Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

दिग्गजों को सौंपा रूठे और निष्क्रिय नेता-कार्यकर्ताओं को मनाने का टास्क

भाजपा का क्राइसिस मैनेजमेंट : तोमर-सिंधिया, ताई सहित 25 नेता करेंगे मनुहार
Follow on Google News
दिग्गजों को सौंपा रूठे और निष्क्रिय नेता-कार्यकर्ताओं को मनाने का टास्क

भोपाल। विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी भाजपा के सामने अपने नाराज, पुराने और हाशिए पर आ गए नेता- कार्यकर्ताओं को मनाने की चुनौती भी बनी हुई है। इनके अलावा कुछ ऐसे पदाधिकारी और निगम-मंडल अध्यक्ष भी हैं जिनकी चुनावी कामकाज में सक्रियता संदिग्ध है। चुनाव प्रबंधन सहित अन्य समितियों के साथ ही सत्तासं गठन के करीब 25 दिग्गज नेताओं को मान-मनौवल का टास्क सौंपा गया है। इनमें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर व ज्योतिरादित्य सिंधिया से लेकर प्रभात झा सहित संगठन के कई वरिष्ठ नेता भी शामिल हैं।

प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भोपाल और शहडोल में एक सप्ताह के दौरान दो कार्यक्रम होने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी तीन सप्ताह में 3 बार मप्र आकर सत्तासं गठन के नेताओं के साथ बड़ी मैराथन बैठकें कर चुके हैं। हाईकमान ने मिशन 2023 को लेकर चुनाव प्रबंधन की कमान अपने हाथ में ले ली है। चुनाव प्रबंधन समिति प्रमुख केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, चुनाव प्रभारी केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के अलावा प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव और भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश के प्रवास भी बढ़ गए हैं। इन नेताओं के साथ ही प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं को अलग- अलग अंचलों के रूठे और निष्क्रिय कार्यकर्ताओं की मान-मनौवल का काम भी सौंपा गया है।

चर्चा कर सौंपेगे जवाबदारी : क्राइसिस मैनेजमेंट के तहत संगठन के विभिन्न मोर्चा-प्रकोष्ठ, नगरीय निकाय, पूर्व मंत्री-विधायक और पदाधिकारी, ग्राम,जनपद और जिला पंचायत के पदाधिकारी, मंडल, जिला और संभाग के पदाधिकारियों से अलग-अलग नेता संपर्क करेंगे। प्रकोष्ठों के साथ ही युवा, किसान, महिला, अल्पसंख्यक, ओबीसी, एसटी और एससी मोर्चा के लिए भी अलग-अलग नेताओं की ड्यूटी लगाई गई है। ये सभी बूथ स्तरीय कार्यकर्ताओं से वरिष्ठ, उम्रदराज नेता और पूर्व मंत्री- पदाधिकारियों से भी सत्ता-संगठन के ये नेता संवादसं पर्क करेंगे। ये नेता इन सभी से फोन पर संपर्क एवं रूबरू मुलाकात के अलावा बैठकें भी आयोजित करेंगे। मेल-मुलाकात के दौरान उन्हें चुनाव से जुड़े कामकाज की जवाबदारी सौंपी जाएगी।

कमजोर-हारी हुई सीटों पर ज्यादा मशक्कत

भाजपा संगठन खास तौर पर ऐसी सीटों को लेकर ज्यादा संवेदनशील है जहां पिछले चुनाव में हार-जीत का फासला बहुत कम रहा था। इनमें ग्वालियर- चंबल, मालवा और विंध्य अंचल की कई सीटें हैं। इन इलाकों में मैदानी कार्यकर्ताओं और ऐसे नेताओं को चिन्हित किया गया है जो नाराज चल रहे हैं। बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को खुश करने और उत्साहित करने के लिए केंद्रीय मंत्रियों और बड़े नेताओं से उनकी भेंट-मुलाकात के कार्यक्रम भी बनाए जा रहे हैं।

इन्हें सौंपी मान-मनौवल की जवाबदारी

मुख्यमंत्री चौहान, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शर्मा, केंद्रीय मंत्रियों में तोमर, सिंधिया, भूपेंद्र यादव, अश्विनी वैष्णव के अलावा प्रहलाद पटेल, वीरेंद्र कुमार, फग्गन सिंह कुलस्ते भी शामिल हैं। राष्ट्रीय पदाधिकारियों में कैलाश विजयवर्गीय, लाल सिंह आर्य और ओमप्रकाश धुर्वे। सांसदों में राकेश सिंह, गणेश सिंह, कविता पाटीदार, ढाल सिंह बिसेन और उदय प्रताप सिंह। प्रदेश के मंत्रियों में डॉ.नरोत्तम मिश्रा और भूपेंद्र सिंह को जवाबदारी सौंपी गई है। वरिष्ठ नेताओं में कृष्णमुरारी मोघे, माखन सिंह, सुमित्रा महाजन, सत्यनारायण जटिया, जयभान सिंह पवैया एवं माया सिंह भी शामिल हैं।

Javedakhtar Ansari
By Javedakhtar Ansari

Latest Posts