Tiger Shroff Firing Case: कैलिफोर्निया से मिली 34 हजार की सुपारी, पहचान छिपाने के लिए ट्रेन में काटे बाल; नेपाल भागने का था प्लान

बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में कोटा से गिरफ्तार किए गए 3 संदिग्धों को 48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड दी गई है और महाराष्ट्र पुलिस उन्हें मुंबई ले जा रही है। जांच के दौरान कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस के मुताबिक, इस हमले को अंजाम देने के लिए कैलिफोर्निया से 34 हजार रुपए की सुपारी दी गई थी। वारदात के बाद आरोपियों ने पहचान छिपाने के लिए ट्रेन में ही अपने बाल काटे और कपड़े बदल लिए। पुलिस ने तीन संदिग्धों को राजस्थान के कोटा में हिरासत में लिया है। अब इस मामले में साजिश, विदेश से मिले निर्देश और आरोपियों के भागने की योजना की जांच की जा रही है।
कैलिफोर्निया से कैसे जुड़ा हमले का मामला?
सामने आई जानकारी के मुताबिक, आरोपियों को कथित तौर पर अनिल पंडित नाम का व्यक्ति निर्देश दे रहा था। जांच में यह भी दावा सामने आया है कि आरोपियों को पैसे देने के साथ विदेश में नौकरी दिलाने का लालच दिया गया था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हमले की साजिश किसने तैयार की, आरोपियों को किसने जोड़ा और पर विदेश से दिए गए निर्देशों में किन लोगों की भूमिका थी।
ट्रेन में काटे बाल, बदले कपड़े
इस मामले में सबसे चौंकाने वाली जानकारी आरोपियों के भागने के तरीके को लेकर सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, मुंबई में रहने के दौरान तीनों संदिग्धों के बाल बड़े थे, लेकिन कोटा में पकड़े जाने तक उनके बाल छोटे हो चुके थे। उनके कपड़े भी बदले हुए थे। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने ट्रेन में ही अपने बाल काटे और कपड़े बदल लिए, ताकि उनकी पहचान करना मुश्किल हो जाए। बताया गया है कि फायरिंग के बाद तीनों अंधेरी रेलवे स्टेशन पहुंचे। इसके बाद उन्होंने लोकल ट्रेन से सफर किया और दो-तीन स्टेशन बाद उतर गए। फिर ऑनलाइन टैक्सी बुक करके आगे की यात्रा की। टैक्सी के भुगतान को लेकर भी अनिल पंडित की भूमिका सामने आने का दावा किया गया है। पुलिस अब आरोपियों के यात्रा मार्ग, संपर्कों और वारदात के बाद इस्तेमाल किए गए साधनों की जानकारी जुटा रही है।
कौन हैं टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस के 3 संदिग्ध?
राजस्थान के कोटा में हिरासत में लिए गए तीन संदिग्धों की पहचान रेहान उर्फ सुक्का, फूल सिंह और रोशन उर्फ ऋतिक के रूप में बताई गई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, तीनों की उम्र 18 से 22 साल के बीच है। बताया गया है कि रेहान और फूल सिंह मजदूरी करते थे, जबकि ऋतिक रैपिड बाइक चलाता था। ऋतिक को स्थानीय इलाकों की जानकारी होने के कारण उसे इस कथित साजिश में शामिल किया गया। जांच में रेहान के संपर्क का एक और नाम सामने आया है। बताया गया है कि रेहान की मुलाकात सबसे पहले समीर नाम के युवक से हुई थी, जो सोनीपत का रहने वाला बताया जा रहा है। समीर के जरिए ही कथित तौर पर उनकी अनिल पंडित से बात हुई। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि इन लोगों के बीच संपर्क कैसे बना और क्या इस नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल थे।
अमृतसर के व्यापारी पर फायरिंग से भी जुड़ रहे तार?
जांच से जुड़ी जानकारी के मुताबिक, रेहान और फूल सिंह इससे पहले अमृतसर के एक व्यापारी पर भी गोली चलाने की कोशिश कर चुके थे। हालांकि, उस घटना में पिस्टल से गोली नहीं चल पाई थी। इस मामले में समीर की भूमिका भी जांच के दायरे में बताई गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अमृतसर पुलिस ने समीर को हिरासत में लिया है। यदि दोनों घटनाओं के बीच संबंध की पुष्टि होती है, तो जांच का दायरा बढ़ सकता है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या दोनों घटनाओं के पीछे एक ही नेटवर्क था या इनके तार अलग-अलग लोगों से जुड़े हैं।
हथियार कहां गायब हुए?
कोटा पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम के मुताबिक, तीनों संदिग्धों को मुंबई से आ रही ट्रेन से हिरासत में लिया गया। पुलिस को उनके पास से कोई हथियार नहीं मिला। उनके बैग में केवल कपड़े मिलने की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि आरोपियों ने वारदात के बाद हथियार कहीं फेंक दिए होंगे। हालांकि, हथियार बरामद होने तक यह स्पष्ट नहीं है कि उन्हें कहां और कैसे ठिकाने लगाया गया।
पुलिस के सामने अब कई अहम सवाल हैं- फायरिंग में इस्तेमाल हथियार कहां हैं? आरोपियों को पैसे किस माध्यम से दिए गए? क्या अनिल पंडित ही पूरे नेटवर्क को निर्देश दे रहा था? क्या इस साजिश में अन्य लोग भी शामिल थे?
नेपाल भागने की थी योजना
पुलिस के मुताबिक, तीनों संदिग्ध वारदात के बाद ट्रेन से भागे थे। उनकी प्लानिंग जयपुर से दिल्ली तक बस से जाने और फिर सीमा पार करके नेपाल पहुंचने की थी। लेकिन पुलिस ने उन्हें राजस्थान के कोटा में ही हिरासत में ले लिया। फिलहाल इस मामले में तीनों संदिग्धों से पूछताछ और नेटवर्क की जांच अहम है। रिपोर्ट के मुताबिक, तीनों संदिग्धों को 48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर लेने की जानकारी भी सामने आई है। आगे की कार्रवाई में पुलिस उनके संपर्कों, यात्रा के रास्ते और हथियारों के बारे में जानकारी जुटा सकती है।



















