढ़ाने का बेहतर मौका मिलेगा।
प्रतिनिधि सभा में भी जीत की उम्मीद
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में कुल 435 सदस्य होते हैं। यहां बहुमत पाने के लिए किसी भी पार्टी को कम से कम 218 सीटें जीतनी होती हैं। शुरुआती अनुमानों के अनुसार, डेमोक्रेट्स इस आंकड़े तक पहुंच सकते हैं। वहीं, रिपब्लिकन पार्टी को करीब 160 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है।
ट्रंप बोले- चुनाव के नतीजे स्वीकार हैं
चुनाव में हार के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह नतीजों को स्वीकार करते हैं। उन्होंने डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर काम करने की बात भी कही। ट्रंप ने कहा कि उन्हें कोई पछतावा नहीं है और अब वह आगे की ओर देख रहे हैं। उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी की हार की एक वजह खुद का चुनाव मैदान में नहीं होना भी बताया।




















