Tiger Shroff Firing Case: जंगल में शूटरों ने की थी फायरिंग की प्रैक्टिस? 10 आरोपी गिरफ्तार, हैंडलर्स की भूमिका की जांच

टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच के दौरान एक नया खुलासा सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में दावा किया कि उन्होंने वारदात से पहले मुंबई की आरे कॉलोनी के जंगल में कई दिनों तक फायरिंग की प्रैक्टिस की थी। इस मामले में अब तक 10 आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि शूटर अपने हैंडलर्स के संपर्क में कैसे थे और घटना के बाद उन्हें क्या निर्देश मिले।
3 से 4 दिन तक चली फायरिंग प्रैक्टिस
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपी ऋतिक, रेहान अंसारी और फूल सिंह ने बताया कि उन्होंने आरे कॉलोनी के जंगल में तीन से चार दिनों तक फायरिंग का अभ्यास किया था। बताया जा रहा है कि वे रोजाना औसतन दो से ढाई घंटे तक वहां समय बिताते थे। जांच में सामने आए इन दावों के आधार पर पुलिस उस जगह की भी पड़ताल कर रही है, जहां कथित तौर पर फायरिंग की प्रैक्टिस की गई थी।
17 अक्टूबर को मिला था असली हथियार
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्हें 17 अक्टूबर को एक होटल में असली पिस्टल मिली थी। इसके बाद उसी शाम वे आरे कॉलोनी के एक सुनसान इलाके में पहुंचे। आरोपियों के बयान के अनुसार, अभ्यास के दौरान पहले एयरगन से फायरिंग की गई। बाद में असली पिस्टल से भी गोलियां चलाई गईं। बताया गया कि एक आरोपी ने दो और दूसरे ने एक राउंड फायर किया था।
चरवाहे ने भी गोलियों की आवाज सुनने का किया दावा
आरे कॉलोनी के जंगल में कथित फायरिंग प्रैक्टिस के मामले में एक स्थानीय चरवाहे का बयान भी सामने आया है। उसने दावा किया कि घटना से कुछ दिन पहले उसने इलाके में तीन राउंड गोलियां चलने की आवाज सुनी थी। पुलिस इस दावे को जांच के अन्य तथ्यों के साथ मिलाकर देख सकती है।
हैंडलर्स के संपर्क में थे शूटर?
इस मामले में पुलिस की जांच केवल शूटरों तक सीमित नहीं है। मुंबई क्राइम ब्रांच यह भी पता लगाने में जुटी है कि घटना से पहले और बाद में आरोपियों का किन लोगों से संपर्क था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी फोन कॉल और मैसेज के जरिए अपने हैंडलर्स के संपर्क में थे। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या उन्हें घटना के दौरान निर्देश दिए जा रहे थे और वारदात के बाद किस तरह की जानकारी साझा की गई।
तस्वीरें सामने आने के बाद आरोपियों को किया गया सतर्क?
पुलिस को शक है कि 18 अक्टूबर की घटना की मीडिया कवरेज में संदिग्धों के चेहरे सामने आने के बाद उनके हैंडलर्स ने उन्हें सतर्क किया था। सूत्रों के मुताबिक, तस्वीरें सामने आने की जानकारी कथित तौर पर आरोपियों तक पहुंचाई गई और उन्हें जल्द वहां से निकलने के लिए कहा गया।
अब तक 10 गिरफ्तार, नेटवर्क की जांच जारी
टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में अब तक 10 आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है। क्राइम ब्रांच कथित शूटरों, हथियार की व्यवस्था करने वालों और हैंडलर्स के बीच संबंधों की जांच कर रही है। फिलहाल, पुलिस जांच के आधार पर ही इन सवालों के स्पष्ट जवाब सामने आएंगे।



















