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EWS प्रमाण पत्र पर घिरे डॉक्टर, आय और संपत्ति की जानकारी छिपाने का आरोप; जांच में सामने आईं कई संपत्तियां

छिंदवाड़ा-पांढुर्णा में डॉक्टर डॉ. जितेश गोन्नाडे के EWS प्रमाण पत्र मामले की जांच में आय और संपत्ति की जानकारी छिपाने की अनियमितता सामने आई है। कलेक्टर नीरज कुमार वशिष्ठ ने जांच प्रतिवेदन कलेक्टर हरेन्द्र नारायण को भेजा है। प्रमाण पत्र जारी करने वाले अधिकारी और संबंधित पटवारी पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित है।
EWS प्रमाण पत्र पर घिरे डॉक्टर, आय और संपत्ति की जानकारी छिपाने का आरोप; जांच में सामने आईं कई संपत्तियां

छिंदवाड़ा/पांढुर्णा। मध्य प्रदेश के पांढुर्णा में EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) प्रमाण पत्र को लेकर एक डॉक्टर का मामला जांच के घेरे में आ गया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिराठा में पदस्थ चिकित्सा अधिकारी डॉ. जितेश गोन्नाडे के प्रमाण पत्र से जुड़ी शिकायत की जांच में अनियमितताएं सामने आई हैं। जांच रिपोर्ट के मुताबिक, प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करते समय परिवार की आय तो 7.02 लाख रुपये बताई गई, लेकिन परिवार के नाम दर्ज कई संपत्तियों का उल्लेख नहीं किया गया। कलेक्टर पांढुर्णा नीरज कुमार वशिष्ठ ने जांच प्रतिवेदन कलेक्टर छिंदवाड़ा हरेन्द्र नारायण को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दिया है।

EWS प्रमाण पत्र के लिए बताई थी 7.02 लाख रुपये सालाना आय

जांच के दौरान सामने आया कि डॉ. जितेश गोन्नाडे ने EWS प्रमाण पत्र के आवेदन में परिवार की वार्षिक आय 7 लाख 2 हजार रुपये बताई थी। वहीं, नगरपालिका और राजस्व विभाग के रिकॉर्ड की जांच में डॉक्टर और उनके माता-पिता के नाम पर आवासीय, व्यावसायिक और कृषि संपत्तियां दर्ज मिलीं। जांच प्रतिवेदन में कहा गया है कि इन संपत्तियों का उल्लेख प्रमाण पत्र के आवेदन, शपथ पत्र और जांच के दौरान दिए गए बयानों में नहीं किया गया था।

जांच में सामने आईं आवासीय और कृषि संपत्तियां

तहसीलदार पांढुर्णा की जांच रिपोर्ट के अनुसार, पांढरी वार्ड में 800 वर्गफीट का आवासीय भवन दर्ज पाया गया। इसके अलावा बम्हणी में आवासीय भूमि और देवखापा में डॉक्टर की माता के नाम पर 0.483 हेक्टेयर कृषि भूमि दर्ज होने का उल्लेख है। हालांकि, जांच प्रतिवेदन में बम्हणी की भूमि का रकबा 3921.25 हेक्टेयर लिखा गया है। इस आंकड़े की संबंधित राजस्व अभिलेखों से पुष्टि किया जाना जरूरी है।

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EWS प्रमाण पत्र की पात्रता पर उठे सवाल

नगरपालिका परिषद पांढुर्णा और राजस्व निरीक्षक पांढुर्णा एवं तिगांव से मिली रिपोर्ट के आधार पर जांच में कहा गया है कि डॉ. गोन्नाडे EWS प्रमाण पत्र की पात्रता की शर्तें पूरी नहीं करते थे। प्रतिवेदन के अनुसार, उन्हें 31 जनवरी 2023 को जारी प्रमाण पत्र केवल वर्ष 2022-23 तक मान्य था। वर्ष 2023 में प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए किए गए आवेदन के दौरान उनकी पात्रता को लेकर सवाल उठे हैं।

प्रमाण पत्र जारी करने वाले अधिकारी और पटवारी पर भी कार्रवाई प्रस्तावित

जांच प्रतिवेदन में शिकायत को सही पाए जाने का उल्लेख किया गया है। इसमें आरोप लगाया गया है कि डॉक्टर ने अपनी और परिवार की आय तथा संपत्ति से जुड़ी जानकारी छिपाकर EWS प्रमाण पत्र प्राप्त किया। मामले में प्रमाण पत्र जारी करने वाले अधिकारी और संबंधित पटवारी के खिलाफ भी अलग से अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की गई है। फिलहाल जांच रिपोर्ट कलेक्टर छिंदवाड़ा को भेजी गई है। आगे की कार्रवाई संबंधित प्रशासनिक स्तर पर की जाएगी।

Shyam Sahu
By Shyam Sahu

छिंदवाड़ा के वरिष्ठ पत्रकार हैं। 25 वर्षों का अनुभव अपने क्षेत्र में शासन प्रशासन की खबरें पाठकों त...

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