PU Special :ऑनलाइन गेम में गंवाए किराना खरीदने के पैसे, पिता की पिटाई से नाराज होकर भोपाल का किशोर पहुंचा राजस्थान

पल्लवी वाघेला, भोपाल। ऑनलाइन गेम की लत और गुस्से में उठाया गया एक कदम भोपाल के 15 वर्षीय किशोर को राजस्थान तक ले गया। मां ने उसे किराना सामान खरीदने के लिए एक हजार रुपये दिए थे लेकिन उसने यह रकम ऑनलाइन गेम में गंवा दी। इस बात का पता चलने पर पिता ने नाराज होकर उसकी पिटाई कर दी। इससे आहत किशोर उसी रात घर से निकल गया और ट्रेन से रतलाम पहुंचने के बाद बस से राजस्थान के बांसवाड़ा चला गया। वहां रेस्क्यू किए जाने पर भी उसने परिवार के बारे में गलत जानकारी दी और पिता से जान का खतरा बताया। हालांकि, शेल्टर होम में दो दिन रहने के दौरान जब उसे मोबाइल फोन नहीं मिला तो वह परेशान हो गया और आखिरकार उसने पूरी सच्चाई बता दी। काउंसलिंग के बाद किशोर को भोपाल में उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया गया।
किराना खरीदने के बजाय ऑनलाइन गेम में गंवाए एक हजार रुपये
किशोर भोपाल के छोला थाना क्षेत्र का रहने वाला है। उसके पिता सरकारी कर्मचारी हैं। कुछ दिन पहले उसकी मां ने उसे किराना सामान खरीदने के लिए एक हजार रुपये दिए थे। किशोर घर से निकला लेकिन करीब दो घंटे बाद भी वापस नहीं लौटा। इससे परिजन चिंतित हो गए। पिता उसकी तलाश में निकले तो वह ऑनलाइन गेम खेलता मिला। पूछताछ में पता चला कि किशोर गेम में पूरी रकम हार चुका था। बताया गया कि उसके एक दोस्त ने नकद रुपये लेकर ऑनलाइन पेमेंट किया था, जिसके जरिए किशोर गेम खेल रहा था। यह जानकर पिता नाराज हो गए और उसे घर लाकर पिटाई कर दी। इस घटना से किशोर इतना नाराज हुआ कि उसने उसी रात घर छोड़ने का फैसला कर लिया।
रात में मिली ट्रेन में बैठा, रतलाम से बस पकड़कर पहुंचा बांसवाड़ा
घर से निकलते समय किशोर अपने पिता का महंगा मोबाइल फोन भी साथ ले गया था। वह गुजरात की ओर जाने वाली ट्रेन में बैठा और रतलाम पहुंच गया। वहां से बांसवाड़ा जाने वाली बस मिली तो उसमें सवार होकर राजस्थान पहुंच गया। किशोर ने बाद में बताया कि उसका परिवार मूल रूप से राजस्थान का रहने वाला है लेकिन उसने वहां जाने की कोई योजना नहीं बनाई थी। भोपाल में रात के समय जो ट्रेन मिली, वह उसी में बैठ गया। रतलाम पहले भी आ चुका था, इसलिए वहां उतर गया। उसके पास पिता का मोबाइल फोन था लेकिन उसने उसे बंद रखा हुआ था। उसका कहना था कि नई सिम खरीदने के बाद ही वह फोन चालू करने वाला था।
रेस्क्यू के बाद पिता पर लगाए गंभीर आरोप
राजस्थान में रेस्क्यू किए जाने के बाद किशोर ने अपनी पहचान और परिवार को लेकर अलग कहानी बताई। उसने दावा किया कि उसका पिता शराब पीते हैं और उसके साथ मारपीट करते हैं। उसने यह भी कहा कि उसकी मां जीवित नहीं है और पिता से उसकी जान को खतरा है। इसी आधार पर उसने उसे वापस नहीं भेजने की बात कही। इसके बाद किशोर को शेल्टर होम में रखा गया। वहां उसका मोबाइल फोन ले लिया गया। दो दिन तक मोबाइल नहीं मिलने पर वह परेशान हो गया। इसी दौरान उसने अपनी कहानी बदलते हुए घर से निकलने की असली वजह बता दी। उसने स्वीकार किया कि किराना खरीदने के लिए मिले एक हजार रुपये ऑनलाइन गेम में हारने और पिता की पिटाई से नाराज होकर वह घर से निकला था।
काउंसलिंग के बाद परिवार को सौंपा
किशोर की सच्चाई सामने आने के बाद संबंधित अधिकारियों ने उसके परिवार से संपर्क किया। इसके बाद किशोर और उसके परिजनों की काउंसलिंग कराई गई। पूरी प्रक्रिया के बाद 15 वर्षीय किशोर को भोपाल में उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया गया।




















