खिचलीपुर :जनसुनवाई से गैरहाजिर अधिकारी पर कलेक्टर की सख्ती, एक दिन का वेतन काटा, ₹5 हजार का जुर्माना
खिलचीपुर। राजगढ़ जिले के खिलचीपुर में आयोजित जिला स्तरीय जनसुनवाई में बिना पूर्व सूचना अनुपस्थित रहने वाले ई-पीएचई विभाग के अधिकारी पर कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारी का एक दिन का वेतन काटने के साथ ही उस पर 5 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया। उन्होंने साफ कहा कि जनसुनवाई जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बिना सूचना गैरहाजिर रहने पर कार्रवाई
मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान जब ई-पीएचई विभाग के संबंधित अधिकारी की अनुपस्थिति सामने आई तो कलेक्टर ने इसे गंभीरता से लिया। बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित रहने पर उन्होंने तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके तहत अधिकारी का एक दिन का वेतन काटा गया और 5 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया।
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अधिकारियों की जवाबदेही पर जोर
कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने कहा कि जनसुनवाई में सभी अधिकारियों की समय पर उपस्थिति और जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिए कि आम लोगों की शिकायतों को गंभीरता से सुना जाए और उनके निराकरण में किसी तरह की लापरवाही न हो। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अनुशासन बनाए रखना सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
दूर-दराज से पहुंचे लोगों की सुनी समस्याएं
जनसुनवाई में जिले के अलग-अलग गांवों और क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। कलेक्टर ने सभी आवेदकों से सीधे बातचीत की और उनकी शिकायतों को ध्यान से सुना। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी मामलों का तय समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी समाधान किया जाए।
'समस्याओं का त्वरित समाधान हमारी प्राथमिकता'
कलेक्टर ने कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं का जल्द समाधान करना प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों से संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ काम करने की अपील की, ताकि लोगों को सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें।
ये अधिकारी रहे मौजूद
जनसुनवाई में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. इच्छित गढ़पाले, अपर कलेक्टर प्रताप सिंह चौहान सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी जनसुनवाई में लापरवाही करने वाले अधिकारियों के खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई की जाएगी।













