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Telegram Ban : नीट री-एग्जाम से पहले Telegram पर रोक जारी रहेगी, दिल्ली HC ने खारिज की याचिका

टेलीग्राम की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ध्रुव मेहता ने अदालत में कहा कि किसी एक घटना के आधार पर पूरे प्लेटफॉर्म को ब्लॉक करना उचित नहीं है। कंपनी ने दावा किया कि 9 जून को अधिकारियों से जानकारी मिलने के एक घंटे के भीतर प्रतिबंधित सामग्री हटा दी गई थी।
नीट री-एग्जाम से पहले Telegram पर रोक जारी रहेगी, दिल्ली HC ने खारिज की याचिका

दिल्ली हाईकोर्ट ने मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम को बड़ी राहत देने से इनकार करते हुए केंद्र सरकार के उस फैसले को बरकरार रखा है, जिसके तहत NEET-UG री-एग्जाम को देखते हुए ऐप पर 22 जून तक अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया है। कोर्ट ने टेलीग्राम की याचिका खारिज करते हुए कहा कि परीक्षा की निष्पक्षता और सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

कोर्ट ने सरकार के फैसले को सही माना

मामले की सुनवाई जस्टिस तेजस कारिया की वेकेशन बेंच ने की। गुरुवार को सुनवाई पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया गया था, जिसे बाद में सुनाते हुए कोर्ट ने केंद्र सरकार के प्रतिबंध को उचित ठहराया। अदालत ने माना कि NEET री-एग्जाम जैसे संवेदनशील मामले में एहतियाती कदम उठाना जरूरी है, इसलिए 22 जून तक टेलीग्राम पर रोक जारी रहेगी।

हालांकि सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सरकार से यह भी पूछा था कि कुछ परीक्षार्थियों की संभावित गलत गतिविधियों के कारण 15 करोड़ से अधिक टेलीग्राम यूजर्स के अधिकारों पर रोक कैसे लगाई जा सकती है।

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सरकार ने गिनाए सुरक्षा से जुड़े खतरे

केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत में कहा कि टेलीग्राम का दुरुपयोग पेपर लीक, साइबर अपराध, वित्तीय धोखाधड़ी, आतंकवाद से जुड़े नेटवर्क और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में किया जा रहा है।

सरकार ने अपने हलफनामे में दावा किया कि टेलीग्राम पर एक अकाउंट से 40 बॉट बनाए जा सकते हैं, जबकि व्हाट्सएप में ऐसी सुविधा सीमित है। इसके अलावा प्लेटफॉर्म की क्लाउड आधारित संरचना के कारण अपराधियों की पहचान करना मुश्किल हो जाता है। सरकार ने कहा कि बड़े चैनलों के लाखों सदस्यों को कुछ सेकंड में दूसरे चैनल पर ट्रांसफर किया जा सकता है, जिससे गलत सूचना और अवैध सामग्री तेजी से फैल सकती है। सरकार ने यह भी आरोप लगाया कि टेलीग्राम पर संदेशों की तारीख और समय में बदलाव किया जा सकता है। 2024 में कथित तौर पर परीक्षा के बाद अपलोड किए गए प्रश्नपत्र को पहले की तारीख दिखाकर वायरल किया गया था।

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टेलीग्राम ने कहा- 900 से ज्यादा लिंक हटाए

टेलीग्राम की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ध्रुव मेहता ने अदालत में कहा कि किसी एक घटना के आधार पर पूरे प्लेटफॉर्म को ब्लॉक करना उचित नहीं है। कंपनी ने दावा किया कि 9 जून को अधिकारियों से जानकारी मिलने के एक घंटे के भीतर प्रतिबंधित सामग्री हटा दी गई थी।

टेलीग्राम के अनुसार, उसने NEET से जुड़ी अवैध सामग्री वाले 900 से अधिक लिंक हटाए हैं। कंपनी ने कहा कि वह AI, मशीन लर्निंग और मैन्युअल मॉडरेशन के जरिए नियमों के उल्लंघन पर निगरानी रखती है।

पेपर लीक के बाद रद्द हुई थी परीक्षा

NEET-UG 2026 परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी, जिसमें करीब 23 लाख छात्र शामिल हुए थे। परीक्षा के बाद कई राज्यों से पेपर लीक और अनियमितताओं की शिकायतें सामने आईं। जांच में गड़बड़ियों के संकेत मिलने पर NTA ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी थी। इसके बाद केंद्र सरकार ने दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया, जिसे सुरक्षित और निष्पक्ष बनाने के लिए टेलीग्राम पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया है।

Aakash Waghmare
By Aakash Waghmare

आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...Read More

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