भोपाल में किसान आंदोलन तेज...CM हाउस मार्च के दौरान पुलिस से आमना-सामना

भोपाल। मध्यप्रदेश में मूंग की 100% सरकारी खरीदी और खाद वितरण व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर भोपाल पहुंचे करीब 2 हजार किसानों का आंदोलन मंगलवार को और तेज हो गया। मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे किसानों को रोकने के लिए होशंगाबाद रोड पर वीर सावरकर सेतु के पहले भारी पुलिस बल तैनात किया गया। यहां किसान और पुलिस आमने-सामने आ गए। किसान नेताओं ने साफ कहा कि वे मुख्यमंत्री आवास के सामने डेरा डालेंगे और मांगें पूरी होने तक वापस नहीं लौटेंगे।
बैरिकेडिंग हटाकर आगे बढ़े किसान
इससे पहले 11 मील बायपास पर पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी। इस दौरान किसानों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। आंदोलनकारी बैरिकेड हटाकर आगे बढ़ गए और होशंगाबाद रोड की ओर कूच कर गए। स्थिति को देखते हुए पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
ट्रैफिक डायवर्जन से लंबा जाम, 7 दिन का राशन लेकर पहुंचे किसान
किसानों के मार्च के कारण होशंगाबाद रोड पर ट्रैफिक डायवर्ट किया गया, जिससे कटारा हिल्स रोड पर करीब 3 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। आंदोलनकारी अपने साथ सात दिन का राशन और पानी लेकर भोपाल पहुंचे हैं। किसान नेताओं का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा और वे राजधानी से वापस नहीं लौटेंगे।
किसानों के प्रदर्शन की तस्वीरें


क्यों हो रहा है किसान आंदोलन?
मध्यप्रदेश में संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में 19 किसान संगठन आंदोलन कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि सरकार उनकी फसलों का उचित दाम नहीं दिला रही और खाद वितरण व्यवस्था में भी कई समस्याएं हैं। इन्हीं मुद्दों को लेकर 'किसान क्रांति पैदल यात्रा' निकाली गई है, जो भोपाल पहुंच चुकी है। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
क्या हैं किसानों की प्रमुख मांगें?
- मूंग की 100% सरकारी खरीदी की जाए, ताकि सभी किसानों को अपनी उपज बेचने का मौका मिले।
- खाद वितरण व्यवस्था में सुधार किया जाए और किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाए।
- फसलों का उचित समर्थन मूल्य (MSP) और समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
- किसानों से जुड़े लंबित मामलों का जल्द समाधान किया जाए।
- खेती के लिए जरूरी संसाधनों और सुविधाओं को बेहतर बनाया जाए।
लंबी लड़ाई की तैयारी के साथ पहुंचे किसान
भोपाल पहुंचे किसान अपने साथ सात दिन का राशन और पानी लेकर आए हैं। कई किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली में पहले से बनी दाल-बाटी और अन्य जरूरी सामान भी लेकर पहुंचे हैं। उनका कहना है कि मांगें पूरी होने तक वे राजधानी में डटे रहेंगे।
तिरंगा लेकर लगाए 'जय जवान-जय किसान' के नारे
भोपाल में प्रवेश के दौरान किसानों ने हाथों में तिरंगा लेकर मार्च निकाला। इस दौरान वे लगातार 'जय जवान-जय किसान' के नारे लगाते रहे। किसानों के साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य वाहनों का काफिला भी शहर में आगे बढ़ता रहा।
19 किसान संगठन आंदोलन में शामिल
संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में प्रदेश के 19 किसान संगठन इस आंदोलन में शामिल हैं। सोमवार को बरखेड़ा से शुरू हुई किसान क्रांति पैदल यात्रा मंगलवार को औबेदुल्लागंज, मंडीदीप और 11 मील होते हुए भोपाल पहुंची। रास्ते में कई जगह पुलिस ने किसानों को रोकने की कोशिश की, लेकिन किसान बैरिकेडिंग हटाकर आगे बढ़ गए और अब मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच कर चुके हैं।










