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पानी से भरे गड्ढे में डूबकर दो बच्चों की मौत- अन्य बिंदुओं पर पुलिस जांच में जुटी

पानी से भरे गड्ढे में डूबकर दो बच्चों की मौत- अन्य बिंदुओं पर पुलिस जांच में जुटी
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    इंदौर। भवानी नगर के दो मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत ने पूरे इलाके को दहला दिया। शुक्रवार शाम खेलते-खेलते बच्चे ऐसे गड्ढे तक पहुंचे जो मौत के आगोश में समा गए। पानी से भरे इस गहरे गड्ढे में उतरने के बाद दोनों बाहर नहीं निकल पाए और डूबकर उनकी मौत हो गई। हादसे के बाद परिजनों और पुलिस अफसर मौक़े पर पहुंचे। शवों को निकालकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजें।  

    बाणगंगा पुलिस के अनुसार मृतकों की पहचान देव (8) पिता प्रकाश ठाकुर और मलखान नरवरिया (12) पिता जितेंद्र नरवरिया, दोनों निवासी भवानी नगर के रूप में हुई है। मासूम मलखान कक्षा छठवीं में पढ़ता था, जबकि देव अभी प्राथमिक स्तर का छात्र था। दोनों बच्चों की डूबकर मौत हो गई। पुलिस ने बताया शुक्रवार शाम 4–5 बजे दोनों बच्चे घर से बिना बताए खेलने निकले थे। जब देर शाम तक घर नहीं लौटे तो परिजनों ने तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान सुपर कॉरिडोर ब्रिज के पास, सिंगापुर लाइफस्टाइल कॉलोनी की बाउंड्री और रेलवे पटरी के बीच पानी से भरे गड्ढे के पास उनके कपड़े मिले। शंका होने पर पुलिस ने मौके पर तलाशी ली और गड्ढे से दोनों मासूमों के शव बरामद किए। मलखान के मामा पर्वत ने बताया कि बच्चे खेलते-खेलते पानी से भरे गड्ढे तक पहुंचे थे और नहाने के लिए उतर गए। गहराई का अंदाजा न होने से दोनों डूब गए। मलखान की मां परले-जी कंपनी में नौकरी करती है, जबकि पिता गांव में खेती-किसानी करते हैं। हादसे के समय परिवार काम पर गया हुआ था। शाम को लौटने पर बच्चों के गायब होने और फिर मौत की खबर ने पूरे परिवार को तोड़ दिया।

    एक माह पहले भी हो चुका हैं हादसा -

    एक माह पहले भी बाणगंगा इलाके की एक टाउनशिप में भागिया के पास खेत में बने गड्ढे में डूबने से दो बच्चों की मौत हो गई थी। जिसमें कालिदी गोल्ड के आगे खेत के पास बने एक गहरे गड्ढे में दो बच्चों दिव्यांशु (11) पुत्र जितेंद्र भदौरिया निवासी कालिदी गोल्ड सिटी और कुलदीप (12) पुत्र अनिल के डूबने से मौत हो गई थी। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद दोनों बच्चों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।

    Hemant Nagle
    By Hemant Nagle

    हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...

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